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कानपुर के परमट मंदिर के तीन पूर्व कर्मचारियों पर FIR:जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर बोले- गोशाला के महंतों को धमकाया फिर 14 दानपात्र और सोना-चांदी लूट ले गए थे

कानपुर23 दिन पहले
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जूना अखाड़ा के राष्ट्रीय महामंत्री व महामंडलेश्वर महंत प्रेम गिरि के मुताबिक आनंदेश्वर मंदिर परमट, श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा की संपत्ति है। - Dainik Bhaskar
जूना अखाड़ा के राष्ट्रीय महामंत्री व महामंडलेश्वर महंत प्रेम गिरि के मुताबिक आनंदेश्वर मंदिर परमट, श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा की संपत्ति है।

कानपुर में परमट मंदिर के 3 पूर्व कर्मचारियों के खिलाफ बलवा, लूट, गाली-गलौज और धमकी देने के आरोप में केस दर्ज किया गया है। यह केस श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा के राष्ट्रीय महामंत्री और महामंडलेश्वर महंत प्रेम गिरि ने ग्वालटोली थाने में बुधवार देर रात दर्ज कराया। आरोप है कि कर्मचारियों ने 14 दानपात्रों और कोठार कक्ष का ताला तोड़कर लाखों रुपए और सोना-चांदी लूटे हैं। साथ ही अखाड़े के साधुओं और मंदिर के महंतों को जान से मारने की धमकी दी है।

आरोपियों ने पहले धमकाया, फिर लूटपाट की

महामंडलेश्वर प्रेम गिरि का आरोप है कि 2 जुलाई को मंदिर के पूर्व कर्मचारी हरिओम शास्त्री, मनीष शर्मा, वेद प्रकाश दीक्षित उर्फ छोटे कुब्बड़ अपने 8-9 साथियों के साथ मंदिर पहुंचे। मंदिर की संपत्ति पर कब्जा करने व व्यवस्था भंग करने के लिए गोशाला में महंतों को धमकाया। इसके बाद 3 जुलाई की दोपहर बाद वेद प्रकाश दीक्षित ने साथियों संग मंदिर के 14 दान पात्रों और कोठार कक्ष का ताला तोड़कर लाखों रुपए और सोना-चांदी लूट ली। तब से जूना अखाड़े के पदाधिकारी मंदिर में प्रवास कर रहे हैं। एसीपी कर्नलगंज त्रिपुरारी पांडेय ने बताया कि आरोपों की जांच की जा रही है।

हुआ था रजिस्टर्ड एग्रीमेंट
महंत प्रेम गिरि के मुताबिक आनंदेश्वर मंदिर परमट, श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा की संपत्ति है। संस्था के संविधान एवं नियमावली के साथ मंदिर के तत्कालीन महंत श्याम गिरि थे। पूर्व में जूना अखाड़ा के साथ (पदेन मंत्री महंत हरि गिरि) के साथ एवं विधिवत रजिस्टर्ड एग्रीमेंट 3 जुलाई 2006 को किया गया था।

आरोप है कि महंत श्याम गिरि ने एग्रीमेंट एवं हिंदू धर्म और नैतिक भावनाओं के विपरीत कार्य किए हैं। इस वजह से उनको महंत पद से हटाकर जून 2011 में रमेश पुरी, रामानंद गिरि, देवानंद सरस्वती और श्रीराम गिरि को महंत पद की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। बीमारी के चलते महंत श्याम गिरी को कार्यों से मुक्त कर दिया गया था, लेकिन उनके इलाज का पूरा खर्च मासिक भत्ते के रूप में किया जाता है।

डीसीपी पर भी आरोप
वहीं, परमट मंदिर के महंत रहे श्याम गिरि महाराज के शिष्य रामदास का आरोप है कि डीसीपी की शह पर मंदिर के अंदर अखाड़े के लोगों को दाखिल कराया गया। फिर उन्हें षड्यंत्र के तहत बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करने से रोका गया। इन दिनों करीब 20 से 25 अखाड़े के लोग ठहरे हुए हैं, जिनसे हमें व हमारे गुरु को जान माल का खतरा है। मामला लखनऊ तक पहुंच गया है। उन्होंने डीसीपी पर भी धमकाने का आरोप लगाया है।