IIT के एक्सपर्ट का दावा, तीसरी लहर लाएगा ओमिक्रॉन:प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल बोले- नेचुरल इम्यून सिस्टम संक्रमण को मात दे सकता है

कानपुर8 महीने पहलेलेखक: आदित्य द्विवेदी

कोरोना का ओमिक्रॉन वैरिएंट महामारी की तीसरी लहर का कारण बन सकता है। यह कहना है कि IIT कानपुर के प्रोफेसर पद्मश्री मणीन्द्र अग्रवाल का। प्रो. अग्रवाल के मुताबिक, नए कोरोना वैरिएंट से बहुत डरने के बजाय सावधान रहने की ज्यादा जरूरत है। ओमिक्रॉन बेहद संक्रामक है। इसी वजह से यह तीसरी लहर ला सकता है, लेकिन इसके पहले के मुकाबले कम घातक रहने की उम्मीद है।

प्रोफेसर अग्रवाल ने कहा कि वैक्सीन के मुकाबले नेचुरल इम्यून सिस्टम नये वैरिएंट को मात देने में ज्यादा सक्षम है। हालांकि, उन्होंने बताया कि अगले वे अगले 8 से 10 दिन में स्टडी रिपोर्ट तैयार करके सही आकलन पेश करेंगे। अभी इस पर कुछ भी सटीक कहना मुश्किल है।

शरीर की इम्युनिटी ही वायरस से लड़ेगी
प्रो. अग्रवाल ने कहा कि मजबूत इम्यूनिटी पर कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट का असर ज्यादा नहीं होगा। इसका असर अफ्रीका में युवाओं पर ज्यादा देखने को मिला है। वहां बुजुर्गों को वैक्सीनेशन का फायदा मिल रहा है, जबकि युवा संक्रमण की गिरफ्त में ज्यादा है। मजबूत इम्युनिटी के चलते बच्चे वायरस से अभी भी बचे हुए हैं।

देश की 80% आबादी में नेचुरल इम्युनिटी
प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल ने कहा कि देश की 80% आबादी का नेचुरल इम्युनिटी सिस्टम मजबूत हो चुका है। ऐसे में कोरोना के नए वैरिएंट का कुछ खास असर भारत पर देखने को नहीं मिलेगा। इतना जरूर है कि कोरोना की एक लहर भारत में भी आएगी।

उन्होंने कहा कि अगले कुछ दिनों में वह कोरोना के नए वैरिएंट के बारे में पूरे विश्व के आंकड़ों पर अध्ययन करेंगे। उसके बाद अपनी रिपोर्ट सामने लाएंगे। वह रिपोर्ट ज्यादा सटीक रहेगी। फिलहाल उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर उनका दावा है कि वायरस से लड़ने में नेचुरल इम्युनिटी सिस्टम ज्यादा कारगर साबित होगा।

कोवीशील्ड की अपेक्षा कोवैक्सिन ज्यादा कारगर
प्रो. अग्रवाल ने बताया कि नए वैरिएंट से मुकाबला करने में कोवीशील्ड की अपेक्षा कोवैक्सिन ज्यादा कारगर साबित होगी। जिन लोगों को कोवैक्सिन लगी है, उन्हें नए कोरोना वैरिएंट से राहत मिल सकती है। हालांकि, उन्होंने फिर भी इंतजार करने को कहा है, क्योंकि मौजूदा डेटा के आधार पर अभी बीमारी के नेचर के बारे में कुछ भी अंदाज़ा लगाना मुश्किल है।

पहली और दूसरी लहर की चेतावनी भी दी थी प्रो. अग्रवाल ने

आईआईटी कानपुर के कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग विभाग के फैकल्टी पद्मश्री प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने इससे पहले पहली व दूसरी लहर का भी पूर्वानुमान जताया था। उनकी रिपोर्ट सही साबित हुई थी। प्रो. अग्रवाल ने कंप्यूटर मॉडल 'सूत्र' के जरिए यह पूर्वानुमान जताया था। अलग-अलग देशों में आई लहरों, वैक्सीनेशन और उपलब्ध स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का अध्ययन करने के बाद अग्रवाल ने अपनी रिपोर्ट जारी की थी। नए वेरिएंट को लेकर उनकी स्टडी जारी है। अगले हफ्ते वे इसे जारी करेंगे।

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