अंकित-लतीफ से लखनऊ में SIT की पूछताछ:अंकित के फ्लैट से बरामद की गई रिवॉल्वर, लखीमपुर हिंसा के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री के होटल में छिपा था

लखीमपुर2 महीने पहले
अंकित दास और उसके साथी लतीफ को SIT लेकर पहुंची लखनऊ।

लखीमपुर हिंसा का रीक्रिएशन करने के बाद शुक्रवार को SIT टीम पूर्व केंद्रीय मंत्री के आरोपी भतीजे अंकित दास और उसके साथी लतीफ को लेकर लखनऊ पहुंची है। SIT टीम हुसैनगंज स्थित MI अपार्टमेंट में आरोपी अंकित के फ्लैट पहुंची। यहां से एक रिवॉल्वर व रिपीटर (बंदूक) बरामद की गई। इसके बाद आरोपियों को फन मॉल के पास स्थित सागर सोना होटल ले जाया गया।

पुलिस के मुताबिक, हिंसा के बाद अंकित डर कर इसी होटल में छिपा था और उसके बाद ही नेपाल भाग गया था। मुख्य आरोपी आशीष की गिरफ्तारी के बाद ही अंकित ने सरेंडर किया। यह होटल अंकित के चाचा पूर्व केंद्रीय मंत्री अखिलेश दास का ही है।

बीते दिन हुआ था घटनाक्रम का सीन रीक्रिएशन
गुरुवार को SIT टीम मुख्य आरोपी आशीष मिश्र और उसके दोस्त अंकित दास को घटनास्थल लखीमपुर के तिकुनिया ले गई थी। जहां करीब 2 घंटे तक हिंसा का रीक्रिएशन किया गया। इस दौरान कुछ पुलिस ने 'कृषि कानून को वापस लो...नारेबाजी कर काले झंडे दिखाए और कुछ ने पुलिस जीप पर बैठकर किसानों के पुतलों को रौंदा। 3 अक्टूबर को हुई इस हिंसा का पूरा सीन रीक्रिएशन किया गया।

14 अक्टूबर को SIT टीम ने आशीष मिश्र और अंकित दास को घटनास्थल ले जाकर हिंसा का रीक्रिएशन किया था।
14 अक्टूबर को SIT टीम ने आशीष मिश्र और अंकित दास को घटनास्थल ले जाकर हिंसा का रीक्रिएशन किया था।

15 घंटे पहले आशीष को भेज दिया जेल
लखीमपुर हिंसा मामले में रिमांड पूरी होने के 15 घंटे पहले ही आशीष मिश्र को जेल भेज दिया गया है। शुक्रवार सुबह 10 बजे तक रिमांड पूरा होती। इससे पहले ही गुरुवार रात 7 बजे के करीब उसे जेल भेज दिया गया।

नेपाल भाग गया था अंकित दास
SIT की पूछताछ में अंकित दास ने बताया कि वह घटना के बाद डरकर लखनऊ स्थित घर आया। यहां पुलिस की दबिश के डर से होटल चला गया, जहां से एक दोस्त की गाड़ी लेकर नेपाल चला गया। टीवी पर आशीष की गिरफ्तारी की जानकारी होने पर वकील से संपर्क कर हाजिर हुआ।

3 अक्टूबर को लखीमपुर में हिंसा हुई थी।
3 अक्टूबर को लखीमपुर में हिंसा हुई थी।

लखीमपुर में 3 अक्टूबर को भड़की थी हिंसा
3 अक्टूबर (रविवार) को किसानों ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र का विरोध करते हुए काले झंडे दिखाए थे। इसी दौरान एक गाड़ी ने किसानों को कुचल दिया था। इसमें चार किसानों की मौत हो गई थी। इसके बाद हिंसा भड़क गई थी। आरोप है कि भड़की हिंसा के दौरान किसानों ने एक ड्राइवर समेत चार लोगों को पीट-पीटकर मार डाला था। जिसमें एक पत्रकार भी मारा गया था। इस मामले में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्र समेत 15 लोगों के खिलाफ हत्या और आपराधिक साजिश का केस दर्ज किया गया था।