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कम बारिश वाले क्षेत्रों में बाजरा के नुकसान का अंदेशा:कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को दी सलाह बाजरे की फसल में नमी बनाए रखें, करते रहे कीटनाशक के छिड़कावकानपुर

कानपुर4 दिन पहले
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फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो

चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कानपुर के कृषि वैज्ञानिकों ने बाजरे की फसल को लेकर एक एडवाइजरी जारी की है। कृषि वैज्ञानिकों ने कम बारिश वाले इलाकों के किसानों को सलाह दी है, कि बाजरे की फसल में नमी बनाए रखें। साथ ही उन्होंने कहा है कि सितंबर के महीने में फसल में लगने वाले कीड़ों की संख्या बहुत ज्यादा हो जाती है, ऐसे में कीटनाशक का छिड़काव भी जरूरी है। देश मे 85 लाख हेक्टेयर खेती में हर साल बाजरा की फसल तैयार की जाती है। भारत विश्व के अग्रणी देशों में बाजरा उत्पादक है।

एडवाइजरी जारी कर किसानों को दी सलाह...

डॉ हरिश्चन्द्र सिंह ने कृषकों को सलाह दी है कि वर्षा ना होने के कारण भूमि में नमी बनाए रखें। डॉ सिंह ने कहा कि सितंबर माह में बाजरे की फसल में लगभग बालियां निकलने लगती हैं। जिसमें रोगों का प्रकोप अधिक होता है। इनका समय से प्रबंधन करना उचित रहता है। उन्होंने बताया कि मृदुरोमिल आशिता रोग बालियों पर दानों के स्थान पर छोटी-छोटी हरी पत्तियां उग जाती हैं। इसकी रोकथाम हेतु 0.35% कॉपर ऑक्सिक्लोराइड का परणीय छिड़काव कर दें। दूसरे रोग के लिए बताया कि अरगट रोग लगता है। जो बालियों में शहद जैसा चिपचिपी बूंदे दिखाई देती हैं। इसके नियंत्रण के लिए खड़ी फसल में बावस्टीन 0.1% का दो तीन बार परणीय छिड़काव कर दें।

पशुओं का प्रमुख चार है बाजरा...

CSA के कुलपति डॉक्टर डी.आर सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय के बाजरा वैज्ञानिक डॉ हरीश चंद्र सिंह ने कृषकों को एडवाइजरी जारी की है। जिसमे बताया गया है कि अधिक बाजरे का उत्पादन और लाभ के लिये किस तरह से उन्नत तकनीक अपनाना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि देश के शुष्क एवं अर्ध शुष्क क्षेत्रों में यह प्रमुख खाद्य फसल है। साथ ही पशुओं के पौष्टिक चारा उत्पादन के लिए भी बाजरे की खेती की जाती है।

बेहद पोषक होता है बाजरा...

डॉ हरीश चंद्र सिंह ने बताया कि पोषण की दृष्टि से इस के दाने में अपेक्षाकृत अधिक प्रोटीन 10.8 से 14.5% और वसा 0.4 से 8 % मिलती है। वही कार्बोहाइड्रेट, खनिज तत्व, कैल्शियम, कैरोटीन, राइबोफ्लेविन, विटामिन B2 और नाइसीन, विटामिन बी6 भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। गेहूं एवं चावल की अपेक्षा इस में लौह तत्व भी अधिक होते हैं। उन्होंने बताया कि अधिक ऊर्जा मान के कारण इसे सर्दियों में खाना अधिक पसंद किया जाता है। उन्होंने बताया कि भारत में कुल बाजरे का क्षेत्रफल लगभग 95% असिंचित है।

बाजरा का अग्रणी उत्पादन देश है भारत...

डॉ सिंह ने बताया कि भारत विश्व का अग्रणी बाजरा उत्पादक देश है। यहां लगभग 85 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में बाजरे की खेती की जाती है। जिसमें 87% क्षेत्र राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा एवं उत्तर प्रदेश में है।

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