SC में अजय मिश्रा टेनी की केस ट्रांसफर याचिका खारिज:प्रभात हत्याकांड में आज थी सुनवाई, 10 नवंबर को लखनऊ हाईकोर्ट में होगी अंतिम सुनवाई

लखीमपुर-खीरी2 महीने पहले
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यह अजय मिश्रा टेनी की फाइल फोटो है। - Dainik Bhaskar
यह अजय मिश्रा टेनी की फाइल फोटो है।

लखीमपुर खीरी में तिकोनिया के चर्चित प्रभात हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी की केस ट्रांसफर की याचिका खारिज कर दी गई है। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि प्रभात गुप्ता हत्याकांड की अंतिम सुनवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में ही होगी।

केस की अगली सुनवाई लखनऊ हाईकोर्ट की एमपी/एमएलए कोर्ट में 10 नवंबर को होनी है। इसी तारीख पर केस की अंतिम सुनवाई भी होनी है। बताते चलें, साल 2000 में सपा के उभरते छात्र नेता प्रभात गुप्ता की घर के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी समेत तीन लोग आरोपी है।

अजय मिश्रा टेनी ने सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर याचिका डाली थी

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी प्रभात हत्याकांड केस हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच से ट्रांसफर कराकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में कराना चाहते हैं। इसकी याचिका उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में डाली थी। जबकि वादी पक्ष की ओर से याचिका लगाई गई थी कि अजय मिश्रा टेनी अपने रसूख का इस्तेमाल कर केस में अंतिम सुनवाई नहीं होने दे रहे हैं। जिसकी वजह से केस में बार बार तारीख लग रही है। इससे न्याय बाधित हो रहा है। इनकी जमानत याचिका निरस्त हो। जिसकी सुनवाई पूर्व में 10 अक्टूबर पड़ी थी।

बीते 10 अक्टूबर को प्रभात हत्याकांड के वादी राजीव गुप्ता की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों की याचिका को 14 अक्टूबर को एक साथ सुनने का आदेश दिया था। उस दिन चीफ जस्टिस यूयू ललित समेत जस्टिस हेमंत गुप्ता को केस की सुनवाई करनी थी। चूंकि उसी दिन हेमंत गुप्ता का रिटायरमेंट था तो केस की सुनवाई टल गई थी। इसी बीच 17 अक्टूबर को लखनऊ हाईकोर्ट में केस की सुनवाई लगी थी। जिसमें अगली डेट 10 नवंबर दी गई थी। आज सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए 10 नवंबर को अंतिम सुनवाई करने का निर्देश जारी किया है।

7 बार से नहीं हो सकी अंतिम सुनवाई

लोअर कोर्ट में 2004 में आरोपों से बरी होने के बाद केस को लेकर हाईकोर्ट में अपील कर दी गई। 2004 से 12 मार्च 2018 तक इस केस की सुनवाई हाईकोर्ट में हुई। मार्च 2018 में कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया।चार साल आदेश सुरक्षित रहने के बाद 5 अप्रैल 2022 को जस्टिस रमेश सिन्हा और सरोज यादव की बेंच ने आदेश किया कि 16 मई 2022 को केस की अंतिम सुनवाई की जाए। जिसके बाद से 17 सितंबर तक 7 बार तारीख पड़ चुकी है लेकिन किसी न किसी वजह से फैसला नहीं आ सका है।

टेनी ने मीडिया ट्रायल पर रोक लगाने की गुहार लगाई थी

हाइकोर्ट की लखनऊ बेंच में बीते 26 सितंबर को प्रभात गुप्ता केस की सुनवाई हुई थी। इस तारीख में अजय मिश्रा टेनी ने वकील के माध्यम से कोर्ट से गुहार लगाई थी कि केस का मीडिया ट्रायल बंद कराया जाए। वकील की तरफ से तर्क दिया गया कि मीडिया ट्रायल में अजय मिश्र को एक तरह से दोषी जैसा करार दिया जा रहा है, जबकि वह एक मंत्री हैं। इससे उनकी छवि खराब हो रही है। कोर्ट की बातें बाहर छप रही हैं।

इस पर कोर्ट ने कहा कि अजय मिश्र आरोपी हैं। उनका एक स्टेटस है। इसलिए उनकी खबरें छपती हैं। हम मीडिया कवरेज पर रोक नहीं लगा सकते हैं। हालांकि, सुनवाई के दौरान वकील की यह दलील थी। लिखित में कोर्ट में कुछ नहीं दिया गया है।

कोर्ट ने पहले भी लगाई है फटकार

इससे पहले 6 सितंबर को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने टेनी को फटकार भी लगाई थी। मंत्री के वकील ने केस ट्रांसफर करने की एप्लिकेशन चीफ जस्टिस के यहां लगाने की जानकारी दी। वकील के तर्क के जवाब में जस्टिस रमेश सिन्हा और रेनू अग्रवाल की डबल बेंच ने कहा, "ये संभव नहीं है। पूरा देश समझ रहा है, आप क्या चाहते है।"

यह प्रभात गुप्ता की पुरानी तस्वीर है। इसमें वह अपने साथियों के साथ नजर आ रहे हैं।
यह प्रभात गुप्ता की पुरानी तस्वीर है। इसमें वह अपने साथियों के साथ नजर आ रहे हैं।

2004 से जमानत पर है चारों आरोपी

प्रभात गुप्ता हत्याकांड में 4 लोग नामजद हैं। जिसमें मुख्य आरोपी अजय मिश्रा टेनी भी हैं। इन सभी को लोअर कोर्ट से बरी कर दिया गया था। 2004 में केस की सुनवाई हाईकोर्ट में हो रही है। 2004 में ही इन्हें जमानत मिल गई थी। तभी से चारो आरोपी जमानत पर हैं।

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