कल्याण सिंह के नाम पर हो कासगंज जिले का नाम:जिला पंचायत की बैठक में पास हुआ प्रस्ताव, कन्नौज में गांव मियागंज का नाम बदलने का ज्ञापन भी डीएम को सौंपा गया

कासगंज/कन्नौजएक महीने पहले
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कासगंज जिले का गठन 2008 में मायावती सरकार में हुआ था। - Dainik Bhaskar
कासगंज जिले का गठन 2008 में मायावती सरकार में हुआ था।

यूपी में शहरों के नाम बदलने की मांग की परंपरा सी शुरू हो गई है। अब कासगंज जिले का नाम कल्याण सिंह के नाम पर करने का प्रस्ताव जिला पंचायत की बैठक में पास कर शासन को भेजा गया है। जबकि कन्नौज में एक गांव मियागंज का नाम बदलने के लिए सोमवार को डीएम को ज्ञापन दिया गया। बताते चले कि इससे पहले तकरीबन आधा दर्जन जिलों के नाम बदलने का प्रस्ताव शासन को अलग अलग भेजा जा चुका है।

कल्याण सिंह के नाम पर हो कासगंज का नाम भी

पूर्व यूपी सीएम कल्याण सिंह मरने के बाद भी अमर हो गए हैं। उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अब कासगंज जिले का नाम कल्याण सिंह के नाम पर करने का प्रस्ताव पास हुआ है। दरअसल, 4 सितंबर को कासगंज जिला पंचायत की बैठक में कल्याण सिंह के नाम पर जिले का नाम करने का प्रस्ताव पास किया गया है। जिला पंचायत अध्यक्ष रत्नेश कश्यप कहती हैं कि जिन्होंने भगवान राम के लिए सीएम की कुर्सी छोड़ दी। उनके लिए हम अपने जिले का नाम बदलना चाहते हैं। वैसे भी कासगंज बाबूजी की कर्मभूमि रही है।

2008 में बना था कासगंज

15 अप्रैल 2008 में मायावती सरकार में एटा जनपद का कुछ हिस्सा काटकर कांशीराम नगर जिला बनाया था। जबकि 2012 में सपा सरकार आते ही तत्कालीन सीएम अखिलेश यादव ने कांशीराम नगर का नाम बदल कर कासगंज कर दिया। अब एक बार फिर 9 साल बाद जिले का नाम बदलने की तैयारी की जा रही है।

5 जिलों में कल्याण सिंह के नाम पर बनेगा मार्ग

कल्याण सिंह की मौत के बाद यूपी सरकार ने अभूतपूर्व फैसला लेते हुए एलान किया है कि अयोध्या में राममंदिर की ओर जाने वाली सड़क का नाम कल्याण सिंह के नाम पर होगा। यही नहीं अयोध्या समेत 5 जिलों में कल्याण सिंह के नाम पर जिले में एक रास्ता बनाने का एलान किया है।

कन्नौज के गांव मियागंज का नाम बदलने के लिए दिया ज्ञापन

कन्नौज सदर तहसील क्षेत्र में आने वाले गांव मियागंज का नाम बदलने की मांग उठने लगी है। मामले में मियागंज निवासी कौशल किशोर नाम के संत ने डीएम को ज्ञापन देते हुए मांग की है कि यह गांव ऋषियों की तपोभूमि और जन्मस्थली रही है। इसलिए इसका नाम मियागंज से बदलकर ऋषि नगर रखा जाए। उन्होंने बताया कि मियागंज चार ऋषियों की जन्म स्थली रही है। यहां के लोग इसका नाम ऋषि नगर के नाम से चाहते हैं। उनका कहना है कि करीब 20 साल से हम लोग आम बोलचाल में इसको ऋषि नगर नाम से ही संबोधित करते हैं। जबकि सरकारी दस्तावेज़ों में यह मियागंज के नाम से जाना जाता है।

कौशल किशोर नाम के संत ने डीएम को ज्ञापन देते हुए मांग की है कि गांव का नाम मियागंज से बदलकर ऋषि नगर रखा जाए।
कौशल किशोर नाम के संत ने डीएम को ज्ञापन देते हुए मांग की है कि गांव का नाम मियागंज से बदलकर ऋषि नगर रखा जाए।

भाजपा ने अपने 4 साल के कार्यकाल में बदले 3 नाम

2017 में आई भाजपा सरकार ने अपने बीते 4 साल के कार्यकाल में 2 शहर और एक स्टेशन का नाम बदला है। हालांकि इसके बाद स्थानीय स्तर पर कई नेताओं ने जिलों के नाम बदलने की मांग उठायी लेकिन अभी तक वह मांग पूरी नहीं हुई है। बहरहाल, फैजाबाद को अयोध्या और इलाहाबाद को प्रयागराज और मुगलसराय स्टेशन का नाम दीन दयाल उपाध्याय करने के बाद सरकार पर तुष्टिकरण का भी आरोप लगा था। हालांकि, भाजपा का पक्ष था कि हम खोयी हुई संस्कृति को वापस ला रहे हैं।

अखिलेश यादव ने बदले थे 8 जिलों के नाम

अखिलेश यादव ने अपने कार्यकाल में 8 जिलों के नाम बदले थे। जिसमे अमेठी का नाम भी शामिल था। हालांकि, यह वह जिले थे। जिनके नाम मायावती ने अपनी सरकार में बदल दिए थे। यही नहीं मायावती सरकार ने किंग जॉर्ज मेडिकल का नाम भी बदलकर छत्रपति शाहू जी महाराज मेडिकल कॉलेज कर दिया था। अखिलेश यादव ने अपनी सरकार में उसका नाम फिर बदल दिया था।

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