शव को कब्र से निकलवाकर दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग:गोला गोकर्ण नाथ के युवक की जेल में हो गई थी मौत, पत्नी बोली-मेरे पति को नहीं थी कोई बीमारी

गोला गोकर्ण नाथ, लखीमपुरखीरी4 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
गोकशी के आरोप में जेल में बंद धमेंद्र की तबियत खराब होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां, इलाज के दौरान मौत हो गई थी। - Dainik Bhaskar
गोकशी के आरोप में जेल में बंद धमेंद्र की तबियत खराब होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां, इलाज के दौरान मौत हो गई थी।

धर्मेंद्र के शव को कब्र से निकालकर उसकी पत्नी रेखा देवी ने दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। गोकशी के आरोप में जेल में बंद युवक की अस्पताल में मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में लीवर और फेफड़ा खराब होने से मौत का कारण आया था। पत्नी ने बताया कि पति को कोई बीमारी नहीं थी। कोतवाल के पिटाई से पति की मौत हुई है।

जिलाधिकारी को दिये प्रार्थना पत्र के अनुसार पुलिस गोकशी के आरोप में धर्मेंद्र को घर से उठा ले गई थी। दो दिन बाद जेल में उसकी तबियत खराब हो गई। अस्पताल में इलाज के लिए उसे भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में लीवर और फेफड़ा खराब होने के कारण मौत की वजह बताया गया। उसने बताया कि पति बिल्कुल ठीक थे उनका कोई इलाज भी नहीं चल रहा था। धमेंद्र को जेल भेजा गया था तो उस समय मेडिकल हुआ था, उसमें किसी प्रकार की बीमारी का जिक्र नहीं है। पुलिस की मिलीभगत से गलत रिपाेर्ट बना दी गई है। शव को कब्र से बाहर निकालकर 5 सदस्यीय चिकित्सकों के पैनल का गठन किया जाए, जिसमें 1 अनुसूचित जाति और जनजाति का शामिल हो।

रेखा देवी ने डीएम को शिकायत करके पति के शव को कब्र से निकालकर दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की है।
रेखा देवी ने डीएम को शिकायत करके पति के शव को कब्र से निकालकर दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की है।

मामला 30 मई की है, शाम करीब 4 बजे गोला के वर्तमान प्रभारी निरीक्षक विवेक उपाध्याय के अधीनस्थ सिपाही राजेन्द्र सिंह गंगवार, सिपाही सूर्य प्रताप राघव और एक अन्य कांस्टेबल गौरव मूर्तिहा स्थित उसके घर आये और आते ही जबरन घर के अन्दर घुस गये। घर में घुसने के पश्चात उसके पति धर्मेन्द्र कुमार (30) को गाली-गलौज करते हुए बेरहमी से मारने लगे। जब उसने ऐसा करने से मना किया तो महिला को मारा पीटा। इसके बाद पुलिस वाले पति को गोला थाने ले आये। पीछे-पीछे वह भी अपने देवर अरविन्द कुमार के साथ कोतवाल पहुंच गई।

कोतवाल ने पति को छोड़ने के लिए 40 हजार रुपये मांगे
पीड़िता का आरोप है कि थाना गोला में कोतवाल विवेक उपाध्याय ने उससे कहा कि अगर अपने पति को छुड़वाना चाहती हो तो कहीं से भी जुगाड़ बनाकर 40 हजार रुपए का इंतजाम करो। महिला ने अपनी गरीबी का वास्ता देकर चालीस हजार रुपए की रकम देने से मना कर दिया तो नाराज कोतवाल ने उसके और उसके देवर अरविन्द कुमार के सामने ही पति धर्मेन्द्र कुमार को बेल्ट और लात-घूंसों से मारा पीटा। पूरी रात रेखा देवी को भी थाने पर बैठाए रखा।

पैसे का इंतजाम नहीं हुआ तो दूसरे दिन भेज दिया जेल
दूसरे दिन फर्जी मामला बनाकर पति को जेल भेज दिया। तीसरे दिन शुक्रवार की रात में पुलिस प्रताड़ना से आई चोटों की वजह से पति धर्मेन्द्र कुमार की जिला कारागार में दर्दनाक मौत हो गई है। महिला ने बताया कि उसके पति की मौत स्वाभाविक नहीं हुई है।

गांव फोर्स तैनात कर शव का अंतिम संस्कार कराया
धर्मंद्र के शव को पोस्टमार्टम के बाद मूर्तिहा में पहुंचा दिया गया। शाम को ही गांव में पुलिस फोर्स तैनात कर दिया। शनिवार देर शाम गोला कोतवाल विवेक उपाध्याय पहुंचकर जबरन शव का दफनवा दिया। पत्नी रेखा देवी ने दोबारा मृतक की पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। पीड़ित परिवार के घर अभी तक भीम आर्मी, आजाद समाजपार्टी, राष्ट्रीय किसान शक्ति संगठन के पदाधिकारी, भारतीय समन्वय संगठन लक्ष्य टीम सहित अन्य सामाजिक संगठन ने न्याय की मांग की है।

खबरें और भी हैं...