न्यायाधीश के बेटे से UPCA की जालसाजी:अंडर-19 के 5 मैचों का क्रिकेट एसोसिएशन ने नहीं किया भुगतान, डायरेक्टर सहित 4 के खिलाफ वारंट जारी

कानपुर9 महीने पहलेलेखक: आदित्य द्विवेदी
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चंदौली में न्यायाधीश रमेश यादव ने उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (UPCA) के चार अधिकारियों पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था। न्यायाधीश रमेश यादव ने बताया कि उनके बेटे ने अंडर-19 के 5 मैचों में हिस्सा लिया था। इसका UPCA ने भुगतान नहीं किया, सिर्फ TA/DA ही भेजकर खानापूर्ति कर ली गई। नियम के तहत उनके बेटे को प्रति मैच 45 हजार रुपए के हिसाब से 5 मैचों के कुल 3.10 लाख रुपए का भुगतान होना था।

इस मामले में चंदौली के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 22 नवंबर को वारंट जारी कर दिया है। वहीं, 25 नवंबर को हाईकोर्ट में स्टे को लेकर हुई सुनवाई में फैसला सुरक्षित रखा गया है। कोर्ट में सुनवाई के दौरान इस मामले में तेजी आने के बाद यूपीसीए के नामजद पदाधिकारियों की मुश्किलें बढ़ती नज़र आ रही हैं।

चंदौली के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने अधिकारियों के खिलाफ वारंट जारी किया।
चंदौली के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने अधिकारियों के खिलाफ वारंट जारी किया।

टीम का हिस्सा होने के बाद भी नहीं दिया भुगतान
न्यायाधीश रमेश यादव ने बताया कि वर्ष 2018-19 में इलाहाबाद अंडर-19 टीम में उनके बेटे त्रिवेश यादव को टीम का हिस्सा बनाया गया था। इसके बाद वह पांच मैच में टीम का हिस्सा बनकर गया। मांगने पर बड़ी मुश्किल से सिर्फ दो मैचों के ही सर्टिफिकेट दिए गए। टीम का हिस्सा बनने पर मिलने वाली लाखों की धनराशि यह कह कर नही दी गई कि UPCA के पास पैसे नही हैं। मालूम करने पर पता चला कि यूपीसीए के खाते में लाखों रुपए थे।

दर्ज हुआ धोखाधड़ी का मुकदमा
न्यायाधीश रमेश यादव ने बताया कि यदि उनका बेटा 2 मैच में टीम का हिस्सा रहा था तो उसके खाते में यूपीसीए से मिलने वाले 5 मैचों का TA/DA क्यों भुगतान किया गया। पांच में से तीन मैचों का सर्टिफिकेट नहीं दिया गया। अगर 5 मैचों का TA/DA दिया गया है तो पांचों का सर्टिफिकेट भी दिया जाए।

न्यायाधीश ने कहा कि यूपीसीए के अधिकारियों ने 5 मैचों का सिर्फ TA/DA भेजकर अन्य मिलने वाली धनराशि में धोखाधड़ी की है। इस पूरे मामले की शिकायत पर चंदौली कोतवाली में गबन, धारा 420 सहित कई धाराओं में FIR हुई है। जिसमें मुख्य अभियुक्त यूपीसीए के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) दीपक शर्मा, युद्धवीर सिंह निदेशक एवं पूर्व सचिव, टीम के कोच मोहम्मद आमिर और टीम के मैनेजर सतीश जायसवाल को पूरे मामले में अभियुक्त बनाया गया। इसके अलावा अन्य को भी शामिल किया गया है।

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