धौरहरा में घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ा:3 दिनों तक बारिश के बाद लोगों के घरों में घुसा पानी, केला-उड़द की फसल बर्बाद

धौरहरा12 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

लखीमपुर-खीरी के धौरहरा में 3 दिनों तक हुई बारिश के बाद घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। बारिश के साथ चली हवाओं ने गन्ना, केला और उड़द की फसल को बर्बाद कर दिया है। ईसानगर में घाघरा का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है। इससे लोगों को परेशान होना पड़ रहा है।

क्षेत्र में गिरे पेड़ों की वजह से बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। तीन दिनों से अधिकतर गांवों में अंधेरा है।

कई गांवों के लोगों की बढ़ी परेशानी

बीती रात से अचानक घाघरा नदी के उफनाने से ईसानगर के गांव ओझापुरवा, गुरजहन पुरवा, ठूठवा, बाजार पुरवा, पसियन पुरवा गडरियन पुरवा कैराती पुरवा बेला गढ़ी, पचासा, रामलोक का नया पुरवा समेत कई गांवों में घाघरा का पानी घुस गया। हजारों लोगों की परेशानियां बढ़ा दी है।

घरों की छतों पर लोगों ने बनाया ठिकाना

ठूठवा निवासी दिनेश, रजनीश यादव, दिनेश यादव, चंद्रिका यादव, प्रमोद, अखिलेश मोहन लाल, चन्दकिसोर्, राजेश यादव, जगदीश, शिव कुमार, लल्लू यादव, अशोक कुमार, विनोद , महेश कुमार आदि ने बताया कि शुक्रवार की रात से घाघरा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। लोग अपने घरों की छतों व चारपाइयों पर रहने को मजबूर हो गए हैं।

आंधी-बारिश के कारण टूटे पड़े बिजली के पोल।
आंधी-बारिश के कारण टूटे पड़े बिजली के पोल।
आंधी-बारिश के कारण केले की फसल को पहुंचा नुकसान।
आंधी-बारिश के कारण केले की फसल को पहुंचा नुकसान।
बारिश से स्कूलों में भी पानी भर गया है।
बारिश से स्कूलों में भी पानी भर गया है।

स्कूल में भी भरा पानी

स्कूल में भी पानी भर गया है। स्कूल में तैनात शिक्षकों ने स्कूल में भरे पानी को देखकर अपने उच्च अधिकारियों को सूचित कर स्कूल तक न पहुच पाने की सूचना दी है। बुधवार रात से अधिकतर गांवों की बिजली सप्लाई बंद है। बिजली विभाग जल्द ही लाइनों को सही कर बिजली सप्लाई जारी करने का दावा कर रहा है।

खबरें और भी हैं...