'खेत-खेती किसान बचाओ यात्रा' 11 नवंबर से:गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र की गिरफ्तारी-बर्खास्तगी के लिए खीरी समेत कई जिलों में पदयात्रा और रैलियां

गाजियाबाद8 महीने पहले
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टीकरी बॉर्डर पर हादसे में मारी गई तीन प्रदर्शनकारी महिला किसानों की आत्मशांति के लिए संयुक्त किसान मोर्चा के मंच पर प्रार्थनासभा हुई। - Dainik Bhaskar
टीकरी बॉर्डर पर हादसे में मारी गई तीन प्रदर्शनकारी महिला किसानों की आत्मशांति के लिए संयुक्त किसान मोर्चा के मंच पर प्रार्थनासभा हुई।

लखीमपुर खीरी हिंसा में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र उर्फ टेनी की गिरफ्तारी और बर्खास्तगी की मांग को लेकर किसानों का विरोध बढ़ता जा रहा है। संयुक्त किसान मोर्चा ने गुरुवार शाम ऐलान किया है कि 11 नवंबर से 'खेत-खेती किसान बचाओ यात्रा' खीरी जिले के पलिया से शुरू होगी। 13 नवंबर को निघासन में बड़ी सभा के साथ इसका समापन होगा। इस यात्रा की अगुवाई अखिल भारतीय किसान महासभा करेगी। 11, 12 और 13 नवंबर को खीरी के अलावा प्रदेश के अन्य जिलों खासकर पूर्वांचल में पदयात्रा, उपवास, धरना और रैलियां आयोजित की जाएंगी।
खीरी में तीन अक्तूबर को क्या हुआ?
तीन अक्तूबर को लखीमपुर खीरी में डिप्टी सीएम केशव मौर्य और केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी का प्रोग्राम था। किसान इसका विरोध कर रहे थे। इस दौरान थार गाड़ी से प्रदर्शनकारी किसानों को कुचल दिया गया। इसमें चार किसानों व एक पत्रकार की मौत हो गई। इसके बाद हिंसा हो गई। इस हिंसा में भी बीजेपी से जुड़े तीन लोग मारे गए। मंत्री के पुत्र आशीष मिश्र पर हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ। आशीष मिश्र समेत कई लोग जेल जा चुके हैं। अब किसानों की मांग है कि मंत्री को भी इस केस में जेल भेजकर बर्खास्त किया जाए। इसे लेकर किसान लगातार आंदोलनरत हैं।
किसानों की मांग में मंत्री मुद्दा भी जुड़ा
संयुक्त किसान मोर्चा (यूपी) के मीडिया प्रभारी चंद्रपाल सिंह ने बताया कि जब तक लखीमपुर खीरी हिंसा में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी की गिरफ्तारी नहीं हो जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। पहले हमारी मांग तीन कृषि कानूनों को रद करने की थी, अब इसमें एक मांग मंत्री की बर्खास्तगी भी जुड़ गई है।