• Hindi News
  • Local
  • Uttar pradesh
  • Kanpur
  • The Nexus Of The Hotel Administration And Ramgarh Tal Police Station In charge Came To The Fore In The Investigation Of The SIT, On The Pretext Of Checking, The Police Had Entered The Hotel To Check With The Force.

गोरखपुर मनीष हत्याकांड का सच:SIT की जांच में सामने आई होटल प्रशासन और रामगढ़ ताल थाना प्रभारी की साठगांठ, चेकिंग के बहाने होटल में फोर्स के साथ वसूली करने घुसी थी पुलिस

कानपुर9 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
इसी होटल में मनीष अपने दो दोस्तों के साथ 27 सितंबर की रात को ठहरे थे। - Dainik Bhaskar
इसी होटल में मनीष अपने दो दोस्तों के साथ 27 सितंबर की रात को ठहरे थे।

गोरखपुर में पुलिस की पिटाई से कानपुर के मनीष गुप्ता की मौत के मामले की जांच कर रही एसआईटी परत दर परत सच्चाई को सामने ला रही है। एसआईटी की जांच में सामने आया है कि रामगढ़ ताल थाने की पुलिस वसूली के उद्देश्य से होटल कृष्णा पैलेस के कमरा नंबर-512 में जांच करने पहुंची थी। इस दौरान मनीष ने पुलिस की ज्यादती का विरोध किया तो उनकी पीट-पीट कर हत्या कर दी गई।
पुलिस वालों के बाद अब होटल मालिक को भी पुलिस बना सकती है आरोपी
एसआईटी में शामिल एक अफसर ने बताया कि गोरखपुर के कृष्णा पैलेस होटल में होटल प्रशासन और पुलिस की साठगांठ से वसूली का तगड़ा खेल चलता था। होटल में कोई भी मालदार पार्टी देखकर थाने में चुपचाप इसकी सूचना दे दी जाती थी। फिर रामगढ़ ताल के थानेदार देर रात भारी फोर्स के साथ छापेमारी करते थे। तलाशी के दौरान मोटा कैश या कुछ भी संदिग्ध मिलता तो डरा-धमका कर होटल में ठहरने वालों से मोटी वसूली करते थे। हमेशा की तरह 27 सितंबर की रात को भी होटल से सूचना मिलते ही रामगढ़ ताल थाना प्रभारी जगत नारायण सिंह टीम के साथ छापेमारी करने पहुंचे थे। होटल के अन्य किसी भी कमरे को चेक नहीं किया और सीधे मनीष के कमरा नंबर-512 पर छापेमारी की थी। इस दौरान मनीष और उसके दोस्तों के साथ कमरे की सघन तलाशी, तीनों का पहचान पत्र, आधार कार्ड और सख्ती से पूछताछ शुरू हो गई। मनीष ने इसका विरोध किया तो पुलिस ने मारपीट शुरू कर दी और इतना पीटा की मनीष की होटल में ही मौत हो गई।
होटल प्रशासन भी बनेगा आरोपी
एसआईटी में शामिल एक अफसर ने बताया कि होटल प्रशासन की ओर से पहले ही रामगढ़ ताल थाने में वसूली के लिए चुपचाप सूचना दी थी। इसके बाद पुलिस ने होटल में छापेमारी की और तलाशी के दौरान गहमा-गहमी होने पर मनीष गुप्ता से थाना प्रभारी की बहस हो गई थी। इससे झल्लाए थानेदार और साथी पुलिस कर्मियों ने बेरहमी से पीटा था। इसके बाद मनीष ने दम तोड़ दिया था। अब होटल प्रशासन को भी एफआईआर में संलिप्तता का आरोपी बनाया जा सकता है।

पुलिसवालों के खिलाफ लिए जाएंगे गिरफ्तारी वॉरंट
गोरखपुर में कारोबारी मनीष गुप्ता की हत्या के आरोपित पुलिसवालों पर शिकंजा कसता जा रहा है। 1-2 दिन में पुलिस सभी 6 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोर्ट से गिरफ्तारी वॉरंट जारी करवाने के लिए आवेदन दे सकती है। गुरुवार को एसटीएफ के अलावा कानपुर पुलिस की 6 टीमों ने आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी, लेकिन कोई हाथ नहीं लगा। सूत्रों के अनुसार, सबूत जुटाने में लगीं कानपुर पुलिस की एसआईटी फिलहाल गोरखपुर में ही मौजूद है। सबूत इकट्ठा करने का काम काफी हद तक पूरा किया जा चुका है।

खबरें और भी हैं...