झारही नदी पर बन रहे पुल पर विवाद:पीडब्ल्यूडी ने बिना मार्ग के ही स्वीकृति कर दिया डेढ़ करोड़ रुपये की लागत का पुल

तमकुही राज, कुशीनगर14 दिन पहले

तमकुहीराज में झारही नदी पर बिना मार्ग के ही लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से बन रहा 28 मीटर स्पान का पुल पहले ही विवादों में आ गया है। राजनीतिक दल के लोग भी इसे लेकर सामने आने लगे हैं। जिसकी कई वजह बताई जा रही है।

भास्कर में खबर चलने के बाद तमकुहीराज नगर पंचायत के बगल के गांव पगरा प्रसाद गिरी व धुरिया कोट के बीच झारही नाले पर पीडब्ल्यूडी कुशीनगर द्वारा बनवाये जाने वाले पुल को लेकर अब राजनीति गरम होने लगी है।

झारही नदी पर जिस स्थान पर पुल का निर्माण हो रहा है। वहां नदी के दोनों तरफ स्थित गांव पगरा प्रसाद गिरी व धुरिया कोट से जाने का कोई मार्ग नहीं है। फिर इतनी बड़ी रकम खर्च का पुल बनवाने का औचित्य क्या है।अधिकारियों ने इतने बड़े बजट का पुल कैसे स्वीकृति कर दिया। लोग पीडब्ल्यूडी के मंशा पर भी सवाल उठा रहे हैं।

पूर्व विधायक के प्रस्ताव पर बन रहा पुल

जानकार व पीडब्ल्यूडी के अधिकारी बता रहे हैं कि इस पुल के लिए एक पूर्व विधायक ने प्रस्ताव दिया था। जिससे यह मामला राजनीतिक बनता जा रहा है। जिससे लोगों को राजनीति का मौका मिल रहा।

झारही नदी के किनारे वन विभाग ने कीमती लकड़ियों का जंगल लगा रखा है। जिसमें राष्ट्रीय पक्षी मोर, नीलगाय, सियार, लोमड़ी, बंदर सहित सैकड़ों तरह के जानवर निवास करते हैं। वहीं इसके निर्माण के शुरू में ही वन सम्पदा को नष्ट किया जा चुका है। काफी वन सम्पदा और नष्ट होगी। जो जंगली जीव, जन्तु और पक्षियों के जीवन के लिए संकट खड़ा कर सकता है।

ग्रामीणों में पूर्व प्रधान ज्ञानेंद्र प्रताप उर्फ डब्लू सिंह, नन्दू यादव, नत्थुपाल, मनीष सिंह, विपिन सिंह, अनिल यादव, रामचन्द्र कुशवाहा का कहना है कि अगर पुल बनाना है तो पहले नदी के दोनों तरफ मार्ग का निर्माण कराया जाय। वैसे भी उक्त पुल जहां बन रहा है, उससे तीन सौ मीटर की दूरी पर पहले से पुल बना है, और वह पिच मार्ग से जुड़ा है। जिसका सभी लोग उपयोग करते हैं।

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