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  • The Account Of The Missing Battery Will Also Be Taken In The Last Days, UPCA Officials Are Unaware, 400 Liters Of Diesel Disappeared In A Day. Kanpur

अब ग्रीन पार्क में डीजल चोरी की निगरानी करेगा सीसीटीवी:पिछले दिनों गायब हुई बैटरी का भी लिया जायेगा हिसाब, यूपीसीए के अधिकारी है बेख़बर, एक दिन में 400 लीटर डीजल हुआ गायब

कानपुरएक महीने पहले
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ग्रीन पार्क कानपुर - Dainik Bhaskar
ग्रीन पार्क कानपुर

ग्रीन पार्क में फ्लड लाइट समेत अन्य कार्यों के लिए प्रयोग किए जाने वाले डीजल की खरीद फरोख्त में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। इस मामले के सामने आने के बाद अधिकारियों ने तत्काल प्रभाव से वहां लगे गार्डों को हरकत में लाने के अलावा चोरी को रोकने के लिए अन्य विकल्प के ऊपर भी ध्यान देना शुरू कर दिया है। उत्तर प्रदेश क्रिकेट संघ के आला अधिकारियों ने डीजल में चोरी को रोकने के हर संभव प्रयास भी शुरू कर दिए हैं। साथ ही फ्लड लाइट के लिए लगी बैटरी भी अभी हाल ही में चोरी हुई थी उसके लिए भी हल ढूंढना शुरू कर दिया है। बुधवार देर शाम हुई बैठक में ग्रीन पार्क स्टेडियम के चप्पे चप्पे में सीसीटीवी कैमरा इनस्टॉल करने का फैसला किया गया है। जो काफी दिनों से पाइपलाइन में पड़ा था।

सीसीटीवी से रखेंगे चोरो पर नजर...
सीसीटीवी के जरिए अब उस पर निगरानी रखी जाएगी हालांकि यूपीसीए और खेल विभाग मिलकर संयुक्त रूप से इसपर कार्य करेंगे। अभी हाल ही में ग्रीन पार्क स्टेडियम में टेस्ट मैच की तैयारियों के लिए फ्लड-लाइट जलवाने के लिए भी लगभग 400 लीटर डीजल खरीदने की बात सामने आयी थी। लेकिन उसके बाद ही मैदान पर रोलर व ग्रास कटिंग मशीन चलाने के लिए एक बार फिर से डीजल खरीदे जाने के लिए अर्जी दाखिल की गयी, तब ग्रीन पार्क प्रशासन को इसके बारे में समझ आया। की यहां तो डीजल की चोरी हो रही है।

खेल विभाग और पेट्रोल पंप के लोग मिले हुए है...
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अब तक जो भी डीजल आया है, वो फ्लड लाइट के लिए इस्तेमाल नहीं हुआ। जो मैच चल रहे है, उनका बजट अलग है और उसके डीजल से ही फ्लड लाइट जल रही है। माना यह जा रहा है कि जो भी डीजल के लिए अर्जी दोबारा दी गई थी उसे यूपीसीए ने रिजेक्ट कर दिया है। साथ ही खेल विभाग के निदेशक को अल्टीमेटम जारी कर जल्द से जल्द स्टेडियम उनके हाथों में देने के निर्देश जारी किया है। आपको बता दें कार्य लिए नियुक्त कर्मचारी भी यूपीसीए का नही है और पेट्रोल पंप वाले से उसकी मिली भगत के चलते पर्ची खरीद से कई गुना अधिक की मिल जाती है। यहां तक की जेनरेटर रूम के भीतर भी यूपीसीए के किसी सदस्य को जाने की अनुमति नहीं दी जाती है और खुलने से लेकर उसे बंद किए जाने तक चाभी भी किसी खास व्यक्ति के पास ही सुरक्षित रहती है।

पूरा खेल मुद्रिका पाठक का...
इस बीच जब ग्रीन पार्क की खेल निदेशक मुद्रिका पाठक से बात कि तो उन्होंने बोला, जी मैंने डीजल की चोरी की है, जो करते बने कर लो। ग्रीन पार्क मई मेरी चलेगी, तेरी नहीं। ऐसा कह कर पार्क से निकलने की तत्काल धमकी दे डाली। आपको बता दे यूपीसीए के अंडर मई भले ही यह ग्राउंड हो लेकिन यहां कौन अंदर आएगा वो मुद्रिका पाठक ही तय करती है। इनका विवादों से पुराना नाता है।

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