देश और विदेश के छात्रों ने जाना गणितीय तर्क:दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, जर्मनी, चीन और अमेरिका के छात्र ऑनलाइन जुड़े, IIT कानपुर में शुरू हुई वर्कशॉप

कानपुर6 महीने पहले
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आईआईटी कानपुर में शुरू हुई इंडियन स्कूल ऑफ लॉजिक एंड एप्लिकेशन पर सात दिवसीय वर्कशॉप - Dainik Bhaskar
आईआईटी कानपुर में शुरू हुई इंडियन स्कूल ऑफ लॉजिक एंड एप्लिकेशन पर सात दिवसीय वर्कशॉप

आईआईटी के गणित विभाग की ओर से इंडियन स्कूल ऑफ लॉजिक एंड एप्लिकेशन पर एक वर्कशॉप आयोजित की गई, जिसमें देश और विदेश के छात्रों व शोधार्थियों ने गणितीय तर्क को जाना। इस वर्कशॉप में गणित के अनछुए पहलुओं पर चर्चा की। उनका भविष्य में किस तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है, इस पर विचार विमर्श हुआ। यह वर्कशॉप सात दिन तक चलेगी। डीन एकेडमिक प्रो शलभ ने वर्कशॉप का उद्घाटन किया।

प्रो शलभ के साथ आईआईटी कानपुर के छात्र जो वर्कशॉप में हिस्सा लिया।
प्रो शलभ के साथ आईआईटी कानपुर के छात्र जो वर्कशॉप में हिस्सा लिया।

गणितीय तर्क के महत्व को समझाया
वर्कशॉप में प्रो शलभ ने एक मौलिक विषय के रूप में गणितीय तर्क के महत्व पर प्रकाश डाला और इस विषय के बारे में जागरूकता और ज्ञान फैलाने के प्रयासों की सराहना की। इस मौके पर विभागाध्यक्ष प्रो महुआ बनर्जी ने कहा कि यह विभाग देश के उन गिने-चुने गणित विभागों में से एक है जो गणितीय तर्क पर एक अनिवार्य पाठ्यक्रम प्रदान करता है। निक बेजानिशविली (एम्स्टर्डम विश्वविद्यालय), मार्कस ट्रेसल (मैनचेस्टर विश्वविद्यालय), सुजाता घोष (आईएसआई चेन्नई), डॉ. महुआ बनर्जी, डॉ. अमित कुबेर और डॉ. पूर्बिता जाना (आईआईटी कानपुर) और दो छात्रों, दीपांकर मैती (आईआईएसईआर पुणे) और अनिमेष रेनांस (आईआईटी गुवाहाटी) समेत कई विशेषज्ञों के व्याख्यान होंगे। दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, जर्मनी, चीन और अमेरिका के छात्र ऑनलाइन जुड़े। यह इंडियन स्कूल ऑफ लॉजिक एंड एप्लिकेशन की नौवीं कार्यशाला है।

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