मनीष हत्याकांड की जांच पर सियासती उबाल:परिवार से मिले अखिलेश यादव; बोले- हाईकोर्ट के जज की निगरानी में हो जांच, मीनाक्षी बोलीं- राजनीतिक मुद्दा नहीं मेरे पति की मौत

कानपुर8 महीने पहले
कानपुर में मनीष की पत्नी और परिवार से मुलाकात करते अखिलेश यादव।

कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता की हत्या के प्रकरण में सियासत शुरू हो गई है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार दोपहर कानपुर पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की। मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने मनीष की पत्नी मीनाक्षी की मदद के लिए दो करोड़ मुआवजे की मांग सरकार से की है। यह भी ऐलान किया कि 20 लाख की मदद सपा करेगी। अखिलेश ने मनीष को न्याय दिलाने के लिए आंदोलन करने की चेतावनी दी है।

हालांकि मीनाक्षी ने अखिलेश से मुलाकात के पहले सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखी। जिसमें कहा, 'मेरा निवेदन है कृपया मेरे पति की मौत को राजनीतिक मुद्दा मत बनाओ। मैं अपने पति के लिए इंसाफ चाहती हूं बस'।

कानपुर पहुंचे अखिलेश यादव।
कानपुर पहुंचे अखिलेश यादव।

अखिलेश बोले- हाईकोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में हो जांच
अखिलेश यादव ने कहा कि पुलिस रक्षा नहीं कर पा रही है, बल्कि लोगों की जान ले रही है- 'जिस पुलिस की सुरक्षा देने की जिम्मेदारी थी, उसने जान कैसे ले ली? सबसे ज्यादा कस्टोडियल डेथ भाजपा सरकार में हुई है। ठोको... ठोको... नीति के कारण आमजन को भी इसी व्यवहार का सामना करना पड़ा है। मनीष गुप्ता की हत्या की जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में हो। जो भी दोषी सिपाही, दरोगा हैं, उन्हें कठोर सजा मिलनी चाहिए'।

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि गोरखपुर के जिस होटल में मनीष रुके, वहां से सीसीटीवी हटा दिए गए। साक्ष्य मिटा दिए। अखिलेश यादव ने कहा, 'परिवार की दो करोड़ की मदद होनी चाहिए। मनीष की पत्नी पढ़ी-लिखी हैं उनके बेटे का भरण-पोषण कैसे होगा? सरकार को दो करोड़ की मदद देनी चाहिए। इस केस में डीएम-एसपी ही दोषी नहीं, सरकार भी जिम्मेदार है। जब डीएम-एसपी से बूथ लुटवाओगे तो यही होगा। ये अधिकारी वही हैं जिन्होंने अमरोहा में बूथ लुटवाया था।

जब तक भाजपा की सरकार है आप पुलिस से उम्मीद नहीं कर सकते न्याय की। सरकार उन अधिकारियों को मौका नहीं दे रही है जो सही काम कर सकें। समाजवादी पार्टी पूरी तरह से परिवार के साथ हैं और मुझे उम्मीद है कि जिस दिन यह केस फास्ट ट्रैक कोर्ट में जाएगा, उस दिन पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा और उदाहरण बनेगा कि इस तरीके की घटना ना हो। सच को मारने का काम भारतीय जनता पार्टी की सरकार करती है'।

मनीष के परिवार से बात करते पूर्व सीएम अखिलेश यादव।
मनीष के परिवार से बात करते पूर्व सीएम अखिलेश यादव।

आज सीएम से मुलाकात भी संभव
प्रशासनिक अफसरों ने मीनाक्षी को आज सीएम से मुलाकात कराने का आश्वासन दिया है। हालांकि अभी तक कोई अधिकारी मीनाक्षी के घर पहुंचे नहीं हैं। मीनाक्षी केस की जांच SIT से कराने की मांग कर रही हैं। वे मुख्यमंत्री योगी से मिलना चाहती हैं।

आरोप है कि सोमवार की रात गोरखपुर के होटल में ठहरे मनीष को पुलिसकर्मियों ने पीटा था। इसके बाद उनकी मौत हो गई थी। मनीष का शव बुधवार सुबह 9 बजे गोरखपुर से कानपुर उनके घर लाया गया था। घटना से नाराज परिजन ने अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था। उनकी मांग थी कि वे CM योगी से मिलेंगे, दोषियों पर कार्रवाई की मांग करेंगे और मुआवजा लेंगे इसके बाद ही अंतिम संस्कार करेंगे। आश्वासन के बाद सुबह 5 बजे शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

हत्याकांड में 6 पुलिसवाले सस्पेंड, केस दर्ज
गोरखपुर के रामगढ़ताल थाने के पुलिस इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह पर आरोप है कि उनकी पुलिस टीम ने मनीष गुप्ता की पीट-पीटकर हत्या कर दी। मनीष की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट भी यही कर रही है कि उसे बुरी तरह पीटा गया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सिर, चेहरे और शरीर के दूसरे हिस्सों में गंभीर चोट के निशान मिले हैं। इस मामले में तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की गई है। इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह समेत 6 पुलिसवालों को सस्पेंड कर दिया गया है।

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