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रात के अंधेरे में लखीमपुर हिंसा का रीक्रिएशन:दिन में हुई घटना को रात में रीक्रिएट करने पर उठे सवाल; बवाल के 70 घंटे बाद भी किसी की गिरफ्तारी नहीं

लखीमपुर खीरी2 महीने पहले

रविवार को लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा को 70 घंटे से ज्यादा बीत चुके हैं। अब तक इस मामले में किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है। वहीं मंगलवार रात 11.30 बजे तिकुनिया में अग्रसेन इंटर कॉलेज के सामने जहां घटना हुई थी, वहां पुलिस टीम ने घटना का रीक्रिएशन किया। इस दौरान जांच टीम ने वीडियो और बयानों के आधार पर उस दिन क्या और कैसे हुआ था यह समझने की कोशिश की।

हालांकि, दोपहर में हुई हिंसा की इस घटना का पुलिस ने अंधेरे में रीक्रिएशन क्यों किया? यह बात किसी को समझ नहीं आ रही है। पुलिस टीम ने भी इस बारे में कुछ नहीं कहा। किसानों और स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस जांच के नाम पर खानापूर्ति कर रही है। अब तक किसी की गिरफ्तारी न होना इस बात को स्पष्ट करता है। हालांकि, एक पुलिस अफसर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मंगलवार शाम को 7.30 बजे एडिशनल SP के नेतृत्व में हिंसा की जांच के लिए टीम गठित की गई। इसके तुरंत बाद घटनास्थल पर पर्याप्त रोशनी का इंतजाम करने के बाद ही रीक्रिएिशन किया गया है।

तीन अक्टूबर को लखीमपुर के तिकुनिया स्थित इसी जगह पर हिंसा हुई थी।
तीन अक्टूबर को लखीमपुर के तिकुनिया स्थित इसी जगह पर हिंसा हुई थी।

जांच के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी
IG रेंज लक्ष्मी सिंह ने बताया कि जांच टीम दोनों FIR की जांच करेगी। जांच के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। बता दें कि लखीमपुर हिंसा मामले में एक FIR हरी सिंह नाम के किसान ने दर्ज कराई थी। इसमें केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र के बेटे आशीष मिश्र समेत 15-20 लोगों को आरोपी बनाया गया है। उनके खिलाफ हत्या और आपराधिक साजिश का केस दर्ज किया गया है। वहीं दूसरी FIR लखीमपुर के शिवपुरी वार्ड के पार्षद सुमित मोदी ने अज्ञात के खिलाफ दर्ज कराई थी।

सभी वीडियो को इकट्ठा कर रही पुलिस
IG रेंज ने बताया कि हिंसा से जुड़े हुए अब तक जितने भी वीडियो और फोटोग्राफ्स आई हैं, उन्हें इकट्ठा किया जा रहा है। जांच टीम एक-एक वीडियो की गहराई से जांच करेगी। एडिशनल SP अरुण कुमार की अध्यक्षता में जांच कमेटी बन चुकी है। इसमें डिप्टी SP संजय नाथ तिवारी, डिप्टी SP संदीप सिंह और तीन इंस्पेक्टर भी शामिल हैं।

केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र ने फिर दोहराया कि उनका बेटा अजय गाड़ी में नहीं था।
केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र ने फिर दोहराया कि उनका बेटा अजय गाड़ी में नहीं था।

मुझे दिल्ली तलब नहीं किया गया: अजय मिश्र
उधर, लखीमपुर हिंसा के बाद पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की तरफ से दिल्ली तलब करने की अटकलों को केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र ने नकार दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी आलाकमान ने उन्हें तलब नहीं किया है। मेरा कुछ काम है। इसलिए मैं आज रात या कल तक दिल्ली पहुंच जाऊंगा। उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि उनका बेटा कार में नहीं था। कार पर हमला करने के बाद ड्राइवर घायल हो गया था। इससे वह संतुलन खो बैठा और वहां मौजूद कुछ लोगों के ऊपर गाड़ी दौड़ गई।

लखीमपुर में 3 अक्टूबर को भड़की थी हिंसा
3 अक्टूबर रविवार को किसानों ने केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र का विरोध करते हुए काले झंडे दिखाए थे। इसी दौरान मंत्री के काफिले की एक गाड़ी ने किसानों को कुचल दिया था। इससे 4 किसानों की मौत हो गई थी। इसके बाद भड़की हिंसा में एक ड्राइवर समेत चार लोगों को पीट-पीटकर मार डाला था। इस हिंसा में एक पत्रकार भी मारा गया था। इस मामले में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र के बेटे आशीष मिश्र समेत 15 लोगों के खिलाफ हत्या और आपराधिक साजिश का केस दर्ज किया गया है।

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