10 तस्वीरों में 'मोनू भइया' की पेशी:लखीमपुर कचहरी परिसर में छाया रहा सन्नाटा, शहर भर में घूमती रही RAF; किसानों से शांति की अपील करते रहे अधिकारी

लखीमपुर2 महीने पहले
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लखीमपुर हिंसा मामले में सोमवार को आशीष मिश्र 'मोनू' की पेशी थी। जिसकी वजह से सुबह से ही कचहरी इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया। यहां तक की कचहरी परिसर में भी सन्नाटा पसरा रहा। हालांकि, जिस कोर्ट में आशीष मिश्र की रिमांड पर सुनवाई होनी थी वह कमरा वकीलों से भरा रहा। आशीष की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होने के बाद भी कचहरी परिसर के आसपास अर्धसैनिक बल लगातार गश्त कर रहे थे।

आशीष मिश्र की सुनवाई चल रही थी, उधर तिकोनिया में किसान नेताओं से शांति की अपील करने में जिले के अधिकारी जुटे रहे। दरअसल, मंगलवार को किसानों की अपील पर लगभग 30 हजार से ज्यादा किसान शहीद किसानों की अंतिम अरदास के लिए घटनास्थल से 500 मीटर दूर इकठ्ठा होंगे।

10 तस्वीरों में देखें मोनू भइया की पेशी से लेकर अरदास की तैयारी-

किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए लखीमपुर पुलिस ने सुबह से ही कचहरी परिसर के आसपास बैरिकेडिंग कर दी थी। जिनको न्यायालय में काम था सिर्फ उन्हीं को जाने दिया जा रहा था।
किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए लखीमपुर पुलिस ने सुबह से ही कचहरी परिसर के आसपास बैरिकेडिंग कर दी थी। जिनको न्यायालय में काम था सिर्फ उन्हीं को जाने दिया जा रहा था।
सुबह से ही अर्धसैनिक बलों ने भी अपना मोर्चा संभाल लिया था। अर्धसैनिक बल की एक टुकड़ी लगातार कचहरी और उसके आसपास के इलाकों में गश्त करती रही।
सुबह से ही अर्धसैनिक बलों ने भी अपना मोर्चा संभाल लिया था। अर्धसैनिक बल की एक टुकड़ी लगातार कचहरी और उसके आसपास के इलाकों में गश्त करती रही।
आशीष मिश्र की पेशी लगभग 2 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंगके जरिए हुई। हालांकि, सुबह से ही उनके वकील अवधेश सिंह मौके पर डटे रहे।
आशीष मिश्र की पेशी लगभग 2 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंगके जरिए हुई। हालांकि, सुबह से ही उनके वकील अवधेश सिंह मौके पर डटे रहे।
कचहरी परिसर का गेट जो हमेशा खुला रहता था। सोमवार को बंद कर दिया गया था। जिन्हें अंदर काम था, उन्हें ही एंट्री दी जा रही थी।
कचहरी परिसर का गेट जो हमेशा खुला रहता था। सोमवार को बंद कर दिया गया था। जिन्हें अंदर काम था, उन्हें ही एंट्री दी जा रही थी।
कचहरी परिसर के सामने बनी मार्केट में भी सन्नाटा पसरा रहा। नजर आ रहे थे तो सिर्फ सुरक्षाकर्मी। वहां आसपास की दुकानों को बंद करा दिया गया था।
कचहरी परिसर के सामने बनी मार्केट में भी सन्नाटा पसरा रहा। नजर आ रहे थे तो सिर्फ सुरक्षाकर्मी। वहां आसपास की दुकानों को बंद करा दिया गया था।
कचहरी परिसर के पास एक अर्धसैनिक बल की टुकड़ी भी तैनात रही।
कचहरी परिसर के पास एक अर्धसैनिक बल की टुकड़ी भी तैनात रही।
आशीष की पेशी के वक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी चिंता राम की कोर्ट में लगभग 50 से ज्यादा वकील मौजूद रहे। इस दौरान कमरे के बाहर तक वकीलों की भीड़ केस की अपडेट के लिए जुटी रही।
आशीष की पेशी के वक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी चिंता राम की कोर्ट में लगभग 50 से ज्यादा वकील मौजूद रहे। इस दौरान कमरे के बाहर तक वकीलों की भीड़ केस की अपडेट के लिए जुटी रही।
पुलिस प्रशासन शहीद किसानों के लिए मंगलवार को अंतिम अरदास के कार्यक्रम को लेकर किसान नेताओं से शांति की अपील करता रहा।
पुलिस प्रशासन शहीद किसानों के लिए मंगलवार को अंतिम अरदास के कार्यक्रम को लेकर किसान नेताओं से शांति की अपील करता रहा।
तिकोनिया में मंगलवार को होने वाले अंतिम अरदास की तैयारियां भी लगभग पूरी हो चुकी है। यहां घटनास्थल से लगभग 500 मीटर दूर कक्कड़ फार्म हाउस में 30 एकड़ की जमीन पर किसानों के रुकने की व्यवस्था की जा रही है।
तिकोनिया में मंगलवार को होने वाले अंतिम अरदास की तैयारियां भी लगभग पूरी हो चुकी है। यहां घटनास्थल से लगभग 500 मीटर दूर कक्कड़ फार्म हाउस में 30 एकड़ की जमीन पर किसानों के रुकने की व्यवस्था की जा रही है।
तिकोनिया में 6 राज्यों यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और महाराष्ट्र से लगभग 30 हजार से ज्यादा किसान आने वाले हैं।
तिकोनिया में 6 राज्यों यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और महाराष्ट्र से लगभग 30 हजार से ज्यादा किसान आने वाले हैं।
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