जीआरपी सिपाही की प्रयागराज में आत्महत्या का मामला:एस्कॉर्ट ड्यूटी पर ट्रेन लेकर गए थे प्रयागराज, गोली मारकर की खुदकुशी

कानपुरएक महीने पहले
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कानपुर सेंट्रल में तैनात एक हेड कॉन्स्टेबल ने प्रयागराज में जीआरपी पुलिस लाइन के शौचालय में सर्विस पिस्टल से गोली मारकर खुदकुशी कर ली। वह एस्कॉर्ट ड्यूटी पर प्रयागराज गए थे। आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा रहा है। चर्चा है कि लंबे समय से अवकाश नहीं मिलने के कारण कॉन्स्टेबल चिंतामणि यादव ने आत्महत्या कर ली है। हालांकि विभाग के शीर्ष अधिकारियों का कहना है कि वह इस पूरे मामले की पड़ताल कर रहे हैं। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है।

फोन नही मिला लाश मिली

प्रयागराज के मांडा में रहने वाले हेड कांस्टेबल चिंतामणि यादव की तैनाती कानपुर जीआरपी में थी। चिंतामणि यादव साथी हेड कांस्टेबल सुरेंद्र पटेल के साथ 18 सितंबर को एस्कॉर्ट ड्यूटी पर अजमेर सियालदह एक्सप्रेस लेकर प्रयागराज गए थे। दोनों जीआरपी लाइन चले गए। दोनों हेड कॉन्स्टेबल को प्रयागराज से स्पेशल कालका मेल से स्काउट ड्यूटी करते हुए आना था। सोमवार को वापस कानपुर आने के लिए साथी कांस्टेबल सुरेंद्र पटेल फोन लगा रहे थे। कई बार फोन किया लेकिन फोन नहीं उठा। बाद में जानकारी हुई थी चिंतामणि ने पुलिस बेड़े के शौचालय में सरकारी पिस्टल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। इधर मौके पर एसपी रेलवे एस एस मीणा मौके पर पहुंच गए थे।

साथी कांस्टेबल ने बताया नहीं है, आत्महत्या का अंदेशा

क्षेत्राधिकारी जीआरपी कमरुल हसन ने जानकारी दी, कि हेड कांस्टेबल की आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा रहा है। प्रयागराज से जानकारी दी गई थी। घर वाले भी मौके पर पहुंच गए थे। घटनास्थल से शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया था। इधर साथ में एस्कॉर्ट ड्यूटी पर गए हेड कांस्टेबल सुरेंद्र पटेल ने बताया कि चिंतामणि यादव काफी खुशमिजाज थे। सफर के दौरान भी ऐसी कोई बात नहीं हुई थी, जिससे लगे कि वह टेंशन में है। वह किसी को लेकर या किसी बात को लेकर परेशान है। कई बार ट्रेन के कोचों में साथ साथ चेकिंग करते रहे। लेकिन उनका व्यवहार सामान्य था। वह आत्महत्या कर लेंगे इस बात पर बिल्कुल भी अंदेशा नहीं है।

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