कौशांबी में राम और रावण का हुआ युद्ध:कुप्पी देकर एक दूसरे पर किया वार, यहां दशहरा को नहीं एकादशी की जलता है रावण

कौशांबी2 महीने पहले

कौशांबी के कड़ा धाम दारानगर रामलीला में बुधवार को राम रावण की सेनाएं युद्ध के मैदान भिंड़ी। 244 साल पुरानी परंपरा को समेटे युद्ध में रावण का वध एकादशी को होता है। कुप्पी युद्ध गांव के रामलीला मैदान विजय दशमी और एकादशी के दिन 7 चरणों में लड़ा जाता है। जिसे देखने ग्रामीण लोगों के साथ दूर दराज के जिलों से लोग आते है।

244 वर्ष पुरानी दारानगर की रामलीला में दशमी के दिन राम और रावण की सेनाओं ने सजीव युद्ध रामलीला मैदान में किया। स्थानीय भाषा में इस युद्ध को कुप्पी युद्ध के नाम से जाना जाता है। जिसमें स्थानीय लोग राम और रावण की सेना का हिस्सा बनकर भाग लेते हैं। रामदल की सेना के लोग गेरुआ वस्त्र पहनकर युद्ध करते हैं। जबकि रावण की सेना के लोग काले रंग के कपड़े पहनकर युद्ध मैदान में उतरते हैं। दोनों सेनाओं के पास प्लास्टिक की बनी हुई कुप्पी होती है। जिसे वह एक दूसरे पर फेंक कर प्रहार करते हैं।

कौशांबी के कड़ा धाम में तैयार किया गया रावण का पुतला।
कौशांबी के कड़ा धाम में तैयार किया गया रावण का पुतला।

दूसरे दिन की लड़ाई में जीतती है राम की सेना
रामलीला में कुप्पी युद्ध के लिए 2 दिन में 7 राउंड दोनों दलों के बीच कुप्पी युद्ध होता है। पहले दिन की चारों लड़ाई रावण सेना जीतती है। दूसरे दिन 3 लड़ाई होती है यह तीनों लड़ाई जीतकर राम की सेना विजयदशमी का पर्व मनाती है। दोनों दिन में सभी सात युद्ध 10 मिनट के होते हैं। राम और रावण दोनों ही दल ने 25-25 सेनानी होते हैं। युद्ध इतना विकराल और रोमांचक होता है। जिसे देखने वालों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं। युद्ध में सेनानी घायल भी हो जाते हैं। लेकिन रणभूमि की मिट्टी ही इनके लिए दवा का काम करती है। सेनानी बताते हैं कि युद्ध में शामिल होना उनके लिए गौरव की बात है।

कौशांबी के कड़ा धाम में राम और रावण की सेना में युद्ध।
कौशांबी के कड़ा धाम में राम और रावण की सेना में युद्ध।

प्लास्टिक की कुप्पी से होता है युद्ध
ऐतिहासिक कुप्पी युद्ध में कुप्पी ऊंट की खाल से तैयार कराई जाती थी। जो बदलते समय के साथ खाल की कुप्पी ने प्लास्टिक का रूप ले लिया। प्लास्टिक की कुप्पी के इस्तेमाल से अब राम और रावण सेना के बीच जो युद्ध होता है।

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