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कुशीनगर...शौचालय में सड़ रही लाखों की होम्योपैथिक दवाएं:जिला होम्योपैथी अस्पताल में 2019 में आई थी दवाएं, अभी तक गत्तों में बंद; एक्सपायरी के करीब दवाएं, जिम्मेदारों के पास नहीं है रिकॉर्ड

कुशीनगर2 महीने पहले
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डीएम ने मामले में जांच की बात कही है। - Dainik Bhaskar
डीएम ने मामले में जांच की बात कही है।

कोराना काल में अहम रोल निभाने वाली होम्योपैथिक दवाएं कुशीनगर के जिला होम्योपैथिक अस्पताल में सड़ रही हैं। मरीजों को देने के लिए आईं लाखों रुपए की होम्योपैथिक दवाएं शौचालय में ऐसे ही पड़ी हैं। जिम्मेदारों ने इन दवाओं को वितरित करना तो दूर जिम्मा लेने को भी तैयार नही हैं।

जिला होम्योपैथी अस्पताल में गत्तों में मदरटिंचर की दवाइयां भरी पड़ी हैं। इन दवाइयों का प्रयोग बुखार के लिए होता है। होम्योपैथी दवाएं उत्तर प्रदेश आयुष विभाग ने गोवा एंटीबायोटिक और फर्मासिटिकल लिमिटेड से खरीदी हैं। जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 5 से 6 है। उत्तर प्रदेश सरकार ने जिला होम्योपैथी अस्पताल को ये दवाइयां 2019 में दी थीं। ताकि उसे जिले में संचालित सरकारी होम्योपैथी अस्पतालों में वितरण कराकर लोगों का इलाज कराना सुनिश्चित हो, लेकिन होम्योपैथी विभाग की अनदेखी के चलते ये दवाएं शौचालय में ही सड़ रही हैं।

उत्तर प्रदेश सरकार ने जिला होम्योपैथी अस्पताल को ये दवाइयां 2019 में दी थीं।
उत्तर प्रदेश सरकार ने जिला होम्योपैथी अस्पताल को ये दवाइयां 2019 में दी थीं।

गत्तों में सड़ रही मदरटिंचर दवाएं

सूत्रों के अनुसार गत्तों के अंदर जो दवाएं है उनमें अधिकतर मदरटिंचर दवाएं हैं, जो इस समय के वायरल और बुखार में बेहद उपयोगी होती हैं। दवाइयों में बड़ा खेल हुआ है। इनकी गुडवत्ता पर भी संदेह है। विभागीय जिम्मेदार दवाओं की वैधता समाप्त होने का इंतजार कर रहे हैं। दवाओं की उत्पाद तिथि अगस्त 2018 की है और वैधता 60 महीनों की है। जिसमें लगभग 4 साल का समय पूरा हो गया है।

गत्तों के अंदर जो दवाएं है उनमें अधिकतर मदरटिंचर दवाएं हैं।
गत्तों के अंदर जो दवाएं है उनमें अधिकतर मदरटिंचर दवाएं हैं।

गोदाम नहीं होने के कारण दवाइयां शौचालय में रखी गईं

जिला होम्योपैथी अस्पताल के फार्मासिस्ट आरडी कुशवाहा ने बताया कि दवाओं का सारा रिकार्ड कार्यालय से मिलेगा। होम्योपैथ विभाग के कार्यालय में गोदाम नहीं होने के कारण दवाइयां शौचालय में रखी गई हैं। जिला होम्योपैथ अधिकारी (DHMO) डॉ. अशोक गौड़ ने बताया कि बहुत पहले दवा आई है। इसका बिल बाउचर हमारे पास नहीं है। मेरे चार्ज के समय की दवाइयां नहीं है, लेकिन अब आदेश लेकर उसे बंटवा दिया जाएगा। जिलाधिकारी कुशीनगर एस. राज. लिंगम ने मामले में जांच की बात कही है।

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