सरकारी अस्पताल से मरीज उठा ले गए निजी अस्पताल कर्मी:कौशांबी में इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर से की अभद्रता, भाजपा नेता का है अस्पताल

कौशांबी2 महीने पहले
कौशांबी में जिला अस्पताल के इमरजेंसी में भर्ती युवक, इसे ही प्राइवेट अस्पताल वाले उठा ले गए।

कौशांबी में निजी अस्पताल के कर्मचारियों की दादागिरी का एक मामला सामने आया है। सरकारी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती एक मरीज को निजी अस्पताल के कर्मचारी जबरदस्ती उठा ले गए। इमरजेंसी में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर वैभव केसरवानी को विरोध करने पर दबंगों ने उनसे धक्का मुक्की और बदसलूकी भी की। पीड़ित डॉक्टर ने वारदात की जानकारी सीएमएस डॉ दीपक सेठ को देकर कानूनी कार्यवाही की मांग की है। बताया जा रहा है जिस अस्पताल के कर्मी मरीज को उठाकर ले गए वह अस्पताल भाजपा नेता का है।

2 घंटे बाद मरीज को आया होश

वारदात बुधवार दोपहर की बताई जा रही है। जब मंझनपुर कोतवाली के फ़ैजीपुर गांव में सड़क हादसे में घायल एक शख्स को पुलिस ने एंबुलेंस के जरिये जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर् कराया। मरीज बेहोशी की हालत में 2 घंटे अस्पताल में पड़ा रहा। जिसकी खोज खबर लेने कोई नहीं आया। मरीज के होश आने पर उसकी पहचान सैनी कोतवाली के बस स्टाप निवासी हनुमान प्रसाद पुत्र छग्गू लाल के रूप में हुई। जो मंझनपुर कस्बा आते समय बाइक बाइक की टक्कर में घायल हो गया था।

अस्पताल में डॉक्टर के पास लगी मरीजों की भीड़।
अस्पताल में डॉक्टर के पास लगी मरीजों की भीड़।

डॉक्टरों ने प्रयागराज रेफर किया

मरीज के हाथ पैर और सर में चोट होने के चलते उनकी हालत में सुधार नहीं आ रहा था। इमरजेंसी डॉक्टर वैभव केसरवानी ने परिवार को सूचित कर मरीज को प्रयागराज के स्वरूप रानी अस्पताल रेफर कर दिया। सरकारी अस्पताल से एंबुलेंस मरीज हनुमान प्रसाद को लेकर रवाना होती उसके पहले निजी अस्पताल के दबंग कर्मचारी आकर मरीज को जबरन निजी एंबुलेंस में लेकर जाने लगे।

अस्पताल से युवक को ले जाते हुए निजी अस्पताल के कर्मचारी।
अस्पताल से युवक को ले जाते हुए निजी अस्पताल के कर्मचारी।

रेफर होने से पहले ही उठा ले गए

प्रयागराज ले जाने से पहले ही दबंग निजी अस्पताल के कर्मी मरीज को उठा ले गए। मरीज को निजी अस्पताल कर्मियों द्वारा जबरन ले जाने का विरोध डा वैभव केसरवानी ने किया। दबंगों ने डॉ वैभव केसरवानी से धक्कामुक्की कर उन्हें जान से मारने की धमकी दी। सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों ने सीएमएस डॉ दीपक सेठ से शिकायत कर निजी अस्पताल संचालक व कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है।

अस्पताल में मरीज को एंबुलेंस से उतारते हुए।
अस्पताल में मरीज को एंबुलेंस से उतारते हुए।

सीएमएस बोले- जांच करवाई जाएगी

सीएमएस डॉ दीपक सेठ ने बताया, डॉक्टर वैभव केसरवानी से मरीज को ले जाने को लेकर कुछ विवाद की बात उन्हें बताई गई है। प्रकरण गंभीर है। जिसको लेकर सीनियर डॉक्टर की कमेटी बना कर जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस की मदद से सम्बन्धित के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही कराई जाएगी।

डॉक्टर वैभव केसरवानी ने बताया, मरीज हनुमान प्रसाद को प्रयागराज के लिए रेफर किया गया था। इसके बाद भी जबरदस्ती लवकुश अस्पताल के दबंग कर्मचारी उठा ले गए। विरोध करने पर उनके साथ बदसुलूकी, धक्का-मुक्की और जान से मारने की धमकी दी गई है।

सरकारी अस्पताल के डाक्टर वैभव केसरवानी ने जिस लवकुश अस्पताल पर मरीज को जबरन अगवा करने का आरोप लगाया है। वह भाजपा नेता व सिराथू ब्लाक प्रमुख पति के नाम पर संचालित है। इस सम्बन्ध में भाजपा नेता लवकुश से बात की है। तो उन्होंने ऐसी किसी घटना से साफ़ इनकार किया है।