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कानपुर में जहरीली गैस से 3 की मौत:सेप्टिक टैंक में पहले एक उतरा, उसे बचाने गए दो और मरे; 1 घंटे बाद निकाले गए शव

कानपुर2 महीने पहले

कानपुर में रविवार को सेप्टिक टैंक की जहरीली गैस से 3 लोगों की मौत हो गई। एक मजदूर 10 फीट गहरे टैंक में शटरिंग निकालने गया था। काफी देर तक वह बाहर नहीं आया। दो मजदूर उसे देखने गए तो वो भी टैंक में फंस गए। तीनों के बाहर न आने पर लोगों की भीड़ जुट गई।

ठेकेदार और स्थानीय लोगों ने किसी तरह से रेस्क्यू कर 1 घंटे बाद तीनों को बाहर निकाला। एक की मौत हो चुकी थी। दो ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। तीनों मृतक मजदूरों के घरवालों ने मकान मालिक पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले को शांत कराने का प्रयास कर रही है।

खबर में पोल है। आगे बढ़ने से पहले आप इसमें हिस्सा ले सकते हैं।

शटरिंग हटाने टैंक में उतरे थे मजदूर
मामला बर्रा के मालवीय विहार का है। यहां कुशल गुप्ता का मकान बन रहा है। मकान में सेप्टिक टैंक भी बनाया गया है। काम कर रहे मजदूर रविवार को टैंक की सफाई और शटरिंग हटा रहे थे। टैंक के अंदर शिवा तिवारी (25) था। इसी दौरान जहरीली गैस का रिसाव हुआ। जिससे वह बेहोश होकर गिर पड़ा।

यह वही सेप्टिक टैंक है, जिसमें मजदूर शटरिंग खोलने के लिए उतरे थे।
यह वही सेप्टिक टैंक है, जिसमें मजदूर शटरिंग खोलने के लिए उतरे थे।

शिवा करीब 15 मिनट तक बाहर नहीं आया तो साथी मजदूर अंकित पाल (28) और अमित कुमार (34) भी उसे बचाने सेप्टिक टैंक में उतरे तो वह दोनों भी बेहोश हो गए। तीनों के बाहर न आने पर हंगामा शुरू हो गया और लोगों की भीड़ लग गई। इसी बीच किसी ने मामले की सूचना पुलिस को दी।

ये फोटो बर्रा के मालवीय विहार की है। हादसे के बाद लोगों की भीड़ लग गई।
ये फोटो बर्रा के मालवीय विहार की है। हादसे के बाद लोगों की भीड़ लग गई।

दो की इलाज के दौरान गई जान
बर्रा पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से तीनों को बाहर निकालकर हॉस्पिटल पहुंचा। डॉक्टरों ने शिवा तिवारी को मृत घोषित कर दिया, जबकि अंकित और अमित कुमार की हालत गंभीर बनी रही। दोनों को आईसीयू में भर्ती करके इलाज शुरू किया गया, लेकिन कुछ ही देर बाद दोनों मजदूरों ने भी दम तोड़ दिया।

DCP साउथ प्रमोद कुमार ने बताया कि लापरवाही किस स्तर पर हुई, इसकी जांच की जा रही है। मृतक के परिजन की तहरीर के आधार पर मामले में FIR दर्ज करके आगे की कार्रवाई की जाएगी।

निर्माणाधीन मकान के बाहर के मृतकों परिजन शव रखकर हंगामा कर रहे हैं।
निर्माणाधीन मकान के बाहर के मृतकों परिजन शव रखकर हंगामा कर रहे हैं।

परिजनों ने शव रखकर किया हंगामा
तीनों मजदूरों को अस्पताल ले जाने के लिए काफी देर तक एंबुलेंस नहीं मिली। मजदूरों को ई-रिक्शा के पायदान पर लिटाकर अस्पताल ले जाया गया। इसको लेकर परिजनों ने शव रखकर हंगामा किया। परिजनों ने मुआवजे की मांग करते हुए मदद न करने का आरोप लगाया है। इस दौरान पुलिस और परिजनों में झड़प भी हुई।

पुलिस हंगामा कर रहे परिजनों को शांत करा रही है।
पुलिस हंगामा कर रहे परिजनों को शांत करा रही है।

बगैर सुरक्षा उपकरण के टैंक में उतरे थे
बर्रा थाना प्रभारी ने बताया, " शुरुआती जांच में सामने आया है कि सेप्टिक टैंक साफ करने के लिए कर्मचारी बगैर किसी सुरक्षा उपकरण के टैंक में उतरे थे। नया टैंक था, उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि इस खाली टैंक में भी गैस बन सकती है। इसके चलते जहरीली गैस के चपेट में आ गए। मकान मालिक और कर्मचारी दोनों स्तर से लापरवाही की गई है।"

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