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जलकल स्टाफ क्वार्टर को मेट्रो ने बनवाया, महापौर ने तुड़वाया:महापौर ने कहा अवैध तरीके से मेट्रो ने कमरों का निर्माण करवाया, मेट्रो ने कहा हमने तोड़ा था तो बना रहे थे, 3 महीने का किराया भी दिया

कानपुर2 महीने पहले
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जून-2021 में कानपुर मेट्रो ने निर्माण के लिए बेनाझाबर के पास स्थित अंबेडकर बस्ती और पास ही स्थित जलकल के स्टाफ क्वार्टर को तोड़ा था। - Dainik Bhaskar
जून-2021 में कानपुर मेट्रो ने निर्माण के लिए बेनाझाबर के पास स्थित अंबेडकर बस्ती और पास ही स्थित जलकल के स्टाफ क्वार्टर को तोड़ा था।

कानपुर मेट्रो और नगर निगम के बीच सोमवार को नया विवाद खड़ा हो गया। मेट्रो निर्माण कार्य के लिए जून में 30 मकानों को तोड़ा था। 2 महीने बाद काम पूरा होने के बाद मेट्रो उन्हीं मकानों का निर्माण करा रहा था। लेकिन महापौर ने करीब 15 मकानों को अवैध बताकर उन पर जेसीबी चलवा दी। इससे एक नया विवाद खड़ा हो गया है।

अवैध निर्माण मेट्रो नहीं करता
जून-2021 में कानपुर मेट्रो ने निर्माण के लिए बेनाझाबर के पास स्थित अंबेडकर बस्ती और पास ही स्थित जलकल के स्टाफ क्वार्टर को तोड़ा था। कानपुर मेट्रो अब उन्हीं का निर्माण करा रहा था। कानपुर मेट्रो के उपमहाप्रबंधक पीआर पंचानन मिश्रा ने बताया कि बस्ती और जलकल के स्टाफ क्वार्टर को तोड़ा गया था।

सभी मकानों का तोड़ने से पहले निवासियों का बिजली बिल और आधार कार्ड लेकर उनको 3 महीने का किराया भी दिया गया था। इसमें जलकल के स्टाफ क्वार्टर में रहने वाले लोग भी शामिल हैं। मेट्रो पॉलिसी के तहत सभी के तोड़ने के बाद मेट्रो सभी मकानों को बना रही थी। मकानों को तोड़ते वक्त नगर निगम ने कोई आपत्ति नहीं की थी। ऐसे में मेट्रो की कोई जिम्मेदारी नहीं बनती है। किसी भी तरह का अवैध निर्माण मेट्रो नहीं करती है।

महापौर ने अपने सामने गिरवाया पूरा निर्माण।
महापौर ने अपने सामने गिरवाया पूरा निर्माण।

स्टाफ क्वार्टर को तोड़ा गया
सोमवार को महापौर प्रमिला पांडेय को बताया गया कि यूपी मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने जलकल विभाग की जमीन पर अवैध रूप से करीब 10 कमरों का निर्माण करा लिया है। जलकल कर्मियों के आवास से लेकर अपर नगर आयुक्त प्रथम के आवास तक हुए अवैध निर्माण की जानकारी पर महापौर ने नगर निगम और जलकल विभाग के अफसरों को तलब कर लिया।

इसके बाद प्रवर्तन प्रभारी आलोक नारायण, जलकल विभाग के जीएम नीरज गौड़ और सचिव आनंद त्रिपाठी के साथ वह मौके पर पहुंची। महापौर ने मौके पर पाया कि यहां पर कमरों के निर्माण से ट्रैफिक भी बाधित हो रहा है। इस पर महापौर ने अपने सामने ही जेसीबी लगवाकर किए जा रहे निर्माण को ध्वस्त करा दिया।

ज्यादातर कर्मी हो गए रिटायर
जलकल के स्टाफ क्वार्टर में रहने वाले ज्यादातर रिटायर्ड कर्मचारी हैं। वहीं कानपुर मेट्रो को नवंबर-21 में ट्रायल रन करना है। इस नए विवाद से मेट्रो का काम प्रभावित हुआ तो ट्रायल रन में देरी हो सकती है। इस विवाद को लेकर कानपुर मेट्रो प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। क्योंकि इस विवाद के बाद मेट्रो प्रशासन नगर निगम और क्वार्टर में रहने वाले लोगों के बीच फंस गया है।

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