कुशीनगर में हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी:स्नान, ध्यान के बाद दिया दान; रामजानकी मंदिर में हुआ भजन कीर्तन

कुशीनगर9 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर छोटी गंडक, बांसी नदी व नारायणी के विभिन्न घाटों पर लोगों ने श्रद्धा व आस्था की डुबकी लगाई। - Dainik Bhaskar
कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर छोटी गंडक, बांसी नदी व नारायणी के विभिन्न घाटों पर लोगों ने श्रद्धा व आस्था की डुबकी लगाई।

कुशीनगर में कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर छोटी गंडक, बांसी नदी व नारायणी के विभिन्न घाटों पर लोगों ने श्रद्धा व आस्था की डुबकी लगाई। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने दान किया। महिलाओं व बच्चों ने मेले में खरीदारी की। कोरोना गाइड लाइन की धज्जियां उड़ाते हुए देख पुलिस प्रशासन चौकन्ना रहा। जगह-जगह पुलिस बूथ बनाए गए थे लेकिन कही कोरोना गाइडलाइंस का पालन नहीं देखा गया।

यूपी-बिहार सीमा पर स्थित बांसी धाम घाट पर हर साल की तरह इस साल कोई खास रौनक रही। ऐतिहासिक बांसी मेले को लेकर यूपी-बिहार प्रशासन सतर्क रहा। घाट पर भीड़ न हो, इसके लिए पूरी व्यवस्था की गई थी। बांसी चौकी की पुलिस की ओर से विशेष चौकसी बरती गई। महिला व पुरुष कांस्टेबल के साथ पीएसी के जवान भी तैनात किए गए थे। मेले में पूरी रात पुलिस गश्त करती रही।

छोटी गंडक, बांसी नदी व नारायणी के विभिन्न घाटों पर लोगों ने श्रद्धा व आस्था की डुबकी लगाई।
छोटी गंडक, बांसी नदी व नारायणी के विभिन्न घाटों पर लोगों ने श्रद्धा व आस्था की डुबकी लगाई।

स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने किया दान

गुरुवार को देर शाम से ही बासी, पनियहवां, शिवाघाट व हेतिमपुर घाट पर श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। रात में प्राचीन रामजानकी मंदिर और आसपास के भवनों में ठहरे लोगों ने भजन, कीर्तन किया। शुक्रवार को सुबह स्नान का क्रम शुरू हुआ जो दोपहर तक चला। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने दान किया। महंत ने बताया कि बड़ी संख्या में लोगों ने स्नान किया। सुरक्षा व्यवस्था के लिए हेतिमपुर चौकी की पुलिस मुस्तैद रही।

बांसी-नारायणी के संगम स्थल पर लगा मेला

सेवरही में बांसी नदी के शिवा घाट व पिपराघाट में बांसी व नारायणी नदी के संगम स्थल पर श्रद्धालुओं ने स्नान किया। इसके अलावा पांडेयपट्टी, गौरी घाट, बीरवट व अहिरौली दान में भी लोगों ने स्नान और दान किया। बांसी घाट पर श्रद्धालुओं ने की गंगा आरती की, घाटों पर मेला जैसा माहौल रहा। नगर पंचायत की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मुकम्मल इंतजाम कराया गया था। थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।

आकर्षण का केंद्र बना झूला

बांसी मेले में बाहर से आए झूला, सर्कस, जादूगर आदि आकर्षण का केंद्र बने रहे। जिसमें खासकर बच्चों एवं युवाओं की अच्छी खासी भीड़ देखी गई। वहीं देर रात तक झूला के लिए लोगों का तांता लगा रहा।

महिलाओं व बच्चों ने मेले में खरीदारी की। सड़क पर लगी दुकानों की वजह से जाम की स्थिति बनी रही।
महिलाओं व बच्चों ने मेले में खरीदारी की। सड़क पर लगी दुकानों की वजह से जाम की स्थिति बनी रही।

राजनीतिक दलों का रहा सहयोग

बांसी मेले में आए श्रद्धालुओं के निशुल्क भोजन और विश्राम के लिए राजनीतिक दलों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसमें विधानसभा पडरौना के कांग्रेसी नेता मनीष जयसवाल मंटू की तरफ से बांसी घाट पर स्नान करने आए श्रद्धालुओं के लिए नि:शुल्क भोजन और ठहरने की व्यवस्था की गई थी।

मेडिकल टीम रही तैनात

बांसी मेले में आए श्रद्धालुओं तबीयत बिगड़ने पर जनक फाउंडेशन के तरफ से बांसी चौकी पर कैंप लगाकर मेले में आए श्रद्धालुओं में नि:शुल्क दवा वितरण किया गया। इस दौरान समाजसेवी संतोष जायसवाल, मंटू जायसवाल, शुभम जायसवाल, सुमित चौरसिया अभिषेक केशरवानी, बंटी गुप्ता कैलाश जयसवाल किशन जयसवाल आदि मौजूद रहे।

प्रशासन की रही कड़ी चौकसी

ऐतिहासिक बांसी मेले को लेकर स्थानीय बासी पुलिस द्वारा विशेष चौकसी बरती गई। इस दौरान महिला पुलिस व पुरुष पुलिस को मेले में तैनात किया गया था। पुलिस प्रशासन के डर से शराब का सेवन करने वालों में भय का आलम रहा। मेले में आए लोग यूपी में पहुंचकर शराब का सेवन करने के बाद बिहार के सीमा पर पुलिस की तैनाती को देखकर सीमा पार करना मुनासिब नहीं समझे। एसडीएम सदर पडरौना ने पुलिस टीम के साथ मेले में गश्त लगाते रहे।

खबरें और भी हैं...