40 दिन बाद अरब से आया युवक का शव:दम्माम शहर में हार्ट अटैक से हुई थी मौत, 9 महीने पहले रोजगार की तलाश में गया था

कौशांबी2 महीने पहले
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कौशांबी जिले की मंझनपुर तहसील के अमुरा गांव के राम मिलन के शव को 40 दिन बाद देश की सरजमीं में सुपुर्दे ख़ाक कर दिया गया। शुक्रवार को उसका पार्थिव शरीर अरब के दम्माम शहर से हवाई मार्ग से लखनऊ पंहुचा। जहां से परिजन उसे सड़क के रास्ते घर लेकर पहुंचे। राम मिलन गांव से 9 महीने पहले रोजगार के चलते दम्माम शहर की एक कंपनी में काम करने गया था। जहां उनकी मौत हार्ट अटैक से हो गई थी। मौत के बाद परिजन शव को घर लाये जाने की मांग कर रहे थे।

गांव पहुंचा राम मिलन का शव।
गांव पहुंचा राम मिलन का शव।

कर्ज के कारण अरब गया था राममिलन

करारी के अमुरा गांव निवासी राम मिलन खेती किसानी कर अपना और अपने बच्चों का पेट पालता था। खेती में कुछ ख़ास न कर पाने के चलते उस पर हजारों रुपये कर्ज हो गया। राम मिलन के घर में पत्नी व दो बेटियां है। बच्चों की बेहतर परवरिश व भविष्य के चिंता से राम मिलन ने खाड़ी देश में नौकरी की तलाश कर वहां जाने का फैसला कर लिया। करीब 10 माह पहले राम मिलन अरब देश के दम्माम शहर में एक कंपनी में प्राइवेट नौकरी करने चला गया।

परिवार ने शव को गांव लाने की लगाई थी गुहार

18 अगस्त को राम मिलन अपनी पत्नी राजवंती से फोन पर बात कर रहा था। तभी उसे सीने में दर्द की शिकायत हुई। फोन कट कर उसने दवा लेने जाने की बात कही। इसके बाद राम मिलन के साथी कामगारों ने परिवार को उसकी मौत की खबर दी। पीड़ित परिवार राम मिलन की लाश गांव लाने के मांग कर डीएम को प्रार्थना पत्र दिया।

दूतावास के जरिये हुई कार्यवाही में शुक्रवार को राम मिलन का पार्थिव शरीर मौत के 40 दिन बाद करारी थाना क्षेत्र के अमुरा गांव पंहुचा। राम मिलन के पार्थिव शरीर के आखिरी दर्शन के लिए ग्रामीणों और परिवार के रिस्तेदार पहुंचे। दोपहर राम मिलन का शव गांव की सरजमीं पर सुपुर्दे ख़ाक कर दिया गया। राम मिलन के पत्नी और बच्चो का रो रो कर बुरा हाल हो गया।

राजवंती के मुताबिक पति के जाने के बाद अब बेटियों को वह पढ़ा लिखा कर परवरिश करेगी। अब उसके लिए बेटियां ही जीवन जीने का सहारा है।

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