कांग्रेस के विरोध में लगे पोस्टर:लखनऊ से लखीमपुर तक लगे हैं होर्डिंग्स, लिखा है-नहीं चाहिए फर्जी सहानुभूति; प्रियंका गांधी पहुंची हैं अंतिम अरदास में

लखीमपुर2 महीने पहले
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1984 दंगे को याद करते हुए कांग्रेस पर तंज कसते हुए पोस्टर जगह जगह लगाए गए हैं।     - Dainik Bhaskar
1984 दंगे को याद करते हुए कांग्रेस पर तंज कसते हुए पोस्टर जगह जगह लगाए गए हैं।    

लखीमपुर हिंसा में मारे गए किसानों के लिए तिकोनिया में आयोजित अंतिम अरदास कार्यक्रम में देश भर से किसान पहुंच रहे हैं। इस कार्यक्रम में प्रियंका गांधी भी पहुंची हैं। इससे पहले लखीमपुर जिले में जगह जगह कांग्रेस पर तंज कसते पोस्टर लगा दिया गया है। इन पोस्टर्स में कांग्रेस पर 1984 के दंगों को लेकर तंज किया गया है। लिखा गया है कि 'नहीं चाहिए फर्जी सहानुभूति, 1984 के सिखों के नर संहार के जिम्मेवार आज सिखों के जख्मों पर नमक न डालें।'

लखीमपुर हिंसा में कांग्रेस की सक्रियता पर तंज

ऐसे पोस्टर लखनऊ से लेकर लखीमपुर तक लगाए गए हैं। कहीं दसमेश सेवा सोसाइटी के अध्यक्ष सतपाल सिंह मीत के हवाले से यह पोस्टर लगाया गया है तो कहीं सरदार रविंदर सिंह भसीन के नाम से पोस्टर लगाया गया है।

ऐसे पोस्टर लखनऊ से लेकर लखीमपुर तक लगाए गए हैं।
ऐसे पोस्टर लखनऊ से लेकर लखीमपुर तक लगाए गए हैं।

क्या फायदा मिलेगा कांग्रेस को ?

राजनैतिक जानकर मानते हैं कि कांग्रेस समेत पूरे विपक्ष को लखीमपुर हिंसा के रूप में सत्ता पक्ष के खिलाफ बड़ा मुद्दा मिल गया है। यही वजह है कि प्रियंका गांधी इस मुद्दे को अपने हाथों से छोड़ना नहीं चाहती है। इससे कांग्रेस को 4 फायदे भी मिल सकते हैं।

  • 1984 के दंगों को लेकर सिखों के मन में जो बर्फ जमी है। उसे पिघलाने की कोशिश मानी जा रही है।
  • 5 महीने बाद यूपी में चुनाव है। ऐसे में शीर्ष नेतृत्व के एक्टिव होने से कार्यकर्ताओं में भी जोश आता है। खासकर कांग्रेस के लिए यह जरूरी है। प्रियंका ने कार्यकर्ताओं में जोश भरा है।
  • पंजाब में भी यूपी के साथ ही चुनाव होने हैं। लखीमपुर हिंसा पर एक्टिव कांग्रेस इस घटना से वहां भी सियासी फायदा उठाना चाहती है।
  • यूपी चुनाव प्रभारी प्रियंका गांधी की छवि भी इस घटना के बाद मजबूत विपक्ष की नेता के तौर पर उभर के सामने आई है।
माना जा रहा है कि लखीमपुर हिंसा में प्रियंका गांधी के एक्टिव होने के बाद कांग्रेस विरोध में ऐसे पोस्टर लगाये गये हैं।
माना जा रहा है कि लखीमपुर हिंसा में प्रियंका गांधी के एक्टिव होने के बाद कांग्रेस विरोध में ऐसे पोस्टर लगाये गये हैं।

लखीमपुर हिंसा को हिंदू बनाम सिख बनाया जा रहा

सांसद वरुण गांधी ने रविवार को ट्वीट करते हुए लिखा था कि लखीमपुर खीरी को हिंदू बनाम सिख लड़ाई में बदलने की कोशिश की जा रही है। यह न केवल एक अनैतिक और झूठा आख्यान है, इन दोषों की रेखाएं बनाना और उन घावों को फिर से कुरेदेगा खतरनाक है। हमें राष्ट्रीय एकता से ऊपर राजनीतिक लाभ नहीं रखना चाहिए।

ट्वीट करके वरुण ने उठाई किसानों की आवाज।
ट्वीट करके वरुण ने उठाई किसानों की आवाज।

क्या था 1984 का दंगा ?

31 अक्टूबर 1984 को इंदिरा गांधी की उनके ही सुरक्षाकर्मियों ने हत्या कर दी थी। जिसके बाद सिख विरोधी दंगे भड़क गए थे। जांच रिपोर्ट कहती है कि देश भर में इस सिख विरोधी दंगों में लगभग 5000 निर्दोष सिख मारे गए। इसी दंगे को याद करते हुए कांग्रेस पर तंज कसते हुए पोस्टर जगह जगह लगाए गए हैं।

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