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  • Uttar Pradesh, Samajwadi Party, Mulayam Singh, Akhilesh, Yadav Family In Politics, The Political Legacy Of The Mulayam Family Has Progressed, Akhilesh's Cousin Abhishek Is The District Panchayat President Unopposed, Despite Being In Opposition, Eight Members Are On The Big Post Of Active Politics.

विपक्ष में रहकर भी यादव परिवार का जलवा बरकरार:मुलायम सिंह के बेटे, बहू-भतीजों सहित परिवार के 8 सदस्य राजनीतिक ओहदों पर, निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष बने अभिषेक के सामने भाजपा ने प्रत्याशी ही नहीं उतारा

इटावा4 महीने पहले
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उत्तरप्रदेश में मुलायम सिंह यादव के परिवार का जलवा अब भी बरकरार है। समाजवादी पार्टी बीते 4 साल से सत्ता से बाहर है लेकिन यादव परिवार के 8 सदस्य प्रदेश में प्रमुख राजनीतिक ओहदों पर हैं। जलवा भी ऐसा है कि जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में यहां भाजपा ने अपना प्रत्याशी ही नहीं उतारा। नतीजतन अखिलेश के चचेरे भाई अभिषेक निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष चुन लिए गए। आइए, जानते हैं मौजूदा समय में राजनीतिक तौर पर कितना समृद्ध है मुलायम का परिवार।

उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा राजनीतिक कुनबा इटावा का मुलायम परिवार है। यहां कोई न कोई किसी न किसी तरह से सक्रिय राजनीति में है।
उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा राजनीतिक कुनबा इटावा का मुलायम परिवार है। यहां कोई न कोई किसी न किसी तरह से सक्रिय राजनीति में है।
इटावा में जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर एक बार फिर अखिलेश यादव के चचेरे भाई अभिषेक यादव काबिज होंगे। उनके सामने किसी ने नामांकन नहीं किया।
इटावा में जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर एक बार फिर अखिलेश यादव के चचेरे भाई अभिषेक यादव काबिज होंगे। उनके सामने किसी ने नामांकन नहीं किया।

सक्रिय राजनीति में मुलायम परिवार

  • मुलायम सिंह यादव, सांसद, मैनपुरी
  • अखिलेश यादव, सांसद, आजमगढ़
  • रामगोपाल यादव, सांसद, राज्यसभा
  • शिवपाल यादव, विधायक, जसवंतनगर
  • मृदला यादव, बीडीसी सैफई
  • सरला यादव, को-ऑपरेटिव बैंक अध्यक्ष इटावा
  • आदित्य यादव, यूपी को-ऑपरेटिव चेयरमैन,
  • अभिषेक यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष
हाल ही में एक शादी समारोह के दौरान मुलायम सिंह के पास धर्मेंद्र यादव अपने बच्चों को लेकर पहुंचे। धर्मेंद्र यादव मुलायम परिवार के ही हैं। बदायूं से पूर्व सांसद हैं।
हाल ही में एक शादी समारोह के दौरान मुलायम सिंह के पास धर्मेंद्र यादव अपने बच्चों को लेकर पहुंचे। धर्मेंद्र यादव मुलायम परिवार के ही हैं। बदायूं से पूर्व सांसद हैं।

मुलायम सिंह यादव
वर्तमान में मुलायम सिंह यादव समाजवादी पार्टी के संरक्षक हैं। मोदी लहर में भी अपना गढ़ न सिर्फ बचाने में सफल हुए बल्कि भारी मतों से विजयी हुए। यही कारण है कि मैनपुरी सपा का गढ़ कहा जाता है। मुलायम मैनपुरी से सांसद हैं।

अखिलेश यादव
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मुलायम सिंह यादव के बड़े बेटे हैं और समाजवादी पार्टी का चेहरा हैं। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के साथ-साथ वर्तमान में आजमगढ़ से सांसद हैं। आजमगढ़ में भी अखिलेश के पिता मुलायम सिंह का ही वर्चस्व रहा करता था। उन्होंने विरासत में यह सीट अपने बेटे को दी। मोदी लहर में भी यह सीट सपा के लिए सेफ रही। पूरी मजबूती के साथ अखिलेश जीतकर आए।

अखिलेश यादव अक्सर रामगोपाल यादव के साथ राजनीतिक मंत्रणा किया करते हैं। मुलायम परिवार से यह दोनों ही बड़ा राजनीतिक रसूख रखते हैं।
अखिलेश यादव अक्सर रामगोपाल यादव के साथ राजनीतिक मंत्रणा किया करते हैं। मुलायम परिवार से यह दोनों ही बड़ा राजनीतिक रसूख रखते हैं।

शिवपाल यादव
शिवपाल यादव मुलायम सिंह यादव के छोटे भाई हैं। अखिलेश के चाचा होने के नाते सपा सरकार में विशेष ओहदा रहा। वर्तमान में जसवंत नगर से विधायक हैं। नाराज होकर उन्होंने अपनी अलग पार्टी प्रसपा बनाई थी। उसके वह अध्यक्ष हैं।

प्रो. रामगोपाल यादव
रामगोपाल यादव सपा के राष्ट्रीय महासचिव हैं। मुलायम के छोटे भाई होने के चलते समाजवादी पार्टी में उनका बड़ा स्थान है। वह अखिलेश को राजनीतिक टिप्स देते हैं। वर्तमान में वह राज्यसभा सांसद हैं।

शिवपाल के बेटे और पत्नी भी राजनीति में
आदित्य यादव शिवपाल यादव के बेटे हैं। वह यूपी कॉपरेटिव के चैयरमेन हैं। वहीं, शिवपाल सिंह यादव की पत्नी सरला यादव इटावा कॉपरेटिव बैंक की अध्यक्ष है।

मृदुला यादव
वहीं, मुलायम के भतीजे स्व. रणवीर सिंह की पत्नी व बिहार के लालू प्रसाद यादव की समधन मृदुला यादव निर्विरोध बीडीसी सदस्य पंचायत चुनी गईं। अब वह सैफई से ब्लॉक प्रमुखी की दावेदारी करेंगी।

अभिषेक यादव
अभिषेक यादव अखिलेश यादव के चचेरे भाई हैं। जिलापंचायत अध्यक्ष सीट पर अभिषेक यादव दोबारा निर्विरोध हुए हैं। इससे पूर्व भी अभिषेक यादव इटावा से निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष थे। इससे पहले इनकी माता भी इस सीट पर जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी हैं।

ये चार लोग चुनाव हारे, पर राजनीति में सक्रिय हैं

धर्मेंद्र यादव
समाजवादी पार्टी के युवा चेहरा धर्मेंद्र यादव अखिलेश यादव के चचेरे भाई हैं। बदायूं से सांसद चुने जाते थे। इस बार मोदी लहर में उनकी सीट उनके हाथ से फिसल गई। वह पार्टी में और परिवार में अहम स्थान रखते हैं।

तेज प्रताप यादव
मुलायम सिंह यादव के दूसरे भतीजे स्व. रणवीर के पुत्र व लालू प्रसाद के दामाद तेज प्रताप यादव मैनपुरी से सांसद थे। मुलायम सिंह ने अपनी कमाई यह सीट तेज प्रताप को दी थी। हालांकि, पिछले चुनाव में खुद मुलायम इस सीट से लड़े।

डिंपल यादव अकसर अखिलेश यादव के चुनाव प्रचार में देखी जाती हैं। वह मुलायम परिवार की बहू हैं। सांसद रह चुकी हैं।
डिंपल यादव अकसर अखिलेश यादव के चुनाव प्रचार में देखी जाती हैं। वह मुलायम परिवार की बहू हैं। सांसद रह चुकी हैं।

डिंपल यादव
सपा की एक मात्र महिला नेता हैं। डिंपल अखिलेश यादव की पत्नी हैं। कन्नौज से सांसद रह चुकी हैं। फिरोजाबाद से भी वह चुनाव लड़ चुकी हैं। प्रचार-प्रसार में पार्टी की कमान संभालती हैं।

अक्षय यादव
अक्षय यादव रामगोपाल यादव के बेटे हैं। रामगोपाल यादव का पार्टी में बड़ा वर्चस्व होने के चलते अक्षय यादव भी पार्टी के टिकट से बड़े चुनाव लड़ते रहे हैं। वह फिरोजाबाद से सांसद रह चुके हैं।