लखीमपुर हिंसा के 3 आरोपी जेल भेजे गए:आशीष के दोस्त अंकित दास, गनर लतीफ और ड्राइवर शेखर की रिमांड पूरी; अब चश्मदीद सुमित की तलाश

लखीमपुर2 महीने पहले

लखीमपुर हिंसा मामले में आशीष मिश्र के अलावा अन्य तीन आरोपी अंकित दास, शेखर (ड्राइवर) और गनर लतीफ की रिमांड खत्म होने के बाद सुबह 9 बजे जेल भेज दिया गया। एक दिन पहले एसआईटी टीम लखनऊ के हुसैनगंज स्थित MI अपार्टमेंट में आरोपी अंकित के फ्लैट पहुंची थी। यहां से एक रिवॉल्वर व रिपीटर (बंदूक) बरामद की गई है। अंकित दास से पुलिस पूछताछ में कई खुलासे हुए हैं। फिलहाल एसआईटी को अब सुमित की तलाश है जोकि घटना का चश्मदीद माना जा रहा है।

कौन है चश्मदीद सुमित?
सुमित जायसवाल घटना के वक्त थार जीप में बैठा था और भीड़ के हमलावर होने के बाद मौके से जान बचाकर भागा था। जिसका वीडियो भी वायरल हुआ था। यही नहीं उसने ही किसानों के खिलाफ मुकदमा भी करवाया था। हालांकि, अब वह अंडरग्राउंड हो चुका है और एसआईटी उसकी तलाश में जुटी है। एसआईटी को सुमित से घटना की हकीकत जानना है कि क्या घटना के वक्त थार में आशीष मिश्र मौजूद था या नहीं? आशीष मिश्र लगातार एसआईटी से घटनास्थल पर अपनी मौजूदगी नकार रहा है।

नीले कुर्ते में थार से उतर कर भागता सुमित।
नीले कुर्ते में थार से उतर कर भागता सुमित।

घटनाक्रम का सीन रीक्रिएशन
बीते गुरुवार को SIT टीम मुख्य आरोपी आशीष मिश्र और उसके दोस्त अंकित दास को घटनास्थल लखीमपुर के तिकुनिया ले गई थी। जहां करीब 2 घंटे तक हिंसा का रीक्रिएशन किया गया। इस दौरान कुछ पुलिस ने 'कृषि कानून को वापस लो...नारेबाजी कर काले झंडे दिखाए और कुछ ने पुलिस जीप पर बैठकर किसानों के पुतलों को रौंदा। 3 अक्टूबर को हुई इस हिंसा का पूरा सीन रीक्रिएशन किया गया।

नेपाल भाग गया था अंकित दास
SIT की पूछताछ में अंकित दास ने बताया कि वह घटना के बाद डरकर लखनऊ स्थित घर आया। यहां पुलिस की दबिश के डर से होटल चला गया, जहां से एक दोस्त की गाड़ी लेकर नेपाल चला गया। टीवी पर आशीष की गिरफ्तारी की जानकारी होने पर वकील से संपर्क कर हाजिर हुआ था।

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