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मनीष हत्याकांड...परिजनों का अंतिम संस्कार से इनकार:कल कानपुर आ रहे CM योगी से मिलने की जिद पर अड़ी हैं मीनाक्षी, बोलीं- पुलिस बना रही दबाव, प्रियंका गांधी ने की बात

कानपुर2 महीने पहले
घर के बाहर डीप फ्रीजर में रखा मनीष का शव।

गोरखपुर के होटल में कानपुर के रियल एस्टेट कारोबारी मनीष गुप्ता (36) की हत्या का मामला गंभीर होता जा रहा है। डीएम और पुलिस कमिश्नर की लाख कोशिशों के बावजूद परिजनों ने मनीष के शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया है। परिवार वाले CM योगी आदित्यनाथ से मिलने की जिद पकड़े हैं, जो गुरुवार को कानपुर आ रहे हैं।

हालांकि सूत्र कह रहे हैं कि इस पर सहमति बन गई है कि सुबह CM के आने से पहले मनीष के शव का अंतिम संस्कार कर दिया जाएगा। पुलिस कमिश्नर असीम अरुण और डीएम विशाख जी अय्यर ने 2 घंटे तक मीनाक्षी और परिजनों से बातचीत की। मनीष का शव घर में डीप फ्रीजर में रखा गया है। उधर, इस मामले में विपक्षी दलों के नेताओं ने भी मोर्चा खोल दिया है।

पत्नी ने प्रशासन के सामने रखीं 3 मांगें

मृतक की पत्नी मीनाक्षी गुप्ता ने प्रशासन के सामने 3 मांगें रखी हैं। इसमें सबसे पहली मांग है कि केस को आगे की कार्रवाई के लिए कानपुर ट्रांसफर किया जाए। दूसरी मांग है कि परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी मिले। जबकि तीसरी मांग है कि 50 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाए। इन मांगों को लेकर अधिकारी इसलिए भी गंभीर हैं क्योंकि गुरुवार को CM का दौरा है। और मनीष के परिजन CM योगी से मिलेंगे।

मृतक मनीष गुप्ता के परिवार वालों को समझाते पुलिस अफसर।
मृतक मनीष गुप्ता के परिवार वालों को समझाते पुलिस अफसर।

बुधवार सुबह नौ बजे कानपुर पहुंचा मनीष का शव

परिजन गोरखपुर से मनीष का शव लेकर बुधवार सुबह नौ बजे कानपुर पहुंचे। इसकी जानकारी होने पर एसीपी गोविंद नगर सर्किल फोर्स के साथ मनीष के घर पहुंचे। शव का अंतिम संस्कार करने को लेकर पुलिस और परिवार वालों के बीच बात हुई। लेकिन परिजनों ने मांगें पूरी न होने तक शव न उठाने से इंकार कर दिया। इस दौरान गोविंद नगर विधायक सुरेंद्र मैथानी भी वहां पहुंच गए। मीनाक्षी ने कहा कि सब झूठ बोलते हैं। चुनाव के चलते सिर्फ गलत प्रचार किया जा रहा है कि मेरी मुख्यमंत्री से फोन पर बात हुई है।

मीनाक्षी का आरोप- CM फोन नहीं करते तो मुकदमा नहीं लिखा जाता
मीनाक्षी ने बताया कि गोरखपुर में अगर मुख्यमंत्री फोन नहीं करते, तो शायद मुकदमा नहीं लिखा जाता। मुख्यमंत्री ने पूरे सपोर्ट की बात कही है। उन्होंने परिवार को 10 लाख रुपए मुआवजा और बेटे की पढ़ाई का जिम्मा लेने की बात कही है। यह बात करते-करते मीनाक्षी चीख-चीख कर रोने लगी और बोलने लगी। बोली- मेरी दुनिया इन पुलिस वालों ने उजाड़ दी। भगवान इन लोगों को कभी माफ नहीं करेगा। इस बीच उनका हाथ पकड़े खड़ा बेटा भी मां को बेसुध देख कर रोने लगा। पास में खड़े परिवार वालों ने मीनाक्षी और बच्चे को चुप कराया।

अपने पति की मौत के लिए न्याय की गुहार लगाती मीनाक्षी।
अपने पति की मौत के लिए न्याय की गुहार लगाती मीनाक्षी।

पुलिस वालों ने बनाया दबाव मीनाक्षी ने बताया कि गोरखपुर से जब हम लोग मनीष के शव को लेकर चले, तो हमारे साथ 15 पुलिसकर्मी भी वहां से भेजे गए थे। पूरे रस्ते भर इन पुलिसकर्मियों ने कहीं गाड़ी नहीं रोकने दी। मेरे बच्चे को भूख लगी थी, फिर भी गाड़ी नहीं रोकी। साथ ही वह लोग हम पर दबाव बनाते रहे और कहते रहे कि कानपुर में मीडिया से बात नहीं करनी है।

मीडिया के सामने अपनी बात रखती मीनाक्षी, मुख्यमंत्री के कहने पर हुई कार्यवाही
मीडिया के सामने अपनी बात रखती मीनाक्षी, मुख्यमंत्री के कहने पर हुई कार्यवाही

घर छावनी में बदला
शासन और प्रशासन ने दबाव बनाने के लिए मनीष की डेड बॉडी पहुंचने से पहले ही घर को छावनी में तब्दील कर दिया था। पुलिस और पीएसी के जवानों ने घर को घेर रखा था। शुरुआत में मीडिया कर्मियों को भी परिवार से मिलने नहीं दिया जा रहा था।

मीडिया से लगाई मदद की गुहार
मीडिया से बात करते हुए मीनाक्षी ने हाथ जोड़ते हुए कहा कि जब तक दोषी पुलिस कर्मियों को सजा नहीं मिल जाती तब तक आप लोगों का सपोर्ट चाहिए। मैं पुलिस वालों को सजा दिलाए बिना चैन से नहीं बैठूंगी। मीनाक्षी ने आरोप लगाते हुए कहा- पूरा पुलिस प्रशासन दोषियों को बचाने में जी-जान से लगा हुआ है। मुख्यमंत्री के क्षेत्र में अगर ऐसा हो रहा है, तो प्रदेश में क्या हो रहा होगा।

छावनी में तब्दील हुआ घर।
छावनी में तब्दील हुआ घर।

प्रियंका गांधी ने मीनाक्षी से की बात
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने मीनाक्षी से बात कर हरसंभव मदद देने की बात कही। प्रियंका गांधी ने उच्चस्तर पर मामले को उठाने का आश्वासन दिया है।

प्रियंका गांधी से बात करते हुए मीनाक्षी।
प्रियंका गांधी से बात करते हुए मीनाक्षी।

सपा नेता भी राजनीति करने पहुंचे
मनीष का शव लेकर पहुंची मीनाक्षी से पहले ही समाजवादी पार्टी के कुछ नेता वहां पहुंच गए। लेकिन मीनाक्षी सीधे घर के अंदर चली गईं। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता उनसे मिलने के लिए खड़े रहे, लेकिन मीनाक्षी ने दूर से ही उनसे हाथ जोड़ते हुए वहां से जाने की अपील की।

समाजवादी पार्टी के नेता जबी वहां पहुंचे, तो मीनाक्षी ने हाथ जोड़कर उनसे जाने को कहा।
समाजवादी पार्टी के नेता जबी वहां पहुंचे, तो मीनाक्षी ने हाथ जोड़कर उनसे जाने को कहा।

सोशल मीडिया पर भी ट्रेंड होने लगा मामला
सोशल मीडिया पर भी यह मामला अब काफी चर्चित हो गया है। एक दिन पहले बनाए गए मीनाक्षी के ट्वीटर अकाउंट पर तेजी से फॉलोअर्स बढ़ रहे हैं। वहीं, मनीष की मौत पर इंसाफ की मांग को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट तेजी से फैल हो रहे हैं। ऐसे में यह मामला अब सरकारी महकमे के माथे पर बल डालने लगा है।

कानपुर के व्यापारियों में गुस्सा

कारोबारी मनीष गुप्ता की पुलिस की पिटाई से मौत के विरोध में कानपुर में व्यापारियों ने बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया। समाजवादी व्यापार सभा ने कैंट में हाथों में चूड़ियां लेकर सर्वधर्म श्रद्धांजलि सभा आयोजित की। सरकार से दिवंगत मनीष के परिवार के लिए 1 करोड़ मुआवजे और पत्नी को सरकारी नौकरी देने की मांग की गई। प्रदेश महासचिव अभिमन्यु गुप्ता ने कहा कि भाजपा सरकार के नेतृत्व को चूड़ियां पहननी चाहिए। निरंकुश पुलिस जनता की दुश्मन बन बैठी है। उन्होंने कहा कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी घटना की निंदा की है।

केके राणा बनाए गए इंस्पेक्टर रामगढ़ताल
गोरखपुर के रामगढ़ ताल थाने के इंस्पेक्टर जेएन सिंह को घटना के बाद सस्पेंड कर दिया गया है। मंगलवार देर रात केके राणा को रामगढ़ ताल थाने का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है। केके राणा अभी हाल के दिनों में कुशीनगर से ट्रांसफर होकर गोरखपुर पुलिस लाइन में थे।

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