कानपुर...CSA नैनो पार्टिकल तकनीक से बढ़ाएगा रोग प्रतिरोधक क्षमता:विश्वविद्यालय जल्द शुरू होगा ट्रायल, स्प्रे कर किया जाएगा प्रशिक्षण

कानपुर20 दिन पहले
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चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर - Dainik Bhaskar
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर

नैनो पार्टिकल तकनीक से पौधों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की तैयारी है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (CSA) के विशेषज्ञों ने टमाटर, मक्का और धान की फसलों पर काम शुरू कर दिया है। इसके बाद आलू, गेहूं और अन्य फसलों के जल्द ही ट्रायल शुरू किए जाएंगे। इसमें फसलों पर हुए बदलाव, असर और गुणवत्ता का अध्ययन होगा।

विशेषज्ञ दो साल में पूरा आकलन कर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) को रिपोर्ट दे देंगे। इस कार्य में एक निजी कंपनी का सहयोग भी लिया जा रहा है, जिसकी ओर से नैनो पार्टिकल्स मुहैया कराए गए हैं।

नैनो पार्टिकल्स स्प्रे से बढ़ाएंगे गुणवत्ता
फसलों की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए मिट्टी में सोडियम, पोटेशियम, फास्फोरस, मैग्निशियम समेत अन्य पौष्टिक तत्वों का छिड़काव किया जाता है। कई तरह के माइक्रो न्यूट्रिएंट्स (सूक्ष्म पोषक तत्व) काफी महंगे आते हैं, जिनका उपयोग महंगा पड़ता है। यह पोषक तत्व मिट्टी की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ ही रोगों से लड़ने की क्षमता में इजाफा करते हैं।

सीएसए के संयुक्त निदेशक शोध डॉ. एससी विश्वास ने बताया कि नैनो पार्टिकल्स का स्प्रे के माध्यम से छिड़काव किया जाता है। यह अन्य तत्वों के मुकाबले एक तिहाई सस्ता पड़ता है। फसलों में पहली बार छिड़काव 30 से 35 दिन और दूसरी बार 40 से 45 दिन में किया जाता है। अभी यह तकनीक नई है। इसका आकलन हो रहा है।

फसलों पर पता चलेगा प्रभाव
डॉ. विश्वास के मुताबिक नैनो पार्टिकल्स का असर पौधों पर कितना हुआ है। उनमें किस तरह का बदलाव हुआ है। पैदावार और अन्य तरह के रोग की स्थिति क्या रही, इसकी जानकारी मिल सकेगी। फसलों पर रोगों के हमले का पता लग सकेगा।

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