15 तस्वीरों में लखीमपुर में अंतिम अरदास:प्रियंका और जयंत चौधरी पहुंचे, टिकैत बोले- मंत्री का इस्तीफा नहीं हुआ तो लखनऊ में करेंगे महापंचायत

लखीमपुर2 महीने पहले
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लखीमपुर हिंसा में मारे गए किसानों के लिए अंतिम अरदास का कार्यक्रम मंगलवार को हुआ। इसमें 50 हजार से ज्यादा किसान पहुंचे। इनमें कई बड़े चेहरे भी शामिल रहे। हालांकि, मंच पर सियासी चेहरों को बैठने की जगह नहीं मिली। प्रियंका गांधी और जयंत चौधरी ने भी किसानों को श्रद्धांजलि दी। वहीं, किसान नेताओं में योगेंद्र यादव, दर्शन पाल सिंह, बलवीर सिंह राजेवाल और तमाम नेता पहुंचे। राकेश टिकैत ने मंच से ऐलान किया कि अगर केंद्रीय गृहराज्य मंत्री का इस्तीफा नहीं होता है तो हम लखनऊ में किसान महापंचायत करेंगे।

15 तस्वीरों में देखिए अंतिम अरदास की झलकियां-

प्रियंका गांधी दिल्ली से सीधे अंतिम अरदास में शामिल होने के लिए लखीमपुर पहुंचीं। जहां उन्होंने शहीद किसानों को श्रद्धांजलि दी। हालांकि, इस दौरान उन्हें मंच पर जगह नहीं मिली। वह आम लोगों के साथ ही बैठी रहीं।
प्रियंका गांधी दिल्ली से सीधे अंतिम अरदास में शामिल होने के लिए लखीमपुर पहुंचीं। जहां उन्होंने शहीद किसानों को श्रद्धांजलि दी। हालांकि, इस दौरान उन्हें मंच पर जगह नहीं मिली। वह आम लोगों के साथ ही बैठी रहीं।
इस दौरान प्रियंका गांधी किसानों से बातचीत करती भी दिखीं। पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रियंका ने मीडिया से भी बातचीत नहीं की।
इस दौरान प्रियंका गांधी किसानों से बातचीत करती भी दिखीं। पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रियंका ने मीडिया से भी बातचीत नहीं की।
रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी भी अरदास कार्यक्रम में पहुंचे। उन्हें भी मंच पर जगह नहीं मिली। वह किसान नेता राकेश टिकैत के साथ काफी देर तक बैठे रहे।
रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी भी अरदास कार्यक्रम में पहुंचे। उन्हें भी मंच पर जगह नहीं मिली। वह किसान नेता राकेश टिकैत के साथ काफी देर तक बैठे रहे।
किसान नेता राकेश टिकैत अंतिम अरदास में शामिल होने सोमवार रात ही लखीमपुर पहुंच गए थे। आज अरदास कार्यक्रम में उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मंत्री का इस्तीफा नहीं होता है तो लखनऊ में किसान महापंचायत का आयोजन किया जाएगा।
किसान नेता राकेश टिकैत अंतिम अरदास में शामिल होने सोमवार रात ही लखीमपुर पहुंच गए थे। आज अरदास कार्यक्रम में उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मंत्री का इस्तीफा नहीं होता है तो लखनऊ में किसान महापंचायत का आयोजन किया जाएगा।
किसानों के संघर्ष में खड़े रहे योगेंद्र यादव भी सोमवार रात को ही लखीमपुर पहुंच गए थे। आज अपने साथियों संग उन्होंने अंतिम अरदास कार्यक्रम में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। उन्हें मंच पर भी जगह दी गई है।
किसानों के संघर्ष में खड़े रहे योगेंद्र यादव भी सोमवार रात को ही लखीमपुर पहुंच गए थे। आज अपने साथियों संग उन्होंने अंतिम अरदास कार्यक्रम में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। उन्हें मंच पर भी जगह दी गई है।
कार्यक्रम में किसान नेता दर्शनपाल सिंह (स्काई ब्लू शर्ट में) भी पहुंचे हैं। बताया जाता है कि किसान आंदोलन में एक साथ 31 संगठनों को इन्होंने एक झंडे के नीचे खड़ा किया हुआ है। अंतिम अरदास कार्यक्रम की समाप्ति की घोषणा इन्होंने ही की है।
कार्यक्रम में किसान नेता दर्शनपाल सिंह (स्काई ब्लू शर्ट में) भी पहुंचे हैं। बताया जाता है कि किसान आंदोलन में एक साथ 31 संगठनों को इन्होंने एक झंडे के नीचे खड़ा किया हुआ है। अंतिम अरदास कार्यक्रम की समाप्ति की घोषणा इन्होंने ही की है।
बलवीर सिंह राजेवाल ने मंच से एलान किया कि हमारा हर प्रदर्शन शांतिपूर्ण होगा। सरकार को मंत्री से इस्तीफा लेना ही होगा। साथ ही तीनों काले कृषि कानून वापस लेने होंगे।
बलवीर सिंह राजेवाल ने मंच से एलान किया कि हमारा हर प्रदर्शन शांतिपूर्ण होगा। सरकार को मंत्री से इस्तीफा लेना ही होगा। साथ ही तीनों काले कृषि कानून वापस लेने होंगे।
अंतिम अरदास कार्यक्रम में पंजाबी एक्ट्रेस सोनिया मान सिंह भी पहुंचीं। इससे पहले वे बहराइच में मृतक किसान गुरविंदर के घर पर दिखी थीं। वे किसानों के समर्थन में यहां पहुंची हैं।
अंतिम अरदास कार्यक्रम में पंजाबी एक्ट्रेस सोनिया मान सिंह भी पहुंचीं। इससे पहले वे बहराइच में मृतक किसान गुरविंदर के घर पर दिखी थीं। वे किसानों के समर्थन में यहां पहुंची हैं।
जय किसान आंदोलन संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दीपक लाम्बा भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। वह योगेंद्र यादव के साथ ही सोमवार रात ही लखीमपुर पहुंच गए थे।
जय किसान आंदोलन संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दीपक लाम्बा भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। वह योगेंद्र यादव के साथ ही सोमवार रात ही लखीमपुर पहुंच गए थे।
अंतिम अरदास में जो भी पहुंचा सबने पहले फूल चढ़ाकर मृतक किसानों को श्रद्धांजलि दी।
अंतिम अरदास में जो भी पहुंचा सबने पहले फूल चढ़ाकर मृतक किसानों को श्रद्धांजलि दी।
मंच पर कुछ किसान नेता और शहीद किसानों के परिजनों को ही जगह दी गई।
मंच पर कुछ किसान नेता और शहीद किसानों के परिजनों को ही जगह दी गई।
कार्यक्रम में देश भर से महिलाएं भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए पहुंचीं। पंडाल में बड़ी संख्या महिलाओं की भी रही।
कार्यक्रम में देश भर से महिलाएं भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए पहुंचीं। पंडाल में बड़ी संख्या महिलाओं की भी रही।
सबने शीश नवां कर मृतक किसानों को नमन किया। साथ ही साथ गुरुवाणी भी पंडाल में चलती रही।
सबने शीश नवां कर मृतक किसानों को नमन किया। साथ ही साथ गुरुवाणी भी पंडाल में चलती रही।
देश के 5 राज्यों से 50 हजार से ज्यादा किसान अंतिम अरदास के कार्यक्रम में पहुंचे।
देश के 5 राज्यों से 50 हजार से ज्यादा किसान अंतिम अरदास के कार्यक्रम में पहुंचे।
मंच पर शहीद किसानों के परिजन जहां अपने बच्चों की तस्वीरें लिए बैठे रहे। वहीं मंच पर उन अस्थि कलश को भी रखा गया। जिन्हें अलग-अलग जिलों में स्थानीय नदियों में प्रवाहित किया जाएगा।
मंच पर शहीद किसानों के परिजन जहां अपने बच्चों की तस्वीरें लिए बैठे रहे। वहीं मंच पर उन अस्थि कलश को भी रखा गया। जिन्हें अलग-अलग जिलों में स्थानीय नदियों में प्रवाहित किया जाएगा।
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