84 साल के सीताराम बनेगें वकील:कानपुर यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर ने दी विशेष परमिशन, एलएलबी में हुआ है एडमिशन,

कानपुर3 महीने पहले
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छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वव� - Dainik Bhaskar
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वव�

लगन हो तो उम्र आड़े नहीं आती। उम्र के किसी भी पड़ाव में यदि कोई कुछ हासिल करना चाहे तो असंभव जैसे शब्द नहीं होते। इस ही कुछ कर गुजरने की ठानी है कानपुर के 84 साल के सीताराम श्रीवास्तव ने। उन्होंने वकालत करने की ठानी है। अब वह एलएलबी करके वकील बनेंगे। 3 साल के इस कोर्स को करने के लिए उन्होंने कानपुर यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर से विशेष परमिशन भी ले ली है। उनके एलएलबी में दाखिला लेने को कानपुर यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर में तुरंत अनुमति प्रदान कर दी

बहुत जल्द अटेंड करेंगे क्लास

पढ़ने की कोई उम्र नहीं होती है। इसे सही साबित कर दिया है पीएफ ऑफिस से इनफोर्समेंट ऑफिसर पद से सेवानिवृत्त सीताराम श्रीवास्तव ने। जो अब कानून की पढ़ाई करने के लिए वीएसएसडी कॉलेज में एलएलबी में दाखिला लेने जा रहे हैं। इसके लिए छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने भी अनुमति प्रदान कर दी है।

सीताराम श्रीवास्तव
सीताराम श्रीवास्तव

न्याय के लिये एक लड़ाई ने दी प्रेरणा

नवाबगंज में रहने वाले सीताराम ने वर्ष 1960 में बीए और 1962 में एमए की पढ़ाई की थी। इसके बाद पीएफ में नौकरी की और 1995 में इंफोर्समेंट ऑफिसर के पद से रिटायर हुए। बेटा ललित डिफेंस मिनिस्ट्री में कार्यरत है। सीताराम ने बताया कि वर्ष 1998 में पत्नी की मौत हो गई थी। एसजीपीजीआई में चिकित्सीय लापरवाही के कारण पत्नी की मौत हुई थी। न्याय के लिए इसकी उपभोक्ता फोरम से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ी। वर्ष 2018 में जीत मिली। इस 20 साल की लड़ाई में कानून को लेकर काफी क्रेज आया। किताबों के शौकीन सीताराम ने कहा कि लगा घर में बैठने से अच्छा है कि एलएलबी की पढ़ाई कर लूं। इसको लेकर विवि के कुलपति से मुलाकात की थी, उन्होंने सहर्ष अनुमति प्रदान कर दी है। सीताराम होम्योपैथी किताब पढ़ने के भी शौकीन हैं।

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