भ्रष्टाचार में फंसे अधिकारियों और कर्मचारियों पर FIR:कासगंज में आंगनबाड़ी भर्ती में भ्रष्टाचार का मामला, तत्कालीन सीडीओ समेत 16 पर FIR, विधायक निधि और इंदिरा आवास आवंटन में किया घपला

कासगंजएक महीने पहले
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आंगनबाड़ी भर्ती में किया भ्रष्टाचार। - Dainik Bhaskar
आंगनबाड़ी भर्ती में किया भ्रष्टाचार।

कासगंज जनपद में वर्ष 2011-12 में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की नियुक्तियां हुई थीं। इन नियुक्तियों में तमाम अपात्रों को मानकों की अनदेखी करके पात्र बनाकर नौकरियां दे दी गईं। इसके अलावा आंगनबाड़ी की कई अन्य योजनाओं में अनियमितताएं भी सामने आई है। भ्रष्टाचार के मामले में कासगंज के तत्कालीन सीडीओ, परियोजना अधिकारी सहित 16 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

जांच में बड़ा घोटाला आया सामने

बता दें कि कासगंज जिले में करीब नौ साल पहले आंगनबाड़ी भर्ती, विधायक निधि के दुरुपयोग व इंदिरा आवास योजना के आंवटन के मामले में आगरा सतर्कता अधिष्ठान की जांच में बड़ा घोटाला सामने आया है। इस घोटाले में अनियमितताओं के लिए दोषी पाए गए तत्कालीन सीडीओ, परियोजना अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी सहित 16 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। सतर्कता अधिष्ठान के एसपी रविशंकर निन ने एफआईआर दर्ज करने के बाद पत्रावली शासन को भेज दी है।

विधायक निधि का किया गया दुरुपयोग

वर्ष 2011-12 में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की नियुक्तियां हुई थीं। इन नियुक्तियों में तमाम अपात्रों को मानकों की अनदेखी करके नौकरी दे दी गई। वहीं वर्ष 2014 में विधायक निधि से 10 लाख रुपये छदामी सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को दिए गए। इसमें विधायक निधि का दुरुपयोग होने की पुष्टी हुई है। इसके साथ ही आरोपी अधिकारियों ने इंदिरा आवास का अपात्रों के बीच आवंटन कर दिया। इन सभी अनियमितताओं पर शासन को शिकायतें मिली थीं।

सतर्कता अधिष्ठान आगरा को सौंपी गई थी जांच

शिकायतकर्ता कमला देवी ने यह शिकायत शासन को की थी। वर्ष 2014 में इस शिकायत को शासन ने गंभीरता से लेते हुए जांच सतर्कता अधिष्ठान आगरा को दिया था। जांच में अधिकारियों सहित कुल 16 लोग दोषी पाए गए। उनके खिलाफ 19 अगस्त को आगरा में भ्रष्टाचार अधिनियम, षड्यंत्र रचने, धोखाधड़ी, अधिकारों के हनन सहित संगीन धाराओं में मामला पंजीकृत किया गया है।

इन सभी अधिकारियों और कर्मचारियों पर FIR दर्ज की गई

आरोपियों में तत्कालीन सीडीओ चंद्रशेखर सिंह, तत्कालीन परियोजना अधिकारी उमेश त्यागी, सेवानिवृत्त बाल विकास परियोजना अधिकारी सैलजा सिंह चौहान, जया श्रीवास्तव, मकुंतला, आशीष कुमार, मुख्य सेविका शीला भारती, नुजहत परवीन, शारदा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रजनी, प्रियंका, तत्कालीन प्रबंधक छदामी सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ममता, तत्कालीन खंड विकास अधिकारी राधेश्याम द्विवेदी, इंद्रपाल सिंह, राजेश कुमार मिश्रा एवं अनूप श्रीवास्तव शामिल हैं। यह प्राथमिकी सतर्कता अधिष्ठान के निरीक्षक सुनील कुमार ने दर्ज कराई है।

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