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कानपुर... 3 करोड़ के फ्रॉड के मामले में तीन गिरफ्तार:यूपी और दिल्ली में कॉल सेंटर बनाकर बीमा धारकों से ठगी करते थे

कानपुर10 महीने पहले
बीमा पॉलिसी के नाम पर ठगी करने वाले शातिर रघुवीर, दर्शन और अतुल को क्राइम ब्रांच ने किया गिरफ्तार किया है।

कानपुर में सोमवार को क्राइम ब्रांच ने बीमा पॉलिसी के नाम पर 3 करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी करने वाले एक गिरोह का खुलासा किया है। यह गैंग दिल्ली और चंदौसी में बैठकर देश के कई राज्यों के बीमा धारकों को निशाना बना रहा था। गिरोह के पास से 20 हजार से भी ज्यादा बीमा धारकों का डाटा मिला है। इनके पास से अलग-अलग 25 खातों में तीन करोड़ से ज्यादा का ट्रांजेक्शन का पता चला है।

पुलिस ने रविवार को तीन ठगों को गिरफ्तार किया था। सोमवार को उन्हें जेल भेज दिया गया। एक आरोपी फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

ठगी के आरोपियों के पास से बरामद मोबाइल, एटीएम, लैपटॉप समेत अन्य माल।
ठगी के आरोपियों के पास से बरामद मोबाइल, एटीएम, लैपटॉप समेत अन्य माल।

चंदौसी और दिल्ली से संचालित हो रहा था गैंग

डीसीपी क्राइम सलमान ताल पाटिल ने बताया कि क्राइम ब्रांच को बीमा पॉलिसी के नाम पर ठगी की शिकायतें मिली थी। जांच करने पर पता चला कि यह गैंग चंदौसी और दिल्ली से संचालित हो रहा है। जिसके बाद टीम ने रविवार को चंदौसी संभल के रहने वाले अतुल कुमार को गिरफ्तार किया। अतुल ठगी का कॉल सेंटर चलाता था। उससे पूछताछ के बाद बंदायू के रहने वाले दर्शन और फिर दिल्ली के रहने वाले रघुवीर को दबोच लिया।

हाईस्कूल पास था मास्टरमाइंड

अतुल और रघुवीर ऑफिस बनाकर ठगी का कॉल सेंटर चल रहे थे। दोनों के यहां 15 से ज्यादा लड़कियां काम करती थीं। जिनको डाटा दिया जाता था और वह कॉल करके बीमा धारकों को अलग-अलग ऑफर देकर ठगी का शिकार बनाती थी। जांच में पता चला कि हाईस्कूल पास दर्शन ठगी के गैंग का सरगना है। वह दिल्ली के रहने वाले एमबीए पास रघुवीर और चंदौसी के अतुल को नौकरी पर रख ठगी का कॉल सेंटर चला रहा था।

लालच देकर किराए पर लिए थे ATM

जांच में सामने आया कि शातिर ठगों ने ठगी की रकम मंगाने के लिए अपने खाते का इस्तेमाल नहीं किया था। उन्होंने चंदौसी के रहने वाले अतुल को खाते मैनेज करने की जिम्मेदारी थी। अतुल ने गांव के लोगों और मजदूरों को झांसे में लेकर कई लोगों के एटीएम किराए पर लिए थे। उन्हीं के खाते में ठगी की रकम मंगाते और फिर एटीएम से रुपए निकाल लेते थे।

एक शिकायत पर ठगों के गिरोह तक पहुंची क्राइम ब्रांच

शत्रुघ्न महतो कल्याणपुर में कैटरिंग का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि 2019 में एक्साइड लाइफ इंश्योरेंस से पॉलिसी ली थी। 14 सितंबर 2021 को उनके पास इंश्योरेंस का प्रीमियम भरने के लिये फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को कंपनी का इंप्लाई बताकर प्रीमियम जमा करने पर 10 प्रतिशत छूट दिलाने का झांसा दिया। इस पर उन्होंने क़िस्त का 47,950 रुपए ऑनलाइन जमा कर दिया। उन्होंने जब रशीद मांगी तो फोन करने वाला टरकाने लगा। उसने कुछ और पैसों की मांग की। उसके बाद उन्हें अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद सितंबर में थाना कल्याणपुर में एफआईआर दर्ज कराई थी।

1 से 2 रुपए प्रति व्यक्ति खरीदा डाटा

जांच में पता चला कि शातिर ठगों ने 1 से 2 रुपए प्रति व्यक्ति डाटा खरीदा है। ठगों ने जस्ट डायल समेत अन्य माध्यमों से बीमा एजेंटों का मोबाइल नंबर हासिल कर लिया। इसके बाद बीमा एजेंटों से डाटा खरीद लेते थे। बीते तीन सालों से शातिर यह गैंग चल रहे थे। इनके लैपटॉप समेत अन्य जांच करके यह पता लगाया जा रहा कि अब तक कितने बीमा धारकों का डाटा खरीदा और कुल अब तक कितने रुपए की ठगी की है।

छूट, बोनस और लोन का झांसा देकर करते थे ठगी

पूछताछ में सामने आया कि इंश्योरेंस कंपनी के ग्राहकों का डाटा उनके एजेंट से खरीदते थे। इसमें ग्राहक का नाम, पता, मोबाइल नंबर, पॉलिसी नंबर समेत अन्य विवरण मिल जाता था। जिनकी पॉलिसी समाप्त होने वाली होती थी या किश्त देने का समय आता था तो ये आरोपी उनसे फोन पर बतौर इंश्योरेंस कंपनी के एजेंट बनकर बात करते थे। पॉलिसी की राशि दस फीसदी छूट, बोनस, क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने और लोन समेत अन्य प्रलोभन देकर अपने झांसे में लेते थे। इसके बाद रकम अपने खाते में रुपए जमा करा लेते थे।

एक्साइड लाइफ इंश्योरेंस को निशाने पर लिया

शातिर ठगों ने इस बार एक्साइड लाइफ इंश्योरेंस को निशाने पर लिया। एक्साइड लाइफ इंश्योरेंस के पांच हजार से ज्यादा लोगों का एक साथ डाटा मिल गया था। इसके बाद से कॉल सेंटर से लगातार इसके पॉलिसी धारकों को फोन करके ठगी की जा रही थी। बीते कई महीनों से पुलिस अफसर और थाने ही नहीं एक्साइड लाइफ इंश्योरेंस के दफ्तर और एजेंटों के पास ताबड़तोड़ ठगी की शिकायतें पहुंच रही थी।

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