कौशांबी में गैंगस्टर ब्रदर्स की 2.65 करोड़ की संपत्ति कुर्क:चिटफंड कंपनी खोल दर्जनों लोगों से ठगे थे 10 करोड़ रुपये, गैंगेस्टर एक्ट में हुई कार्रवाई

कौशांबी2 महीने पहले
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कौशांबी जिला मुख्यालय मंझनपुर के कोर्रों मोड़ पर चिटफंड कंपनी खोलकर एफडी व आरडी के नाम पर 10 करोड़ रुपये लेकर भागने वाले सगे भाइयों पर मंगलवार को कुर्की व सीलिंग की कार्रवाई हुई।पुलिस ने पहले ही दोनों ठग ब्रदर्स पर गैंगेस्टर की कार्रवाई की थी। मंगलवार को राजस्व कर्मियों ने करीब 2.65 करोड़ की संपत्ति को कुर्क कर लिया।

मंझनपुर के बरई बंधवा का मजरा बभन पुरवा निवासी रामलखन ने जनवरी 2022 में शिकायती पत्र दिया था।जिसमें उन्होंने बताया कि कोर्रों मोड़ पर पर्ल व्हाइट इंफ्रोकेयर कंपनी के नाम से ऑफिस खोला गया। इसके सीएमडी रघुराज सिंह यादव निवासी कोर्रई थे। साथ ही उसके भाई धनराज सिंह व शिवराज सिंह कर्मचारी थे। तीनों ने उससे मुलाकात की और कंपनी में रुपए निवेश करने के एवज में कम समय के भीतर ज्यादा ब्याज दिए जाने का झांसा दिया। रामलखन ने 5 लाख रुपये की एफडी जमा की। साथ ही अपने संपर्क में आने वाले अन्य लोगों का लगभग 10 करोड़ रुपए जमा कराया। इस बीच तीनों भाई कंपनी बंद कर फरार हो गए। रामलखन ने मंझनपुर पुलिस से शिकायत कर तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।

मंझनपुर में संपत्ति कुर्क करने पहुंची पुलिस।
मंझनपुर में संपत्ति कुर्क करने पहुंची पुलिस।

तीनों आरोपियों को पहले ही भेजा गया था जेल
एसपी के निर्देश पर तीनों आरोपियों के खिलाफ बीते दिनों गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा। हालांकि, शिवराज व धनराज को जमानत मिल गई। वहीं, गैंगस्टर की कार्रवाई के बाद अदालत के आदेश पर मंगलवार को पुलिस ने कुर्की व सीलिंग की कार्रवाई की।

कोर्रई गांव में हुई कुर्की
पुलिस अधीक्षक हेमराज मीणा ने बताया कि कोर्रई गांव में सड़क किनारे मौजूद संतसू इंटरनेशनल स्कूल और घर को सील किया गया है। जबकि खेत को कुर्क किया गया। एसडीएम सदर प्रखर उत्तम को सीज और कुर्क की गई संपत्ति का प्रशासक नियुक्त किया गया था। कार्रवाई के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी सिराथू जवाहर लाल यादव, कानूनगो बजरंग प्रसाद व महेवाघाट के प्रभारी निरीक्षक रोशन लाल समेत अन्य कर्मी मौजूद रहे।

परिषदीय स्कूलों में होगा बच्चों का दाखिला
​​​​​​​करोड़ों रुपए का चूना लगाने वाले आरोपियों का स्कूल सील होने के बाद वहां पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के सामने समस्या खड़ी हो गई। जानकारी होने पर कुछ छात्रों के अभिभावक भी वहां पहुंचे। मौके पर रहे खंड शिक्षाधिकारी ने अभिभावकों से कहा है कि वह सभी लोग अपने बच्चों का दाखिला पड़ोसी गांव हाजीपुर पतौना स्थित परिषदीय विद्यालयों में करा सकते हैं। किसी भी तरह की समस्या आने पर उनसे संपर्क करें।

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