अस्पताल की आवाज उठाने वाले सपा नेता अरेस्ट:सपाइयों की पुलिस से झड़प, बोले तुम झंडा नोचोगे, हम बिल्ला नोचेंगे...बलवा और पुलिस मुजहमत में FIR

कानपुर12 दिन पहले
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पुलिस से झड़प करते सपा नेता अर्पित यादव। - Dainik Bhaskar
पुलिस से झड़प करते सपा नेता अर्पित यादव।
अस्पताल के सामने बैनर लेकर विरोध प्रदर्शन करते सपा नेता।
अस्पताल के सामने बैनर लेकर विरोध प्रदर्शन करते सपा नेता।

अस्पताल की जगह प्राथमिकता पर भाजपा का आलीशान दफ्तर बनने का विरोध करने वाले सपा नेता अर्पित यादव को पुलिस ने लगातार दूसरे दिन आड़े हाथों लिया है। बुधवार को उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज करके गिरफ्तार कर लिया गया है। विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस और सपा नेता की तीखी झड़प हो गई थी। सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब पुलिस ने सख्ती से कार्रवाई की है।

बर्रा पुलिस के झंडा-बैनर और तख्ती छीनने पर प्रदर्शन कर रहे भड़के थे सपाई।
बर्रा पुलिस के झंडा-बैनर और तख्ती छीनने पर प्रदर्शन कर रहे भड़के थे सपाई।

बलवा और पुलिस मुजहमत में FIR
बर्रा विश्वबैंक निवासी सपा नेता अर्पित यादव वार्ड-54 से पार्षद हैं। इसके साथ ही वह युवजन सभा कानपुर ग्रामीण से सपा के जिलाध्यक्ष भी हैं। अर्पित ने साउथ सिटी में अस्पताल की जगह पर बने भाजपा के क्षेत्रीय कार्यालय को लेकर आवाज उठाई थी। उनका कहना था कि मौरंग मंडी की जमीन पर 100 बेड का अस्पताल प्रस्तावित है, लेकिन भाजपा की गलत नीतियों के चलते अस्पताल से पहले भाजपा का आलीशान दफ्तर खड़ा कर दिया गया। जबकि पब्लिक की जरूरत अस्पताल की नींव तक नहीं रखी गई। उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा और मुख्यमंत्री के कार्यालय उद्घाटन से पहले वहां पर बैनर लेकर फोटो खिंचवाई। इसके बाद बर्रा थाने की पुलिस ने हिरासत में लिया तो मंगलवार को विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान पुलिस ने सपाइयों से झंडा, बैनर छीना तो अर्पित ने कहा था कि तुम झंडे नोचोगे तो...हम बिल्ला नोचेंगे...। इस दौरान पुलिस और सपाइयों की जमकर झड़प हुई थी। बर्रा पुलिस ने शांतिभंग की धाराओं में कार्रवाई की थी। अब बुधवार को पुलिस ने मामले में बलवा और पुलिस मुजहमत की धाराओं में भी एफआईआर दर्ज की है।

पुलिस हिरासत में सपा नेता अर्पित यादव।
पुलिस हिरासत में सपा नेता अर्पित यादव।

सपाइयों ने कार्रवाई पर उठाया सवाल
सपा नेता और उनके समर्थकों ने बर्रा पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाया है। उनका आरोप है कि बर्रा पुलिस ने पहले मामले में शांतिभंग की कार्रवाई की थी। लेकिन सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद गंभीर धाराएं बढ़ा दी है। इससे एक बात तो साफ है कि सत्ताधारी नेताओं के इशारे पर कार्रवाई की जा रही है।

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