कासगंज में अग्निपथ का विरोध:किसान संगठनों ने योजना को वापस लेने की मांग, बोले- भविष्य के साथ हो रहा खिलवाड़

कासगंज2 महीने पहले
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चार साल के लिए सेना में नियुक्ति की इस योजना को लेकर देश के युवा नाराज हैं और सड़कों पर उतर आए हैं। कासगंज में किसान संगठनों ने अग्निपथ का विरोध कर राष्ट्रपति के नाम अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में किसान संगठनों ने देश के जवान और किसान के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाली अग्निपथ योजना को रद्द करने की मांग की है।

कासगंज में तमाम किसान संगठनों ने अग्निपथ का विरोध करते हुए अपना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करने के बाद किसान नेताओं ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया और अग्निपथ को समाप्त करने की मांग की। किसान नेताओं ने देश के राष्ट्रपति से कहा कि आप देश के मुखिया होने के साथ-साथ भारत की सेना के सर्वोच्च कमांडर भी हैं। देश में जवान और किसान के अभिन्न रिश्ते से आप परिचित हैं। इसलिए हम भारत के जवान और किसान इस उम्मीद के साथ आपसे यह अपील कर रहे हैं कि आप "अग्निपथ" नामक योजना से देश, जवान और किसान के भविष्य के साथ होने वाले खिलवाड़ को रोकेंगे।

किसान संगठनों ने अग्निपथ का विरोध किया।
किसान संगठनों ने अग्निपथ का विरोध किया।

भर्ती की पुरानी पद्धति को खत्म कर रही यह योजना
किसानों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में कहा कि, जैसा आप जानते हैं, केंद्र सरकार भारतीय सेना में भर्ती की पुरानी पद्धति को खत्म कर रही है। अग्निपथ नामक एक नई योजना लाई है। इस नई योजना के के तहत सेना की भर्ती में कई बड़े और दूरगामी बदलाव एक साथ किए गए हैं। सेना में जवानों की पक्की नौकरी में सीधी भर्ती बंद कर दी गई है। थल सेना और वायु सेना में जो पक्की भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी जिसमें फाइनल टेस्ट या नियुक्ति पत्र जारी करने बाकी थे। उसे भी रद्द कर दिया गया है, जो कि गलत है। इसलिये अग्निपथ को खत्म किया जाए।

राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
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