पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

कानपुर में 36 अफसरों-कर्मियों पर एक्शन:शादी अनुदान और पारिवारिक लाभ योजना के 1800 लाभार्थियों के पते फर्जी निकले; कई ऐसे जिनकी बेटियां भी नहीं

कानपुर25 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
शादी अनुदान योजना और पारिवारिक लाभ योजना में 1800 से अधिक ऐसे लोगों को पात्र बनाया गया, जिनका पता ही फर्जी था। - Dainik Bhaskar
शादी अनुदान योजना और पारिवारिक लाभ योजना में 1800 से अधिक ऐसे लोगों को पात्र बनाया गया, जिनका पता ही फर्जी था।
  • 3 उप निदेशक, एक अल्पसंख्यक अधिकारी व 3 पीसीएस अफसरों पर हुई कार्रवाई
  • 7 कानूनगो और 19 लेखपालों पर कार्रवाई के लिए डीएम ने एसडीएम को दिए आदेश

शादी अनुदान में 6 करोड़ रुपए से ज्यादा के हुए घोटाले में डीएम आलोक तिवारी ने कार्रवाई कर दी है। मामले में एक अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, एक उप निदेशक, एक लिपिक, पिछड़ा वर्ग कल्याण के 2 उप निदेशक, एक लेखाकार को दोषी माना है। इसके साथ ही पारिवारिक लाभ घोटाले में शामिल 2 नायब तहसीलादार, तत्कालीन एसीएम-2 पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने बुधवार देर रात सभी पर कार्रवाई के लिए संस्तुति कर दी है। बता दें कि बता दें कि शादी अनुदान योजना और पारिवारिक लाभ योजना में 1800 से अधिक ऐसे लोगों को पात्र बनाया गया, जिनका पता ही फर्जी था।

19 लेखपाल होंगे सस्पेंड
ममाले में डीएम ने एसडीएम सदर को भी आदेश दिए हैं कि 7 कानूनगो के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई और 19 लेखपालों को सस्पेंड किया जाए। इस घोटाले में समाज कल्याण अधिकारी अमरजीत सिंह को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है। जांच के लिए एडीएम सप्लाई डा. बसंत अग्रवाल की अध्यक्षता में 3 सदस्यीय कमेटी बनाई गई थी।

जिनकी बेटियां नहीं, वे भी बने पात्र
मामले का खुलासा होने के बाद कमेटी ने 51 अफसरों को घर-घर सत्यापन की जिम्मेदारी दी गई थी। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद पता चला कि 1800 से अधिक ऐसे लोग हैं, जो पात्र ही नहीं हैं। कई ऐसे भी थे जिनकी बेटियां भी नहीं हैं। फैक्ट्री और दुकान के पते पर लोगों का मकान दिखाकर उन्हें योजना का लाभ दिया गया। 1106 लोगों ने गलत पते दिखाकर पारिवारिक लाभ योजना और 702 लोगों ने शादी अनुदान योजना का गलत पते दिखाकर लाभ लिया।

योजनाओं का ये है लाभ

  • 20 हजार रुपए गरीबों की बेटियों की शादी के लिए सरकार देती है।
  • 30 हजार रुपए पारिवारिक लाभ योजना के तहत मृतक के आश्रित को मिलते हैं।