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कानपुर में श्रीलक्ष्मी कॉटसिन के ठिकानों पर CBI की छापेमारी:6 हजार करोड़ की डिफॉल्टर है कम्पनी, कई ठिकानों पर चल रही कार्रवाई, एक समय में डेनिम कपड़ों का था बड़ा कारोबार

कानपुर4 महीने पहले
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कृष्णापुरम स्थित श्रीलक्ष्मी कॉटसिन का मुख्यालय, जहां चल रही है सीबीआई की कार्रवाई। - Dainik Bhaskar
कृष्णापुरम स्थित श्रीलक्ष्मी कॉटसिन का मुख्यालय, जहां चल रही है सीबीआई की कार्रवाई।

शनिवार को सीबीआई की टीम ने कानपुर में बड़े कारोबारी के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। 6 हजार करोड़ की डिफाल्टर कम्पनी श्री लक्ष्मी कॉटसिन के सभी ठिकानों पर सीबीआई की कई टीमों ने छापा मारा। कम्पनी के मुख्यालय कानपुर के कृष्णापुरम और फतेहपुर के मलवां स्थित प्लांट्स में सीबीआई टीम जांच में जुटी हुई है।

बड़ी डिफाल्टर कंपनी
1993 में शुरू हुई कम्पनी ने 2010 में टेक्निकल टेक्सटाइल में एक हजार करोड़ से अपने कारोबार को दो गुना करने का फैसला लिया था। शेयर बाजार और बैंक से ली गयी रकम को कम्पनी आज तक वापस ही नही कर पाई है। कानपुर की रोटोमैक ग्लोबल और फ्रॉस्ट इंटरनेशनल के बाद श्रीलक्ष्मी कॉटसिन कानपुर की तीसरी कंपनी है। लेकिन डिफाल्टर होने वाली रकम के मामले में सबसे बड़ी कंपनी है।

रक्षा उत्पादों में करती थी डील
कंपनी ने बुलेटप्रूफ जैकेट्स के अलावा कई प्रतिरक्षा उत्पाद भी बनाती है। सेना के वाहनों के लिए ब्लास्टप्रूफ कपड़े भी बनाए। 2005-06 में कंपनी डेनिम कपड़े के उत्पादन में उतरी। इसके लिए बैंकों से करीब 85 करोड़ रुपए का लोन लिया गया। सफलता मिलने में रुड़की और हरियाणा में भी यूनिटें लगाई गईं। 2006 में कंपनी ने अपनी उत्पादन क्षमता दोगुनी कर दी।

सेंट्रल बैंक से 693 करोड़ रुपए कर्ज
2010 में टेक्निकल टेक्सटाइल के उत्पादन के लिए सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से 693 करोड़ रुपए कर्ज लिया। इसके बाद कंपनी ने इक्विटी बाजार से 200 करोड़ और कंपनी ने अपना 100 करोड़ रुपए के निवेश का खाका तैयार किया।
श्रीलक्ष्मी कॉटसिन का मुख्यालय कृष्णापुरम में है और प्लांट फतेहपुर, हरियाणा, नोएडा,उत्तराखंड में हैं। 3 साल पहले डिफाल्टर घोषित श्रीलक्ष्मी कॉटसिन के अधिग्रहण के लिए 2 विदेशी कंपनियों से बात चल रही थी, लेकिन उनके इनकार के बाद महाराष्ट्र की नामी कंपनी वेलस्पन ने रुचि ली थी, लेकिन यहां भी बात नहीं बनी।

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