हैलट में बेड्स बढ़ने का प्रस्ताव मंजूर:योगी सरकार को सितंबर में भेजा गया था प्रपोजल, स्टॉफ की कमी अभी भी बनी है बड़ी प्रॉब्लम

कानपुर4 महीने पहले
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शहर में कोरोना के बाद एक बार फिर से लोगों को वायरल और फीवर ने जकड़ लिया है। GSVM मेडिकल कॉलेज के हैलट अस्पताल में बेड बढ़ाने की मंजूरी मिल गई है। यह जानकारी देर रात डॉ संजय काला ने दी।उन्होंने बताया, जो प्रस्ताव पिछले साल भेजा था उसे मंजूर कर लिया गया है। अब अस्पताल में मरीजों को दिक्कत नहीं होगी।

पिछले साल सितंबर में भेजा था प्रस्ताव
प्रो संजय ने बताया, पहली इन्सटॉलमेंट हैलट में आईसीयू के बेड बढ़ाने की मिली है। साथ ही इमरजेंसी में इस समय बेड्स की कमी पड़ जाती है क्योंकि शहर में वायरल, डेंगू, और अन्य संक्रमण का प्रकोप बढ़ा हुआ है। ऐसे में यहां पर हम-लोग बेड बढ़ा लेते थे उसे अब नयी जगह शिफ्ट किया जायेगा।

पूरा ब्लूप्रिंट तैयार है। ICU में 80 बेड बढ़ेंगे तो ये ICU मेडिसिन और न्यूरोलॉजी के बीच के होगें। करीब 180 बेड बढ़ाने का ब्लू-प्रिंट तैयार है। जिसमें इमरजेंसी सबसे पहले शामिल है।

बाल रोग में बढ़ेंगे
बाल रोग और श्वांस मेडिसिन में आईसीयू का लोड हमेशा की तरह बढ़ा हुआ है। कोरोना के समय भी यहां 120 बेड पर करीब 300 बच्चों का इलाज हो रहा था, साथ ही रोजाना कुछ डिस्चार्ज और वार्ड में जाते थे। लेकिन डॉ यशवंत राव ने बताया, पिछले तीन दिनों से रोजाना करीब 20 बच्चे भर्ती हो रहे है। तमाम कोशिशों के बाद मेडिसिन विभाग के वार्डों में आईसीयू ब्लॉक बनाने का फैसला किया गया है। इससे बच्चों को आसानी होगी। शायद कुछ आईसीयू और एनआईसीयू बेड बाल रोग विभाग को भी मिलने की सूचना है।

स्टॉफ की दिक्कत का अभी नहीं होगा निस्तारण
भले ही इस महीने से हैलट आईसीयू में नए वेंटिलेटर लग जाए, लेकिन उसे सही चलाने के लिए स्टॉफ की कमी आने वाली। क्योंकि न तो हैलट अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में डॉक्टर्स है और नाही मेडिकल स्टाफ। इस हिसाब से जहां आईसीयू के एक बेड पर एक नर्स की ड्यूटी होती हैं। वहीं हैलट के आईसीयू में सभी बेडों के लिए सिर्फ एक ही स्टॉफ नर्स है। बाकी काम जेआर को देखना ही पड़ेगा।