'हिन्दी जनमन की भाषा, मेरे मन की अभिलाषा':कासगंज में निर्झर ने मनाया हिंदी दिवस, भव्य काव्य संध्या का आयोजन

कासगंज2 महीने पहले
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निर्झर साहित्यिक संस्था के तत्वावधान में 'हिन्दी- दिवस' पर भव्य कार्यक्रम हुआ। - Dainik Bhaskar
निर्झर साहित्यिक संस्था के तत्वावधान में 'हिन्दी- दिवस' पर भव्य कार्यक्रम हुआ।

कासगंज में निर्झर साहित्यिक संस्था के तत्वावधान में 'हिन्दी- दिवस' पर भव्य काव्य संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम बीएस डायनामिक एकेडमी के सभागार में आयोजित की गई। यह काव्य संध्या निर्झर के वरिष्ठ संरक्षक डॉ. अखिलेश चन्द्र गौड़ की अध्यक्षता में हुई।

कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्ज्वलित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. अखिलेश चन्द्र गौड़ ने सरस्वती वंदना पढ़ी और मां दे दो अक्षर ज्ञान मुझे, 'भाषा सौरभ सद्ज्ञान मुझे' तत्पश्चात मनोज 'मंजुल' ने हिन्दी भाषा समर्पित रचना पढ़ी।

निर्झर साहित्यिक संस्था के तत्वावधान में 'हिन्दी- दिवस' पर भव्य कार्यक्रम हुआ।
निर्झर साहित्यिक संस्था के तत्वावधान में 'हिन्दी- दिवस' पर भव्य कार्यक्रम हुआ।

'करता हूं मैं गर्व कि हिन्दी मेरी भाषा है'

भारत का सम्मान छिपा है राष्ट्र भाषा हिन्दी में इसी क्रम को आगे बढाते हुए कार्यक्रम संचालक अखिलेश सक्सेना ने मनोज शर्मा को आमंत्रित किया। उन्होंने कार्यक्रम में पढा, 'करता हूं मैं गर्व कि हिन्दी मेरी भाषा है'। वही कार्यक्रम में अखिलेश सक्सेना ने पढ़ा कि 'हिन्दी जनमन की भाषा, मेरे मन की अभिलाषा, मैं बोल- बोल सुख पाऊं, नित लिखूं गीत और गाऊं..'।

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