कासगंज में सोरों को तीर्थ स्थल घोषित करने की मांग:प्रदर्शनकारियों ने कहा- मांग पूरी न होने पर आंदोलन तेज करेंगे, हरपदीय गंगाकुंड से जुड़ी हैं कई मान्यताएं

कासगंज2 महीने पहले
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सरकार से की सोरों को तीर्थस्थल घोषित करने की मांग। - Dainik Bhaskar
सरकार से की सोरों को तीर्थस्थल घोषित करने की मांग।

कासगंज की प्राचीन तीर्थ नगरी सोरों (सूकर क्षेत्र) को तीर्थ स्थल घोषित करने की मांग लगातार तेज होती जा रही है। रविवार को सोरों में प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों ने सरकार से अपनी मांग मनवाने के लिए अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। सभी लोगों ने सोरों को तीर्थ नगरी घोषित करने की मांग की।

हिरण्याक्ष का वध कर किया था पृथ्वी का उद्धार

सोरों शूकर क्षेत्र में हिरण्याक्ष जब पृथ्वी को पाताल लोक में ले गया था, तब भगवान विष्णु ने पृथ्वी का उद्वार करने के लिए अपना शरीर आधा नर आधा शूकर (भगावन वराह) तृतीय अवतार सतयुग में रूप धारण किया। उन्होंने पाताल लोक हिरण्याक्ष का वध कर के पृथ्वी का उद्वार किया।

सोरों ने इसी स्थान पर हरपदीय गंगा कुंड में अपने शरीर का त्याग कर दिया। तभी से सोरों हरपदीय गंगा कुंड की एक नहीं अनेको मान्यताएं हैं। मान्यता है कि हरपदीय गंगाकुंड में जिन पूर्वजों की अस्थियां विसर्जन की जाती हैं, वह मात्र 72 घंटे के अंतराल में पानी में घुल मिल जाती हैं, यानि रेणू रूप हो जाती हैं।

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