रामा मेडिकल कॉलेज के MD समेत 13 पर केस:कानपुर में कोविड काल में ऑक्सीजन नहीं मिलने पर हुई थी मरीज की मौत

कानपुर8 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

कानपुर में कोरोना की दूसरी लहर में एक मरीज की मौत के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। यहां स्थित रामा मेडिकल कॉलेज मंधना के MD से लेकर डॉक्टर और स्टाफ समेत 13 पर FIR हुई है। मृतक के परिजनों का आरोप है कि इलाज में घोर लापरवाही बरती गई थी।

इसके साथ ही हॉस्पिटल स्टाफ ने मरीज की सोने की चेन चोरी कर ली। इलाज के कागजों की जांच से पता चला कि मौत के बाद ब्लड सैंपल लिया गया था। जबकि ऐसा संभव नहीं है। इस पर अस्पताल प्रबंधन फंस गया। कोर्ट के आदेश के बाद मामले में 7 महीने बाद बिठूर पुलिस ने गैर इरादतन हत्या समेत अन्य गंभीर धाराओं में FIR करके जांच शुरू की है।

एफआईआर की कॉपी।
एफआईआर की कॉपी।

हॉस्पिटल में नहीं मिला ऑक्सीजन, तड़प-तड़प कर तोड़ दिया था दम
आनंद बाग निवासी गीता तिवारी ने बताया कि 22 अप्रैल को पति आनंद शंकर तिवारी को कोविड की पुष्टि हुई थी। उस वक्त ऑक्सीजन लेवल 91 था। देर रात उन्हें मंधना स्थित रामा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। दूसरे दिन तक वीडियो कॉल से उनसे बातचीत होती रही।

आरोप है कि आनंद ने वीडियो कॉल में बताया था कि ऑक्सीजन नहीं मिलने से हालत बिगड़ती जा रही है। खाना तक नहीं दिया जा रहा है। कोई नर्सिंग स्टाफ उनकी देखरेख करने वाला नहीं है।

अंदर की अव्यवस्था और डॉक्टर द्वारा उनकी सोने की चेन ले लेने के बारे में बताया था। इसके बाद कर्मचारियों ने उनका मोबाइल जब्त कर लिया। 24 अप्रैल को मेडिकल बुलेटिन में आनंद की तबीयत में सुधार होने की जानकारी दी और अगले दिन उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

इलाज के कागजों की जांच में सामने आया कि हॉस्पिटल प्रबंधन ने मौत के दो घंटे बाद लिया था ब्लड सैंपल।
इलाज के कागजों की जांच में सामने आया कि हॉस्पिटल प्रबंधन ने मौत के दो घंटे बाद लिया था ब्लड सैंपल।

मौत के बाद ब्लड सैंपल कैसे लिया...?
मृतक की पत्नी के अनुसार अस्पताल प्रबंधन से मिले कागजों में पति की मौत 25 अप्रैल सुबह 9 बजे दिखाई गई है। जबकि इलाज के कागजों की जांच से पता चला कि 25 अप्रैल को ही स्टाफ ने सुबह करीब 11:30 बजे उनके खून का सैंपल लिया था।

अगर सुबह 9 बजे मौत हो गई थी तो दो घंटे बाद खून की जांच के लिए सैंपल कैसे लिया। इस पर अस्पताल प्रबंधन घिर गया है और कोई जवाब नहीं दे सका। कोर्ट ने भी घोर लापरवाही देखते हुए एफआईआर का आदेश दिया।

इनके खिलाफ हुई FIR
पीड़िता के अनुसार उन्होंने अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही से सीएमएस से लेकर पुलिस अधिकारियों तक को अवगत कराया, लेकिन कहीं भी सुनवाई नहीं हुई। तब उन्होंने कोर्ट की मदद से रामा मेडिकल कॉलेज के एमडी, डायरेक्टर, यूनिट हेड, आईसीयू प्रमुख डॉ. आशीष, सीएमएस डॉ. एसपी सिंह, ड्यूटी डॉक्टर विजिटिंग कंसल्टेंट, ड्यूटी डॉक्टर एनेस्थीसिया, ड्यूटी डॉक्टर पलमोनोलॉजिस्ट, पैथोलाजिस्ट समेत 13 के खिलाफ लापरवाही, धोखाधड़ी, गैर इरादतन हत्या, आपदा प्रबंधन अधिनियम, इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट में बिठूर थाने में रिपोर्ट की गई है।