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कौशांबी की वीरांगना ने खट्टे किये थे अंग्रेजों के दांत:खंडहर में तब्दील हो रही दुर्गा की जन्मस्थली, ब्रिटिश हुकूमत की हिला दी थी नींव, लाला लालजपत राय की मौत का बदला लेने को गवर्नर हेली पर चलाई थी गोली

कौशांबी2 महीने पहले
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दुर्गा क्रांतिकारी भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, रामप्रसाद बिस्मिल सहित अन्य क्रांतिकारियों को अंग्रेजों से लोहा लेने के लिए गुपचुप तरीके से उन सभी तक पिस्टल व गोला बारूद पहुंचाती रहीं। - Dainik Bhaskar
दुर्गा क्रांतिकारी भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, रामप्रसाद बिस्मिल सहित अन्य क्रांतिकारियों को अंग्रेजों से लोहा लेने के लिए गुपचुप तरीके से उन सभी तक पिस्टल व गोला बारूद पहुंचाती रहीं।

भगवान बुद्ध की धरती कौशांबी में जन्म लेने वाली वीरांगना बेटी दुर्गा ने क्रांति की मशाल जला ब्रिटिश हुकूमत के दांत खट्टे कर दिए थे। क्रांतिकारी साथियों में दुर्गा भाभी के नाम से विख्यात सही मायने में आयरन लेडी थीं। सिराथू तहसील के शाहजातपुर गांव में आज भी उनकी जन्म स्थली मौजूद है, लेकिन वह अब खंडहर में तब्दील हो रही है।

प्रदेश सरकार ने भवन निर्माण करा पुस्तकालय बनाने का दावा किया था। मौजूदा समय में हालत यह है कि भवन तो बना पर क्रांतिवीरों की गाथा बताने वाले अब तक नहीं पहुंच सके हैं।

पति से प्रेरणा लेकर बनीं थी क्रांतिकारी
दुर्गा भाभी का जन्म शहजादपुर गांव में 07 अक्टूबर 1907 को पंडित बांके बिहारी भट्ट के घर में हुआ था। अल्पायु में ही इनकी शादी लाहौर में रहने वाले भगवती चरण वोहरा के साथ कर दी गई थी, जो क्रांतिकारी सदस्य थे। यहीं से आजादी की अलख इनके मन में जग गई और वे पति के साथ चंद्रशेखर आजाद, सरदार भगत सिंह सहित कई क्रांतिकारियों की मदद करने लगीं। 28 मई 1930 को रावी नदी के निकट बम परीक्षण के समय पति की मौत के बाद दुर्गा भाभी पूरी तरह से क्रांतिकारी सदस्यों के साथ मिलकर अंग्रेजों की विरुद्ध टूट पड़ीं।

शहीद स्मारक भवन अनदेखी का शिकार है।
शहीद स्मारक भवन अनदेखी का शिकार है।

गवर्नर पर चलाई थी गोली
मुंबई की अंग्रेज सभा में उन्होंने लाला लाजपतराय की मौत का बदला लेने के लिए वहां के गवर्नर हेली को मारने के लिए गोली चलाई थी, जिसमें हेली तो बच गया था लेकिन टेलर नामक अंग्रेज अधिकारी घायल हो गया था। दुर्गा भाभी क्रांतिकारी भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, रामप्रसाद बिस्मिल सहित अन्य क्रांतिकारियों को अंग्रेजों से लोहा लेने के लिए गुपचुप तरीके से उन सभी तक पिस्टल व गोला बारूद पहुंचाती रहीं।

शहीद स्मारक भवन का ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिस वजह से ज्यादातर लोग जानते भी नहीं हैं।
शहीद स्मारक भवन का ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिस वजह से ज्यादातर लोग जानते भी नहीं हैं।

जन्‍मस्‍थली भवन आज भी है जर्जर
वीरांगना दुर्गा के निधन के बाद लोगों ने जन्मस्थली पर स्मारक बनाए जाने की मांग की। सांसद विनोद सोनकर ने अगस्त क्रांति 2017 में सैनिक सम्मान समारोह कार्यक्रम आयोजित कराया। उसमें आए तत्कालीन रक्षा मंत्री जनरल वीके सिंह ने स्मारक भवन बनाए जाने की घोषणा की थी। नया स्मारक भवन तो जरूर बन गया लेकिन उनकी जन्मस्थली वाला भवन आज भी जर्जर हालत में है।

राज्‍यपाल ने स्‍मारक भवन की रखी थी आधारशिला
अगस्त क्रांति के अवसर पर वर्ष 2018 में तत्कालीन उत्‍तर प्रदेश के राज्यपाल रामनाईक ने वीरांगना दुर्गा भाभी के घर से थोड़ी दूर पर स्मारक भवन की आधारशिला रखी थी। उसे वर्ष 2019 के अगस्त क्रांति के अवसर पर सूबे के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लोकार्पण किया था।