कौशाम्बी में बाढ़, आधा दर्जन गांवों से संपर्क टूटा:18 लाख क्यूसेक पानी यमुना में छोड़ा गया, किसानों की सैकड़ों बीघा फसल बर्बाद

कौशांबी4 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
जलस्तर बढ़ने से तराई क्षेत्र में बसे दर्जन भर गांव के लोग चिंतित हैं। - Dainik Bhaskar
जलस्तर बढ़ने से तराई क्षेत्र में बसे दर्जन भर गांव के लोग चिंतित हैं।

कौशांबी में यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है जिससे गांव में बाढ़ के हालात है। करीब आधा दर्जन गांवों से संपर्क टूट गया है जिसके चलते लोग नाव से आवागमन कर रहे हैं। वहीं किसानों की सैकड़ों बीघा फसल बर्बाद हो गई हैं। वहीं जलस्तर बढ़ने से तराई क्षेत्र में बसे दर्जन भर गांव के लोग चिंतित हैं। हालांकि बाढ़ से निपटने के लिए जिला व तहसील प्रशासन अलर्ट हो गया है।

डीएम ने अलर्ट रहने की हिदायत दी

राजस्थान के धौलपुर बैराज से 18 लाख क्यूसेक पानी बुधवार को यमुना में छोड़ा गया। जिसका असर कौशांबी में देखने को मिल रहा है। पिछले तीन दिनों से यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। कछार में बोई गई किसानों की सैकड़ों बीघे तिली की फसल बर्बाद हो गयी है। वहीं डीएम सुजीत कुमार के निर्देश पर मंझनपुर एसडीएम राकेश कुमार श्रीवास्तव व चायल एसडीएम ज्योति मौर्या ने कई गांवों का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों की हिदायत दी कि बढ़ रहे जलस्तर को लेकर अलर्ट रहे। गांव के करीब पानी पहुंचने पर गांव छोड़ दें।

पिछले तीन दिनों से यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
पिछले तीन दिनों से यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।

दहशत में एक दर्जन गांव के लोग

एसडीएम ने बताया कि गढ़वा स्थित जैनियों की धर्मशाला को आश्रय स्थल बनाया गया है। यदि नदी का पानी गांव में घुसा तो ग्रामीण आश्रय स्थल पर रहेंगे। बढ़ रहे जलस्तर को लेकर मंझनपुर तहसील के बेरौचा, सोनवारा, दिया, महिला चायल तहसील के मुहम्मदाबाद, मल्हीपुर, उमरवल, सहित तराई क्षेत्र के दर्जनों गांव के लोग दहशत में हैं।

संपर्क मार्ग टूटने पर लोग नाव से आवागमन कर रहे हैं।
संपर्क मार्ग टूटने पर लोग नाव से आवागमन कर रहे हैं।
खबरें और भी हैं...