एचबीटीयू में पीएचडी पूरी होने तक देनी होगी फीस:27 को दीक्षा समारोह में छात्रों को मिलेगी डिग्री और पदक

कानपुरएक महीने पहले
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हरकोर्ट बटलर प्रोद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर - Dainik Bhaskar
हरकोर्ट बटलर प्रोद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर

एचबीटीयू में भी प्रोफेसरों को अपने अंडर में पीएचडी कराना अनिवार्य कर दिया है। लेकिन अब छात्रों की जब तक पीएचडी खत्म नहीं हो जाती तब तक उनको फीस देनी पड़ेगी। अभी तक छात्र केवल तीन साल की फीस जमा करते थे। लेकिन देखा गया है कि पीएचडी खत्म करने में 5 से 6 साल का वक्त लग जाता था। यह फैसला एकेडमिक काउंसिल की बैठक में लिया गया।

देश के साथ साथ विदेशी छात्रों के लिए बढ़ाई एचबीटीयू सीटें...
बाहरी राज्यों के विद्यार्थियों और विदेशी छात्र-छात्राओं के लिए भी पांच-पांच फीसदी सीटें हर कोर्स में बढ़ाई जा रही हैं। साथ ही तय हुआ है कि पहली बार एमटेक कोर्स के तीन सर्वश्रेष्ठ छात्रों को दीक्षा समारोह में मेडल प्रदान किए जाएंगे। विवि के कुलपति प्रो शमशेर ने बताया कि एकेडमिक काउंसिल की बैठक में लेदर टेक्नोलॉजी, बायोकेमिकल इंजीनियरिंग व फूड टेक्नोलॉजी समेत जिन कोर्सों में छात्रों के कम प्रवेश होने की बात सामने आई है, उनकी नए सिरे से समीक्षा करने के लिए कहा गया है। इन कोर्सों में शिक्षण व्यवस्था के साथ ही प्लेसमेंट का स्तर भी सुधारा जाएगा। एमएससी में एडमिशन नेशनल एंट्रेंस एग्जाम के साथ ही अब विवि अपने स्तर पर भी विज्ञापन जारी करके लेगा। उन्होंने बताया कि इस वर्ष प्लेसमेंट का स्तर पर अब तक संतोष जनक है। करीब 50 फीसद छात्रों को जाब आफर हुई है। आने वाले सालों में प्लेसमेंट को बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।

छात्रों को मिलेगी डिग्री, 49 को पदक...
27 दिसंबर को विवि के दीक्षा समारोह की तैयारियों को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई है। कुलपति ने आगे बताया, इसमें मेडल पाने वाले ग्रेजुएशन के 46 छात्र-छात्राओं के नामों की लिस्ट फाइनल कर दी गयी है। एमटेक कोर्स करने वाले तीन छात्रों को मेडल दिया जाएगा। साथ ही कुल 460 छात्र-छात्राओं को डिग्री दी जाएगी। कुलाधिपति का गोल्ड मेडल बीटेक फूड टेक्नोलॉजी की सुमैया फातिमा को दिया जाएगा।

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