कौशांबी में सीता-गीता की अजब कहानी:दोनों का आधार नंबर हो गया एक, सीता अपने बैंक खाते में रुपए डालती-गीता अपने आधार से निकाल लेती

कौशांबी2 महीने पहले
यह गीता की तस्वीर है।

कौशांबी में एक अजब-गजब मामला सामने आया है। यहां दो महिलाओं के आधार नंबर एक होने की एक महिला खाते में रुपया डालती है। वहीं दूसरी महिला रुपया खाते से निकाल लेती है। मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक अफसरों में हड़कंप मच गया है। आनन् फानन् में अधिकारी अब आधार नंबर सही कराने की बात कह रहे हैं।

तीन किमी की दूरी पर रहती है सीता और गीता

सिराथू तहसील के अफजलपुरवारी ग्राम सभा के मजरा बाले का पूरा में सीता देवी पत्नी लोकनाथ रहती है। जबकि वहां से तीन किमी दूर गीता देवी पत्नी जीतेंद्र सिंह मैदाहाई गांव में रहती हैं। दिक्कत तब शुरू हुई जब सीता के बैंक खाते में प्रधानमंत्री सम्मान योजना का 6 हजार रुपया आया। खाते में रुपए आने का मैसेज भी फोन पर आया था।

यह सीता देवी का आधार कार्ड है।
यह सीता देवी का आधार कार्ड है।

सीता उन रुपयों से बहुत कुछ करने की सोच रही थी। एक दो दिन ऐसे ही बीत गए। अचानक सीता के मोबाइल पर खाते से रुपए निकलने का मैसेज आया। जिसके बाद घर में हंगामा हो गया। इसकी शिकायत कृषि विभाग में सीता के बेटे सुभाष यादव ने की। उन्हें बैंक में जानकारी लेने को भेजा गया।

सीता देवी अपना आधार कार्ड दिखाते हुए।
सीता देवी अपना आधार कार्ड दिखाते हुए।

जांच की गई तो पता चला कि रुपए पइंसा स्थित लिंक ब्रांच से गीता देवी पत्नी जीतेंद्र सिंह निवासी मैदाहाई ने निकाला है। जांच में यह भी पता चला कि सीता देवी का आधार नंबर गीता देवी का आधार नंबर एक ही है। बस दोनों में अंतर सिर्फ इतना है कि फोटो और पता अलग-अलग है। यही कारण था कि गीता देवी के खाते से रुपए नहीं निकले बल्कि सीता देवी के खाते से रुपए निकल गए। बैंक कर्मियों को इसकी जानकारी हुई तो वह भी हैरान रह गए।

गीता ने सीता काे रुपए वापस कर दिए

हालांकि, मामला जब सामने आया तो गीता और सीता का आमना सामना कराया गया। इसके बाद गीता को जब मामला पता चला तो उन्होंने सीता के 6 हजार रुपए लौटा भी दिए।

गीता कहती हैं कि एक आधार होने की वजह से कई दिक्कत हो रही हैं।
गीता कहती हैं कि एक आधार होने की वजह से कई दिक्कत हो रही हैं।

गलती आधार निर्माता कंपनी की और सीता-गीता बन गई जुड़वा

एक ही नंबर के दो आधार कार्ड जारी हुए हैं। इस पर लोग आसानी से यकीन नहीं कर पा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह आधार कार्ड बनाने वाली कंपनी की बड़ी चूक है। सिस्टम में कहीं ना कहीं गड़बड़ी तो है। तभी एक सीरियल के नंबर दो अलग-अलग आधार कार्ड पर जारी हुए हैं। जिसके चलते गांव में महिलाएं अलग-अलग होने के बावजूद भी सीता और गीता जैसी फिल्मी कहानी सामने आ गई है।

आधार नंबर एक होने से सीता और गीता को सता रहा है डर

सीता और गीता नाम की दो अलग-अलग महिलाओं का आधार नंबर एक होने से दोनों को अपने बैंक खाते में रखे हुए रुपए एवं निजता का भय सता रहा है। वह इस बात से आशंकित हैं यदि सीता से कोई गलती हुई उसकी सजा गीता को भोगनी पड़ेगी। इधर गीता से कोई गलती हुई तो सीता उसकी जिम्मेदार न समझी जाए।

गीता देवी ने कहा कि हमने सीता को पैसे वापस कर दिए हैं।
गीता देवी ने कहा कि हमने सीता को पैसे वापस कर दिए हैं।

जांच कर आधार सही कराया जाएगा-एसडीएम

एसडीएम सिराथू राहुल देव भट्ट ने बताया, प्रकरण उनके संज्ञान में आया है। जिसकी जाँच राजस्व कर्मियों से कराई जा रही है। सत्यता के आधार पर उच्चाधिकारियों को जानकारी देकर समस्या का निस्तारण कराया जायेगा।

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