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कानपुर में गंगा में बंद हो चुके नालों की हकीकत:PM ने जिस अटल घाट का किया था इनॉग्रेशन, उससे 100 मीटर की दूरी पर नदी की तरह गंगा में गिर रहा टैप नाला

कानपुर3 महीने पहले
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टैप हो चुका परमिया नाला सीसामऊ नाले की तरह बनकर गंगा में रोजाना 5 करोड़ लीटर से ज्यादा गंदगी प्रवाहित कर रहा है। - Dainik Bhaskar
टैप हो चुका परमिया नाला सीसामऊ नाले की तरह बनकर गंगा में रोजाना 5 करोड़ लीटर से ज्यादा गंदगी प्रवाहित कर रहा है।

गंगा में गिर रहे एशिया के सबसे बड़े 126 साल पुराने सीसामऊ नाले को टैप कर सरकार ने भले ही वाहवाही लूट ली हो। पीएम नरेंद्र मोदी से लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ तक ने इसको बंद करने का श्रेय लूटा हो। लेकिन 2 साल बाद हकीकत ये है कि सीसामऊ नाला आज भी गंगा में गिर रहा है, बस नाले से गंदगी गिरने का प्रवाह कम हो गया है। लेकिन इसकी बजाय अब एक और परमिया नाला सीसामऊ नाले की तरह बनकर गंगा में रोजाना 5 करोड़ लीटर से ज्यादा गंदगी प्रवाहित कर रहा है। कमाल ये है कि ये नाला नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत टैप किया जा चुका है।

टैप नाले भी गंगा में गिर रहे
नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत गंगा में गिरने वाले 6 नाले 63 करोड़ रुपए से टैप किए गए थे। दैनिक भास्करर ने जब इन नालों की पड़ताल की तो पता चला कि टैप नाले भी धड़ल्ले से गंगा में रोजाना करोड़ों लीटर प्रदूषित पानी जा रहा है। परमट नाला भी गंगा में रोजाना गिर रहा है, जबकि इसे भी टैप किया जा चुका है। नवाबगंज, म्योर मिल, गुप्तारघाट और डबका नाला भी धड़ल्ले से गंगा में गंदगी प्रवाहित कर रहे हैं। क्षेत्रीय लोग भी इसको लेकर अब काफी गुस्से में है। क्योंकि बदबू और गंदगी के बीच अब उन्हें फिर से जीना पड़ रहा है। वहीं टेंप्रेरेरी तौर पर टैप किए गए 5 नाले भी गंगा में रोजाना करोड़ों लीटर प्रदूषित पानी प्रवाहित कर रहे हैं।

कागजों में बंद हकीकत में गिर रहा सीसामऊ नाला।
कागजों में बंद हकीकत में गिर रहा सीसामऊ नाला।

पीएम ने किया था इनॉग्रेशन
पीएम नरेंद्र मोदी ने 15 दिसंबर 2019 को नमामि गंग के तहत बने अटल घाट का इनॉग्रेशन किया था। तब पीएम, सीएम और कई स्टेट के मुख्यमंत्रियों ने बोट से टैप हो चुके नालों को निरीक्षण किया था। भाजपा की फायर ब्रांड नेता उमा भारती ने सीसामऊ नाले को लेकर कहा था कि जब तक ये नाला टैप नहीं होगा, वो चैन से नहीं बैठेंगी। लेकिन वाहवाही लूटने के बाद अब नेताओं ने इस तरफ ध्यान देना छोड़ दिया है।

रामेश्वरघाट नाला से भी गंगा में जा रहा सीवर का पानी।
रामेश्वरघाट नाला से भी गंगा में जा रहा सीवर का पानी।

पीएम और सीएम ने ली थी सेल्फी
जब इस नाले को टैप किया गया तो पीएम नरेंद्र मोदी ने इस नाले का स्वयं निरीक्षण किया और यहां सेल्फी भी ली। सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी यहां खड़े होकर सेल्फी ली थी। तब दावा किया गया था कि नाले से एक बूंद भी प्रदूषित पानी का डिस्चार्ज गंगा में नहीं होगा। लेकिन गंगा में फिर से ये नाले गिरने लगे हैं। बता दें कि गंगा को साफ करने के लिए 150 अरब रुपए से ज्यादा की रकम खर्च की जा चुकी है।

सरकार से नहीं मिला पैसा
मामले में जल निगम की गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के प्रोजेक्ट मैनेजर ज्ञानेंद्र चौधरी ने बताया कि पीएम की विजिट के चलते 5 नाले टेंप्रेरेरी टैप किए गए थे। 2.43 करोड़ रुपए का बजट शासन को भेजा गया था, लेकिन पैसा नहीं मिला है। पेमेंट न मिलने से कंपनी ने भी काम बंद कर दिया है। प्रोजेक्ट मैनेजर थर्ड मो. अहसान ने बताया कि बनियापुर एसटीपी शुरू नहीं हुआ है, इसके चलते परमिया नाला ओवरफ्लो हो रहा है। सीसामऊ नाला में बेनाझाबर से बैक वॉश का पानी आता है, काम चल रहा है।

ये है सीसामऊ नाले का इतिहास

  • 1892 में सीसामऊ नाला अंग्रेजों ने बनवाया था
  • 14 करोड़ लीटर रोजाना सीवेज गिरता था गंगा में
  • 40 परसेंट प्रदूषित पानी अकेले गंगा में छोड़ रहा था
  • 15 लाख आबादी का प्रदूषित पानी आता था

ये नाले किए गए थे टैप

  • सीसामऊ नाला
  • परमिया नाला
  • नवाबगंज नाला
  • म्योरमिल नाला
  • गुप्तारघाट नाला
  • डबका नाला

टेंप्रेरेरी टैप नाले भी गंगा में गिर रहे

  • रामेश्वर घाट नाला
  • रानीघाट नाला
  • गोला घाट नाला
  • सत्तीचौरा नाला
  • मैस्कर घाट नाला
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