• Hindi News
  • Local
  • Uttar pradesh
  • Kasganj
  • Discussed The Importance Of Surdas In Literature In Kasganj The Speaker Said No One Can Describe The Pastimes Of Child Krishna Like Surdas Did.

कासगंज में साहित्य में सूरदास के महत्व पर चर्चा की:वक्ता बोले- बाल कृष्ण की लीलाओं का वर्णन जैसा सूरदास ने किया वैसा कोई नहीं कर सकता

कासगंज15 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
समक्ष संगठन के कार्यकर्ताओं ने आयोजित किया कार्यक्रम। - Dainik Bhaskar
समक्ष संगठन के कार्यकर्ताओं ने आयोजित किया कार्यक्रम।

कासगंज शहर के प्रभुपार्क में स्थित हनुमान मंदिर में सक्षम कासगंज के तत्वावधान में संत सूरदास की जयंती मनाई गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सक्षम के उत्तर पश्चिमी क्षेत्र के प्रभारी एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य राम मिश्र रहे।

वही इस जयंती कार्यक्रम की अध्यक्षता कासगंज की पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष डॉ. शशिलता चौहान ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ सन्त सूरदास की और भारतमाता के चित्र पर अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन व माल्यार्पण कर किया गया।

प्रान्त उपाध्यक्ष ललित मोहन कुलश्रेष्ठ ने बताया कि सक्षम संगठन 21 प्रकार की दिव्यांगता के क्षेत्र में कार्य करता है। दिव्यांगों के सहयोग के लिए हर समय मदद करता है।
प्रान्त उपाध्यक्ष ललित मोहन कुलश्रेष्ठ ने बताया कि सक्षम संगठन 21 प्रकार की दिव्यांगता के क्षेत्र में कार्य करता है। दिव्यांगों के सहयोग के लिए हर समय मदद करता है।

दिव्यांगता के क्षेत्र में कार्य करता है संगठन

वही जयंती कार्यक्रम में प्रान्त उपाध्यक्ष ललित मोहन कुलश्रेष्ठ ने बताया कि सक्षम संगठन सभी 21 प्रकार की दिव्यांगता के क्षेत्र में कार्य करने वाला संगठन है। सन्त सूरदास जी जन्म से ही दिव्यांग थे; अत: वे सक्षम के प्रेरणास्रोत हैं। सक्षम के नवीन सत्र का शुभारम्भ सन्त सूरदास जयन्ती से ही किया जाता है।

काव्य गोष्ठी में साहित्य में संत सूरदास की महत्ता पर प्रकाश डाला गया।
काव्य गोष्ठी में साहित्य में संत सूरदास की महत्ता पर प्रकाश डाला गया।

संत सूरदास के कृतिव्य पर प्रकाश डाला

डॉ. विद्युतलता कुलश्रेष्ठ ने सन्त सूरदास जी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भक्तिकाल के सगुण धारा के कवि सूरदास जी की जयन्ती पूरे भारतवर्ष में हर्षोल्लास के साथ मनाई जाती है। महाकवि सूरदास भगवान श्रीकृष्ण के भक्त थे। वो जन्म से ही अंधे थे, किन्तु भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का जैसा वर्णन सूरदास ने किया है वो कोई नेत्र वाला भी नहीं कर सकता

डॉ. विद्युतलता कुलश्रेष्ठ ने सन्त सूरदास जी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला।
डॉ. विद्युतलता कुलश्रेष्ठ ने सन्त सूरदास जी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला।
खबरें और भी हैं...