8 साल का मासूम रोते-बिलखते पहुंचा थाने, VIDEO:कहा- थानेदार अंकल, पापा शराब पीकर मारते हैं; प्लीज मेरी मदद करिए

कुशीनगर15 दिन पहले

कुशीनगर में एक बच्चा अपने पिता की शराब पीने की आदत से परेशान होकर थाने पहुंच गया। बच्चे ने रोते हुए कहा, ''थानेदार अंकल, पापा शराब पीकर मुझे बहुत मारते हैं। गाली भी देते हैं। मेरे पापा की शराब पीने की आदत छुड़वा दीजिए।''

बच्चे ने यह भी कहा, ''यह सिर्फ मेरी ही नहीं, बल्कि करोड़ों बच्चों की समस्या है।'' इसके बाद थानेदार ने बच्चे के पिता को थाने बुलाया और उसको जमकर फटकार लगाई। उससे कहा कि अगर फिर से कभी शराब पीकर बच्चे को पीटा, तो ठीक नहीं होगा।

क्लास-3 में पढ़ता है आर्यन
मामला कुशीनगर के कसया थाना परिसर का है। बच्चे का नाम आर्यन मौर्य है। उसकी उम्र 8 साल है और वह क्लास-3 में पढ़ता है। आर्यन कसया नगर के वार्ड नम्बर-18 माथौली का रहने वाला है। आर्यन के पिता का नाम धर्मप्रिय मौर्य है। वह खेती-किसानी करके घर का खर्च चलाते हैं।

दरअसल, आर्यन बुधवार दोपहर अकेले थाने पहुंचा। वह थानेदार डॉ.आशुतोष तिवारी के सामने फफक-फफक कर रोने लगा। बच्चे को रोता देख थानेदार और दूसरे पुलिस वाले चौंक गए। उन्होंने उसे बड़ी मुश्किल से चुप कराया और रोने का कारण पूछा। इसके बाद बच्चे ने पूरी बात बताई।

  • अब पढ़िए वह कहानी, जो बच्चे ने थानेदार को बताई
थानेदार डॉ.आशुतोष तिवारी बच्चे की बात सुनते हुए।
थानेदार डॉ.आशुतोष तिवारी बच्चे की बात सुनते हुए।

बोला- पापा मेरी किताबें फेंक देते हैं, मारते भी हैं
बच्चे ने कहा, 'थानेदार-अंकल! पापा रोज रात में शराब पीकर आते हैं। वह मम्मी से झगड़ा करते हैं। जब मैं मां से लड़ाई करने से रोकता हूं, तो मुझे बहुत मारते हैं। मुझे चोट भी आती है, लेकिन दवा लाकर भी नहीं देते। मैं पढ़ रहा होता हूं, तो मेरी किताबें फेंक देते हैं। मैं पापा की वजह से होमवर्क भी पूरा नहीं कर पाता। इसकी वजह से मुझे स्कूल में भी डांट पड़ती है। मैं बहुत परेशान हूं अंकल…मेरी मदद करिए। आप शराब की दुकान बंद करवा दीजिए। तभी पापा शराब पीना बंद करेंगे।"

थानेदार ने बच्चे को पढ़ने के लिए कॉपी-किताब दिलाईं।
थानेदार ने बच्चे को पढ़ने के लिए कॉपी-किताब दिलाईं।

''मेरे घर का माहौल बहुत खराब रहता है''
आर्यन ने आगे कहा, "यह केवल मेरी दिक्कत नहीं है, मेरे जैसे हजारों, लाखों और करोड़ों बच्चों की दिक्कत है। आप लोग प्लीज शराब की दुकानों पर बैन लगवा दो, तभी हम लोगों का जीवन सुधर पाएगा। शराब की वजह से मेरे घर का माहौल बहुत खराब रहता है। हम लोग कहीं बाहर भी नहीं जा पाते हैं। पापा को कई बार रोका लेकिन वो मानते ही नहीं हैं। पापा के साथ जो उनके दोस्त हैं उनको भी आप डांटो। जिससे वो लोग शराब पीना बंद कर दें।"

थानेदार डॉ. आशुतोष कुमार तिवारी ने बच्चे को कुर्सी पर बैठाकर उसकी बात सुनी।
थानेदार डॉ. आशुतोष कुमार तिवारी ने बच्चे को कुर्सी पर बैठाकर उसकी बात सुनी।

मासूम की बात सुनकर थानेदार हो गए भावुक
थानेदार डॉ. आशुतोष कुमार तिवारी ने मासूम की सारी बातों को ध्यान से सुना। उन्होंने मासूम से कहा कि वो उसकी पूरी मदद करेंगे। उन्होंने तुरंत मासूम के पिता को थाने बुलाया। पिता को समझाते हुए शराब न पीने की शपथ दिलवाई। इतना ही नहीं बच्चे से कहा कि आगे से तुम्हारे पापा अगर शराब पीकर मारपीट करें तो उनको बताए। वो उसके घर आकर कार्रवाई करेंगे।

बच्चे की बातें सुनकर थानेदार भावुक हो गए। उन्होंने मासूम को गोद में बैठा लिया। उन्होंने बच्चे की पढ़ाई का खर्चा उठाने की बात कही। उसको पढ़ाई का सामान भी मंगवा कर दिया। फिर बच्चे को घर छुड़वा दिया।

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